मदरसा का यू डायस कोड के लिए मारा मारी

Ruchi Sharma

Publish: Sep, 17 2017 12:29:33 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
मदरसा का यू डायस कोड के लिए मारा मारी

यू-डायस कोड से पहचाने जाएंगे विद्यालय

 

गोंडा. प्रदेश सरकार द्वारा 46 फर्जी मदरसो के अनुदान रोकने के आदेश से पूरे प्रदेश में हड़कम्‍प मच गया है। जिसके तहत मान्‍यता प्राप्‍त मदरसो को पोर्टल पर पूरे ब्‍योरे के साथ लोड कराने के आदेश पर भूचाल आ गया है। यूडायस कोड बेसिक शिक्षा विभाग से मिलना है, जिसमें मदरसे का पता लोकेशन अध्‍यापकों व भवन का ब्‍योरा छात्रों की संख्‍या आदि का ब्‍योरा मांगा गया है। जिले में संचालित लगभग 546 मदरसो में 163 मदरसे जमीन पर पाये गये है। जिसमें अब तक 225 मदरसो को मान्‍यता मिली है, लेकिन विभाग को जानकारी नही है 225 मदरसो ने यूडायस कोड के लिए आवेदन किया गया है। उक्‍त में अधिकांश के पते व लोकेशन नहीं दिये गये है।


बेसिक शिक्षाधिकारी का कहना है कि जो आवेदन पूरी जानकारी देगा उन्‍हें ही यूडायस कोड उपलब्‍ध कराया जायेगा। वहीं कुछ मदरसे के प्रबन्‍धकों ने विभाग पर आरोप लगाया है कि विभाग परेशान कर रहा है।

हर योजनाओं की तरह मदरसा आधुनिकीकरण की योजना को जिम्मेदार अधिकारीयों और कर्मचारियों ने पलीता लगा कर सरकारी धन का स्वंय तो बंदरबांट किया ही वहीं जो धरातल पर है ही नहीं और न ही अध्यापक ही मदरसों में पढ़ाने जाते है। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के भौतिक रूप से धरातलहीन प्रबंधकों की सांठ-गांठ से सरकार के पैसों को ये तिकड़ी जमकर लूटा है। जिले के दो सैकड़े मदरसा मात्र कागजों पर है और सांइस टीचरों की नियुक्ति भी मात्र कागजों में ही हैं।

मदरसो में कागजी तौर पर जिन अध्यापकों के नाम दर्शाएं गये है। सभी फर्जी रहते है। अधिकांश्‍ा मदरसो के नामोनिशा तक नहीं है फिर भी चल रहा है और अनुदान भी दिया जा रहा है। इस सम्‍बंध में अल्‍पसंख्‍यक विभाग का चार्ज लिये डिप्‍टी डायरेक्‍टर एके पाण्‍डे कैमरे के सामने कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। 

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