इलेक्शन 2019 स्पेशल... बिहार में चार बेटिकट सांसदों के तेवर पर टिका छठे चरण का लोकसभा चुनाव

इलेक्शन 2019 स्पेशल... बिहार में चार बेटिकट सांसदों के तेवर पर टिका छठे चरण का लोकसभा चुनाव
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Prateek Saini | Updated: 04 May 2019, 06:54:36 PM (IST) Gopalganj, Gopalganj, Bihar, India

अंतिम तीन चरणों में 14 सांसद मैदान में,पांच केंद्रीय मंत्री भी...

 

(पटना,प्रियरंजन भारती): लोकसभा चुनाव के अंतिम तीन चरणों में बिहार के चौदह सांसद मैदान में हैं जिनकी लड़ाई जीने मरने जैसी ठनी है। इनमें से तीन ने पाला बदलकर मैदान मारने की ठानी। मैदान में पांच केंद्रीय मंत्री भी हैं। बिहार में छठे चरण के चुनाव में आठ सीटों में से चार सांसदों के टिकट कटे हैं। ये नाराज़ हैं और मतदान में इनकी भूमिका अहम साबित होगी।

 

बिहार में अब पांचवें, छठे और सातवें चरण का चुनाव होना है। इनमें इक्कीस सीटों पर मतदान होगा। सभी सीटिंग सांसदों को सीट बरकरार रखने की चुनौती है। इक्कीस में छह सीटें ऐसी हैं जिन पर निवर्तमान सांसदों को टिकट नहीं दिए गए। जो सांसद पाला बदलकर चुनाव मैदान में उतरे उनके लिए यह किसी भयावह अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। एक सीट हाजीपुर से सांसद रामविलास पासवान ने सवयं ही चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया। पाला बदलने वालों में बड़ा नाम शत्रुघ्न सिन्हा का है जो पटना साहिब से ही कांग्रेस के प्रत्याशी बने हैं। इनके खिलाफ केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद एनडीए उम्मीदवार हैं। इस सीट पर सभी की नज़र लगी है। यहां सातवें चरण में मतदान होना है।

 

सातवें चरण में ही काराकाट सीट पर मतदान होना है। इस सीट पर उपेंद्र कुशवाहा पाला बदलकर महागठबंधन के उम्मीदवार बने हैं। कुशवाहा की लड़ाई जदयू के महाबली सिंह से है। रालोसपा से ही पिछले चुनाव में जीते सांसद अरुण कुमार इस बार अलग चुनाव लड़ रहे। जहानाबाद में ही वह राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (सेकुलर) के चुनाव चिन्ह पर लड़ रहे हैं। इस सीट पर महागठबंधन के आरजेडी उम्मीदवार विधायक सुरेंद्र यादव और एनडीए के जदयू उम्मीदवार चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी हैं। इस चुनाव में जातीय गोलबंदी मुखर है और इसका परिणाम महागठबंधन उम्मीदवार के पक्ष में जा सकता है।

 

बेटिकट सांसदों का रुख अहम्

बिहार में छठे चरण की आठ सीटों पर चार सांसद बेटिकट किए गए। सबसे ज्यादा इसी चरण में सांसद बेटिकट हुए हैं। इन चार सांसदों में सीवान, गोपालगंज, वैशाली, और बाल्मिकीनगर के सांसद शामिल हैं। इनमें तीन सीवान, गोपालगंज और बाल्मिकीनगर शामिल हैं। तीनों सीटें जदयू के पाले में चली गई हैं। सिर्फ एक वैशाली में रामाकिशोर सिंह लोजपा सांसद बेटिकट किए गए।सभी सीटों पर एनडीए के सहयोगी दलों ने नए उम्मीदवार उतार रखे हैं। संबंधित दलों को मोदी नाम का ही आसरा है। इन सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार कड़े मुकाबले में एनडीए उम्मीदवारों को पछाड़ने में लगे हैं।


सीवान में सांसद ओमप्रकाश यादव का टिकट कटा। यहां जदयू विधायक कविता सिंह चुनाव मैदान में हैं। शहाबुद्दीन की बीवी और महागठबंधन उम्मीदवार हीना शहाब इन्हें कड़े मुकाबले में घेरे हुई हैं। हालत यह है कि जदयू को पीएम मोदी को प्रचार में बुलाने की मांग करनी पड़ रही है।

 

गोपालगंज में जनक राम पिछली बार एक लाख से भी ज्यादा वोटों से विजयी हुए थे। इनका टिकट कटा। यहां जदयू के नये उम्मीदवार आलोक सुमन आरजेडी उम्मीदवार सुरेंद्र राम से कड़े मुकाबले में घिरे हैं। इसी तरह बाल्मिकीनगर में सतीश चंद्र दुबे का टिकट काटकर सीट जदयू को दे दी गई। जदयू के बैद्यनाथ प्रसाद महतो कांग्रेस के शाश्वत केदार से बुरी तरह घिर गए हैं।जदयू ने यहां प्रधानमंत्री मोदी की रैली करने का आग्रह किया। शनिवार को प्रधानमंत्री की रैली का असर बाल्मिकीनगर, बेतिया, गोपालगंज, मोतिहारी आदि सीटों पर पड़ने से हालात में कुछ तब्दीली आने के संकेत मिल सकते हैं।


वैशाली में लोजपा ने आरजेडी के रघुवंश प्रसाद सिंह के मुकाबले सांसद रामाकिशोर सिंह का टिकट काटकर वीणा देवी को मैदान में उतारा है। सभी चार सीटों पर एनडीए और महागठबंधन में सीधा मुकाबला है। मतदान 12मई को होने वाला है।


सातवें चरण में भी एक सांसद बेटिकट

सातवें चरण में भी आठ सीटों पर चुनाव होने हैं। इनमें से एक पटना साहिब के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा का टिकट कटा। यह पाला बदलकर कांग्रेस उम्मीदवार बने हैं। रालोसपा सांसद अरुण कुमार पहले ही अलग होकर जहानाबाद से अपनी पार्टी के उम्मीदवार बने हैं। सातवें चरण की अन्य सीटों पर सांसद ही मैदान में हैं। ये सीटें हैं- नालंदा, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम और काराकाट।

 

पांच मंत्री भी मैदान में

अंतिम तीन चरणों केंद्र सरकार के पांच मंत्री भी चुनाव मैदान में हैं। इनमें सातवें चरण में चार और छठे चरण में एक मंत्री चुनाव मैदान में हैं। केंद्रीय मंत्रियों में पूर्वी चंपारण से कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, पटना साहिब से रविशंकर प्रसाद, पाटलिपुत्र से रामकृपाल यादव, आरा से आरके सिंह और बक्सर से अश्विनी चौबे हैं। राधामोहन सिंह की भिड़ंत रालोसपा के आकाश सिंह, रामकृपाल यादव की आरजेडी की मीसा भारती से, आरके सिंह का माले के राजू यादव से और अश्विनी चौबे की लड़ाई आरजेडी के जगदानंद सिंह से है। इनमें से राधामोहन सिंह के पूर्वी चंपारण(मोतिहारी)में छठे चरण और शेष सातवें चरण में मतदान होना है।

 

सांसदों का भविष्य दांव पर

जिन चौदह सांसदों की सीटों पर अभी चुनाव होने हैं उनमें मुजफ्फरपुर से अजय निषाद के सम्मुख वीआईपी के राजभूषण चौधरी, सारण में राजीव प्रताप रुडी के सामने चंद्रिका राय,पश्चिमी चंपारण(बेतिया)में संजय जायसवाल के सामने रालोसपा के डॉ ब्रजेश कुशवाहा, शिवहर में रामा देवी के मुकाबले आरजेडी के सैयद फैसल अली, महाराजगंज में जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के सम्मुख आरजेडी के रणधीर सिंह और नालंदा में जदयू के कौशल कुमार की जगह 'हम'के अशोक चंद्रवंशी मैदान मारने में जुटे हैं। इनमें एनडीए में नालंदा को छोड़ सभी सांसद भाजपा के हैं।

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