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अरबो रुपये खर्च ग्रामीणों की नही बुझी प्यास,6 साल से बन रही पानी की टंकियां, कहीं टूटी पाइप लाइन तो कहीं अधूरा पड़ा निर्माण

Gonda Jal Jeevan Mission: गोंडा में जल जीवन मिशन पर अरबों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है। 6 साल से पानी की टंकियों का निर्माण हो रहा है। लेकिन अब भी अधिकांश जगह पर अधूरा है। कई जगह पाइपलाइन टूटी पड़ी है। जांच में अधिकांश परियोजनाएं अधूरी मिलीं। जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

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ग्राम पंचायत भैरमपुर में सफेद हाथी बनकर खड़ी पानी की टंकी फोटो सोर्स पत्रिका

ग्राम पंचायत भैरमपुर में सफेद हाथी बनकर खड़ी पानी की टंकी फोटो सोर्स पत्रिका

गोंडा जिले में ग्रामीणों को स्वच्छ जल आपूर्ति करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत जिले के करीब 1192 ग्राम पंचायत पानी की टंकियां का निर्माण कराया जाना था। अधिकांश ग्राम पंचायत में पानी की टंकियां बनकर तैयार हो गई। लेकिन पाइपलाइन की कमी और जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते आज भी 90 प्रतिशत ग्राम पंचायत सुचारू रूप से जलापूर्ति नहीं हो रही है।

जिले में जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्र में घरों में स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए पानी की टंकियों का निर्माण 6 पहले शुरू हुआ था। लेकिन जिले की 90 प्रतिशत ग्राम पंचायत में आज भी पानी की आपूर्ति सुचार रूप से नहीं हो रही है। पत्रिका ने जब इसकी पड़ताल किया तो ग्रामीणों का दर्द उभर कर सामने आ गया। लोगों का कहना है कि हमारे यहां पानी की टंकियां तो बन गई है। लेकिन पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद गांव में पानी की सप्लाई अभी तक शुरू नहीं हो सकी। कुछ ग्राम पंचायत में पानी सप्लाई का काम शुरू हुआ था। लेकिन मानक बिहीन कार्यों के कारण वहां भी आपूर्ति ठप हो गई।

सफेद हाथी बनी पानी की टंकियां, करोड़ों खर्च के बाद भी ग्रामीणों को नहीं मिला स्वच्छ पेयजल

जिले की 1192 ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन के जरिए स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की कवायद अरसे से चल रही है। इससे पहले भी विभिन्न योजनाओं के जरिए ग्राम पंचायतों में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया था। निर्माण के बाद इन टंकियों के संचालन का जिम्मा ग्राम पंचायतों को सौंप दिया गया। लेकिन संसाधनों के अभाव में ग्राम पंचायतें इन टंकियों की उचित देखरेख नहीं कर सकी। जिसकी वजह से तमाम टंकियां सिर्फ सफेद हाथी बनकर रह गई।

158 परियोजनाओं पर अभी चल रहा काम

जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि जिले की 158 पर अभी काम चल रहा है। जबकि करीब 2 वर्ष पहले निर्मित 148 पेयजल परियोजनाओं को क्रियाशील करने के लिए शासन स्तर पिछले वर्ष से नई एजेंसी नामित हुई है। यह एजेंसी दस साल तक इन टंकियों की देखरेख करेगी। जानकारों के मुताबिक जल जीवन मिशन के तहत जिले में सुस्त गति से पानी की टंकियों के निर्माण का काम चल रहा है।

तत्कालीन डीएम की जांच में खुली थी परियोजनाओं के पूरी होने की पोल, 145 में 141 मिली अधूरी

तत्कालीन डीएम नेहा शर्मा ने अफसरों की कमेटी बनाकर जांच के निर्देश दिए थे। कमेटी की जांच में जिन 145 परियोजनाओं को पूरा दिखाया गया था। उसमें 141 परियोजनाएं अधूरी मिली। फिलहाल सच्चाई तो यह है कि जिले की 90 प्रतिशत ग्राम पंचायत में सुचार रूप से जलापूर्ति नहीं हो रही है। बानगी के तौर पर पेश है। जिले के कुछ ग्राम पंचायत के ग्रामीण और वहां के जनप्रतिनिधियों की जुबानी

गांव में पानी सप्लाई की कहानी, ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों की जुबानी

गोंडा जिले के रुपईडीह विकासखंड की ग्राम पंचायत भैरमपुर के प्रधान प्रतिनिधि रवि कुमार मिश्रा ने बताया कि उनके ग्राम पंचायत में सप्लाई के लिए जो पाइपलाइन बिछाई गई थी। वह अधिकांश जगहों पर डैमेज हो चुकी है। ग्राम पंचायत के कई मजरों में अभी तक पाइपलाइन बिछाई ही नहीं गई है। स्थिति यह है कि पानी की सप्लाई के लिए जो टोटियां लगाई गई थी। वह भी खराब पड़ी है। कई बार जिम्मेदारों से इसकी शिकायत की गई। लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। हमारे ग्राम पंचायत में वर्तमान समय में कुछ घरों को छोड़ दिया जाए। तो लगभग गांव में सप्लाई नहीं हो रही है। कई जगह पर जो पाइपलाइन बिछाई गई थी। वह टूट गई है। जिससे पानी का रिसाव हो रहा है।

रूपईडीह विकासखंड की ग्राम पंचायत बेलवाभान के रहने वाले जिला पंचायत सदस्य मनोज शुक्ला ने बताया कि मेरे ग्राम पंचायत में करीब 2 वर्ष पहले पानी की टंकी का निर्माण शुरू हुआ था। जो अधूरा पड़ा है। पानी के सप्लाई की बात क्या कहीं जाए। अभी तक टंकी का निर्माण ही पूरा नहीं हो सका।

ग्राम पंचायत जेठपुरवा के रहने वाले कृष्ण कुमार तिवारी ने बताया कि हमारे ग्राम पंचायत में पानी की टंकी का निर्माण कार्य पूरा हो गया कुछ पाइपलाइन भी बिछाई गई है। तथा कुछ जगहों पर अधूरी पड़ी हुई है। पानी सप्लाई को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि जब अभी पाइपलाइन ही पूरी तरह से बिछाई नहीं गई है। तो फिर सप्लाई कैसे होगी। अभी मेरे यहां ग्राम पंचायत के किसी भी मजरे में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है।

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