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काशी विश्वनाथ, विंध्यवासिनी कॉरिडोर के लिए काम कर चुकी यह टीम अब इस मंदिर को संवारेगी,51 शक्तिपीठों का होगा समावेश

locationगोंडाPublished: Dec 12, 2023 04:32:58 pm

Submitted by:

Mahendra Tiwari

काशी विश्वनाथ और विंध्यवासिनी कॉरिडोर के लिए काम कर चुकी आर्किटेक्ट की टीम यूपी के इस मंदिर को संवारने के लिए हाईटेक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। यहां पर 51 शक्तिपीठों का समावेश होगा। जानिए इसकी विशेषता

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बलरामपुर जिले के तुलसीपुर स्थित शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर को नया लुक देने के लिए तैयारी शुरू हो गई है।काशी विश्वनाथ एवं विंध्यवासिनी कॉरिडोर के लिए काम कर चुकी आर्किटेक्ट की टीम ने हाईटेक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। यहां पर देश के 51 शक्तिपीठों का समावेश होगा। नये वर्ष से पहले चरण का काम शुरू हो जाएगा।
बलरामपुर जिले के तुलसीपुर स्थित शक्तिपीठ मां देवीपाटन धाम को पर्यटन स्थल के रुप विकसित करने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। इस मंदिर को काशी विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। डीएम ने योजना को आगे बढ़ते हुए आर्किटेक्ट टीम एवं विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास की रूपरेखा पर गहन चर्चा की। तीन घंटे तक चली बैठक में डीएम ने मंदिर को नया स्वरूप देने एवं कॉरिडोर विकसित करने के प्रेजेंटेशन के एक एक बिंदु को गहनता से देखा एवं विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा की। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने कहा कि मंदिर को एकीकृत थीम के साथ डेवलप किया जाए। जिससे कि आने वाले श्रद्धालुओं में अच्छा भाव आए।आर्किटेक्ट की टीम ने नागर शैली एवं द्रविड़ शैली का समावेश करते हुए तैयार किए गए प्रेजेंटेशन को दिखाया गया।
मंदिर में नागर और द्रविड़ शैली के साथ नाथ संप्रदाय से जुड़े, बिंदु होंगे समाहित

जिलाधिकारी ने बताया कि मंदिर के विकास में नागर शैली और द्रविड़ शैली के साथ-साथ नाथ संप्रदाय से जुड़े हुए बिंदुओं को अनिवार्य रूप से समाहित किया जाएगा। मंदिर के उच्चीकरण एवं सुंदरीकरण में प्रशासनिक भवन, पार्क, बहुउद्देशीय हाल, लेजर शो, लाइब्रेरी, फव्वारा, शॉपिंग एरिया, पब्लिक प्लाजा, बच्चों के लिए विशेष ध्यान रखते हुए सुविधाओं से युक्त हाईटेक पार्क, श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए भवन, बोटिंग सुविधा, पार्किंग इत्यादि का बेहतरीन प्रबंध रहेगा मंदिर के उच्चीकरण एवं सुंदरीकरण में राजस्थान से पिक सैंड मार्बल का उपयोग किया जाएगा। मंदिर तीन जोन में विभाजित रहेगा जिसमें आवासीय जोन, स्पिरिचुअल जॉन तथा कल्चरल एवं पब्लिक जोन बनेगा। भवन की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए फसाड लाइट्स का प्रयोग किया जाएगा। लेज़र शो के लिए थीम पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही थीम के साथ लैंडस्केप पर रिसर्च कर कार्यों को कराया जाएगा।
मंदिर में 51 शक्तिपीठों को समाहित करते हुए तैयार की जाएगी प्रदर्शनी

जिलाधिकारी ने बैठक में आर्किटेक्ट की टीम को निर्देश दिए की मंदिर को उच्चीकृत करने में नाथ संप्रदाय से संबंधित सभी बिंदुओं को अच्छे से जान ले। उसको प्रोजेक्ट में शामिल करें। जिलाधिकारी ने बताया कि आगामी जनवरी माह से फसाड लाइट्स लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा। इसके अलावा मंदिर में सभी 51 शक्तिपीठों को समाहित करते हुए प्रदर्शनी तैयार की जाएगी। प्रदर्शनी में नाथ संप्रदाय से जुड़ी तमाम जानकारियों का संकलन भी देखने को मिलेगा।
उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मंदिर परिक्षेत्र के आसपास भूमि का सर्वे कर लें कि आसपास सरकारी जमीन कितनी है एवं निजी व्यक्तियों की भूमि कितनी है। इसका विवरण एकत्रित कर लें।

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