जब मंच से उतरकर मालिनी अवस्थी करने लगीं नागिन डांस... देखें वीडियो

जब मंच से उतरकर मालिनी अवस्थी करने लगीं नागिन डांस... देखें वीडियो

Hariom Dwivedi | Publish: Mar, 14 2018 05:20:18 PM (IST) | Updated: Mar, 14 2018 05:28:23 PM (IST) Gonda, Uttar Pradesh, India

गोंडा महोत्सव में लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने लोकगीतों, कजली, फाग, देवीगीतों और चैती जैसे गानों से बांधा समां...

गोण्डा. शहीदे आजम भगत सिंह कॉलेज के मैदान में चल रहे चार दिवसीय गोंडा महोत्सव के चौथे और आखिरी दिन की शाम लोक गायिका मालिनी अवस्थी के नाम रही। लोक गायिका मालिनी अवस्थी के लोकगीतों, फिल्मी तरानों और कजली के गीतों पर दर्शक जमकर झूमे। अपने अंदाज में मालिनी मंच से उतरकर जनता के बीच में आईं तो लोगों ने उनकी स्वर लहरियों का जमकर लुत्फ उठाया। एक ओर जहां मालिनी नें प्रशंसकों के फरमाइशी गानों पर जमकर ठुमके लगाये, वहीं मालिनी के लोकगीतों, कजली, फाग, देवीगीतों और चैती जैसे गानों पर लोग झूमने पर मजबूर हो गए। उनके नागिन डांस ने दर्शकों को बलखाने पर मजबूर कर दिया।

 

नरेश अग्रवाल पर मौन

पत्रकारों से बातचीत में मालिनी ने लोकगीतों को आज भी युवाओं के लिए बेहतर बताया। उन्होंने साफ किया कि आज का युवा आधुनिक गीतों को गुनगुना रहा है। साथ ही सूफी, शास्त्रीय और लोकगीतों को भी पसन्द कर रहा है। अक्सर महिलाओं कलाकारों पर टिप्पणी करने वाले और भाजपा में शामिल होने वाले नेता नरेश अग्रवाल के सवाल पर बचती नजर आईं और चलती बनीं।

मालिनी ने कहा कि गोण्डा तपस्वियों की धरती है
मालिनी अवस्थी कोई नया नाम नहीं, जिनके कार्यक्रम की जानकारी होने पर जैसे पूरा सैलाब उमड़ आया था। मालिनी द्वारा देवी गीत से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद तो फरमाइश की बाढ़ आ गयी और फिर एक एक करके गीतों की झड़ी लगा दी। उनके गीतों पर युवक युवक ही थे महिलाएं भी झूमने लगीं।

जब मंच से नीचे आ गयीं मालिनी
मालिनी मंच से नीचे आकर गीत गाने लगी तो सुरक्षा के दृष्ट से पूरा पुलिस अमला उनको सुरक्षा के घेरे में ले लिया, लेकिन मालिनी ने सबको रोक दिया कहा कि जब अब तक कुछ नहीं हुआ तो अब क्या होगा। एक महिला दरोगा को कहा ये मेरी बहन है और ये काफी है। फिर क्या था नागिन डांस किया जिससे लोग झूमने को मजबूर हो गए। आधे दर्जन से अधिक गाने गीत वो मंच से नीचे ही गायीं।

जल्दबाजी में बिंदी लगाना भूल गईं मालिनी
मालिनी अवस्थी बिंदी लगाना भूल गयीं तो मंच पर एक महिला ने बिंदी उपलब्ध कराई जो छोटी थी तो मालिनी ने कहा ये छोटी है। मैं बड़ी बिंदी लगाती हूं, फिर क्या रहा आनन-फानन में बाजार से बड़ी बिंदी मंगाई गई, जिसे जिलाधिकारी की पत्नी ने मालिनी को उपलब्ध कराई। मालिनी ने कहा कि जब में पढ़ रही थी तो जिलाधिकारी की पत्नी मेरी जूनियर थी।

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