एक ऐसी कोतवाली जो अपने ही प्रांगण की नहीं कर सकती रिर्पोट दर्ज

एक ऐसी कोतवाली जो अपने ही प्रांगण की नहीं कर सकती रिर्पोट दर्ज

Mahendra Pratap | Publish: Dec, 07 2017 11:58:18 AM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

जनपद में डीजीपी कार्यालय द्वारा एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर को एक विशेष सूचना दी गई।

गोण्डा. जनपद में डीजीपी कार्यालय द्वारा एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर को एक विशेष सूचना दी गई। इस सूचना के अनुसार तत्कालीन एडीजी अपराध अभय कुमार प्रसाद, आईजी रूल्स एवं मैन्युअल अमिताभ ठाकुर, आईजी एटीएस असीम अरूम तथा आईजी पीएचक्यू पी के मिश्र की समिति ने गोरखपुर जोन में तत्काल 24 नए थाने स्थापित किए जाने की संस्तुति की है। जिसे डीजीपी द्वारा अग्रिम कार्रवाई के लिए पीएचक्यू भेजा गया है।

इनमें गोरखपुर में रामगढ़, देवरिया में 02 थाने महुआडीह व बरिआरपुर, महराजगंज में 02 नए थाने भिटौली तथा सिन्दुरिया, बस्ती में 02 नए थाने कुदरहा व महराजगंज, गोंडा में 03 थाने डुमरियागंज, गौरा व बालपुर, बलरामपुर में 02 थाने श्री दत्तगंज व गैंडास बुजुर्ग, संत कबीर नगर में 05 थाने बेलहर कला, पौली, लोहरैया, काली जगदीशपुर व कांटे, कुशीनगर में 02 नए थाने चौराखास व पकरियार, बहराइच में 02 नए थाने बेवाही व मटेरा, सिद्धार्थनगर में 02 नए थाने बर्डपुर व बढ़नी तथा श्रावस्ती में हरदत्त नगर गिरंट शामिल हैं।

नूतन को दी गई सूचना के अनुसार इस समिति ने कहा गया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस में सरकार द्वारा तय मानक के अनुसार आवश्यक पुलिस थानों में मात्र 50% थाने ही उपलब्ध हैं। पूरे राज्य में 2891 थानों की जगह मात्र 1463 उपलब्ध हैं और 1428 थानों की कमी है। इस समिति द्वारा यह कमी प्रत्येक वर्ष 150 नए पुलिस थाने खोलते हुए 10 वर्षों में भरे जाने की संस्तुति की गई है।

प्रांगण में घटी घटना नहीं दर्ज कर सकती कोतवाली

गोण्डा मुख्यालय पर कोतवाली देहात ऐसा थाना है जिसके प्रांगण में भी कोई घटना हो जाए तो वह अपने थाने में रिपोर्ट नहीं लिख सकता है अगर लिखता भी है तो अपराध संख्या जीरो लिखकर डेढ़ किलोमीटर दूर कोतवाली को ट्रांसफर करना पड़ेगा। यही नहीं कोतवाली देहात नगर में स्थित है लेकिन इसकी सीमा लगभग 5 किमी बाद से शुरू होता है। नगर और देहात कोतवाली दोनों नगर में ही स्थित है जबकि नगर में ही दो कोतवाली की आवश्‍यकता है।

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