बड़ी खबर: हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद यह प्रत्याशी नहीं लड़ पाएगी चुनाव, आया यह बड़ा आदेश

बड़ी खबर: हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद यह प्रत्याशी नहीं लड़ पाएगी चुनाव, आया यह बड़ा आदेश
UP Municipal Corporation Elections 2017

Shatrudhan Gupta | Updated: 05 Nov 2017, 07:26:29 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

उच्च न्यायालय ने नगर परिषद के वोटर लिस्ट से उनका नाम विलोपित करने का आदेश दिया है।

गोंडा. नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन कमरुद्दीन की पत्नी सकीना का नाम ग्राम सभा और नगर परिषद में दो स्थानों पर है। इस कारण ग्राम पंचायत से क्षेत्र पंचायत सदस्य होने के कारण नगर परिषद के वोटर लिस्ट से नाम विलोपित करने के बाद उच्च न्यायालय ने नगर परिषद के वोटर लिस्ट से उनका नाम विलोपित करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद पूर्व चेयरमैन कमरूद्दीन की पत्नी सकीना चुनाव नही लड़ सकती हैं।

यह भी पढ़ें... समाजवादी पार्टी कार्यालय में शिवपाल समर्थकों का हंगामा, लगाई लाग, मारपीट

शहर और ग्रामीण क्षेत्र में नाम अंकित

बताते चलें कि उच्च न्यायालय में मोहम्मद जकी द्वारा वाद संख्या 26109 (एमवी/2017) दायर कर कहा गया था कि सकीरा पत्नी कमरुद्दीन निवासी मनं. 17 वार्ड सं. 20 जिगरगंज नगर पालिका परिषद गोंडा की निर्वाचन नामावली से नाम विलोपित किए जाने का वाद 4 नवम्बर को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया था, जिसमें दो स्थानों पर नाम होने पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। याचिका में कहा गया था कि प्रतिवादी का नाम नगर पालिका परिषद गोंडा के निर्वाचक नामावली में वार्ड सं. 20 जिगरगंज के भाग 92 के क्रम सं. 435 में दर्ज है, जबकि सकीना ग्राम पंचायत निर्वाचन नामावली 2015 के विकास खंड झंझरी के ग्राम पंचायत गिर्द गोंडा वार्ड सं. 11 के क्रम सं. 7272 पर भी उनका नाम अंकित है। याचिका में कहा गया है कि सकीना पत्नी कमरुद्दीन क्षेत्र पंचायत 89 फिरोजपुर क्षेत्र से क्षेत्र पंचायत सदस्य भी हैं। इस तरह सकीना द्वारा उत्तर प्रदेश नगर पालिका परिषद अधिनियम 1916 की धारा 12 एफ का उल्लंघन किया गया है।

यह भी पढ़ें... अयोध्या में टिकट कटने से भाजपा में बगावत शुरू, इस बड़े नेता ने निर्दल लडऩे का किया ऐलान

नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 12 एफ का उल्लंघन

उक्त प्रकरण में प्रतिवादी के अधिवक्ता गणेश श्रीवास्तव के यह तर्क देने पर की सकीना द्वारा ग्राम पंचायत के क्षेत्र पंचायत सदस्य से त्याग पत्र देकर निर्वाचन नामावली से नाम हटाने का आवेदन किया गया था, लेकिन उन्हें इस संबंध में किसी प्रकार की कोई सूचना नहीं दी गई है। दोनों पक्षों के बयान और साक्ष्य देखने के बाद न्यायालय ने इस मामले में उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 12 एफ का उल्लंघन पाया। कोर्ट ने आदेश दिया कि दो स्थानों ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में नाम अंकित होना विधि संगत नहीं है, इसलिए सकीना का नगर परिषद से नाम विलोपित किया जाए। कोर्ट ने नाम विलोपित करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देशित किया है।

यह भी पढ़ें... भाजपा में मची भगदड़, महिला मोर्चा अध्यक्ष समेत कई ने निर्दलिय दाखिल किया पर्चा

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned