अब आर्थिक गणना के माध्यम से खोजे जाएंगे विकास के आयाम, खास तरीके से होगी मॉनिटरिंग

जनपद मुख्यालय के झंझरी विकासखंड के ग्राम पंचायत हारिपुर के परिषदीय विद्यालय में जिलाधिकारी ने बैठक कर सातवीं आर्थिक गणना का शुभारंभ किया।

By: Neeraj Patel

Published: 06 Jan 2020, 02:36 PM IST

गोण्डा. जनपद मुख्यालय के झंझरी विकासखंड के ग्राम पंचायत हारिपुर के परिषदीय विद्यालय में जिलाधिकारी ने बैठक कर सातवीं आर्थिक गणना का शुभारंभ किया। इस आर्थिक गणना के माध्यम से गांव के प्रत्येक परिवार की आर्थिक गतिविधियों तथा उद्यम की जानकारी डिजिटल डेटा के माध्यम से जुटाई जाएगी। इसके लिए एक विशेष ऐप विकसित किया गया है जिसका नाम इकोनॉमी सेंसस 7.0 है। इस ऐप के माध्यम से सारे डेटा को इकठ्ठा किया जाएगा। आर्थिक गणना का मुख्य उद्देश्य गांव की आर्थिक गतिविधियों की पड़ताल करने के साथ-साथ निर्बल एवं असहाय लोगों को भी इस डिजिटल डेटा के माध्यम से आसानी से चिन्हित किया जा सकेगा।

जिले के 16 विकासखंड के 1821 राजस्व गांवों के मजरों सहित एक साथ सातवी आर्थिक गणना की शुरुआत हो चुकी है। इसकी निगरानी के लिए वीएलई को सुपरवाइजर नामित किया गया है। यह विलेज लेवल इलिमनेटर आर्थिक गणना में प्रगणकों की निगरानी डिजिटल माध्यम से करेंगे। साथ उन्हें इस गणना में भाग लेने के लिए सहयोग भी करेंगे। कॉमन सर्विस सेंटर के संचालक विलेज लेवल एलिमनेटर की तैनाती करेंगे, इसके लिए इन्हें प्रशिक्षित भी किया गया है।

इसके पश्चात शुरुआती दौर में वीएलई द्वारा कलेक्ट डेटा को सीएससी को भेजा जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग के लिए अपर सांख्यिकी अधिकारी, एन एस एस ओ, तथा जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त नामित किए गए हैं। खास तौर से गांवों में लगे उद्यम की विशेष गणना की जाएगी। जिसमें कृषि शामिल नहीं है, लेकिन यदि उसका कमर्शियल उपयोग हो रहा है तो उसका भी डेटा इकठ्ठा किया जाएगा।

जिलाधिकारी डॉ नितिन बंसल ने कहा कि यह सातवां आर्थिक सर्वेक्षण है इसे सेवंथ इकोनॉमिक सेंसस सर्वे कहां गया है. यह पूरे प्रदेश में कराया जा रहा है इसकी आज गोंडा में भी शुरुआत की गई है इसमें हमारे जितने भी वीएलई हैं इनको सुपरवाइजर बनाते हुए इनसे टैब के बेसिस पर इनसे डिजिटल डाटा इकट्ठा करवाया जाएगा। इसमें कोई भी मैनुअल डाटा इकट्ठा नहीं किया जाएगा। इसमें हाउसहोल्ड में मुखिया का नाम उसके कितने सदस्य हैं उसमें कितनी आर्थिक गतिविधि हो रही है इन सबकी गणना होगी। यह साढ़े तीन महीने तक यह गणना पूरी की जानी है। इसके आंकड़े कलेक्ट कर के जारी किए जाएंगे।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आर्थिक गणना का यह उद्देश्य की हम यह जान सकें कि गांव में कैसी आर्थिक गतिविध चल रही है और कैसे हम इन गांवों में विकास की नई गतिविधियों को चला सकते है, और कैसे हम उनको कॉमर्शियल एक्टिविटी की तरफ ले जा सकते हैं।

Neeraj Patel
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