गन्ना किसानों का 75 करोड़ दबाए बैठी है चीनी मिल, परेशान हैं किसान

सरकार के गन्ना किसानों का बकाया राशि जल्द पहुंचाने का दावा विफल साबित हो रहा है।

गोंडा. सरकार के गन्ना किसानों का बकाया राशि जल्द पहुंचाने का दावा विफल साबित हो रहा है। जहां प्रशासन द्वारा सख्ती दिखाने के बावजूद भी गन्ना किसानों को राहत मिलती नहीं दिख रही है। जिलाधिकारी द्वारा के निर्देशों के बावजूद अभी तक गन्ना किसानों को अपने भुगतान के लिए जूझना पड़ रहा है। जनपद की तीन चीनी मिलों में अकेले बजाज चीनी मिल किसानों का 75 करोड़ दबाए बैठी हैं। गन्ना किसानों का वर्तमान की बात क्या की जाए उन्हें पिछले वर्ष का भी बकाया नहीं मिल पाया है।

जिले में प्रशासन के सख्ती बरतने के बाद भी अभी तक गन्ना किसानों का बकाया राशि नहीं मिल पाया है। जिलाधिकारी ने चीनी मीलों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि अगर 31 जनवरी तक किसानों को उनके गन्ने की बकाया राशि नहीं मिलता तो चीनी मीलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के इतने सख्त रवैये के बावजूद किसानों को फायदा नहीं मिल पा रहा है।

बता दें कि बजाज चीनी मिल के पिछले वर्ष का भी भुगतान नहीं किया है। बजाज चीनी मिल का पिछले वर्ष का गन्ना किसानों का बकाया 75 करोड़ रुपए है। गन्ना किसान अपना भुगतान न मिलने से सरकार व प्रशासन से काफी दुःखी हैं।

इस बाबत जिलाधिकारी डॉ नितिन बंसल ने बताया कि यह गन्ना पेराई का सीजन चल रहा है और जनपद में बलरामपुर चीनी मिल की तीन मिले चल रही है। बभनान, मैजापुर और मनकापुर इसके अलावा बजाज चीनी मिल की 1 मील कुंदरखी में चल रही है। इन सभी मिलों द्वारा इस समय गन्ने की पेराई की जा रही है। बलरामपुर चीनी मिलों का पूर्व वर्ष का पूरा भुगतान किया जा चुका है। बजाज चीनी मिल का पिछले वर्ष का 75 करोड़ का बकाया चल रहा है जो उनके द्वारा आश्वस्त किया गया है कि 31 जनवरी तक सभी बकाया चुका दिया जाएगा। इस साल भी होने वाले पेराई की कीमत किसानों को समय पर उपलब्ध कराने के लिए चीनी मिल प्रबंधकों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और उनको नोटिस भी दिया गया है कि अगर 31 जनवरी तक आप भुगतान नहीं करते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।

Neeraj Patel
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