योगी सरकार के ये दो मंत्री आपस में भिड़े, तेज हुई जुबानी जंग

योगी सरकार के ये दो मंत्री आपस में भिड़े, तेज हुई जुबानी जंग

Dheerendra Vikramadittya | Updated: 25 Jun 2018, 01:15:01 PM (IST) Gorakhpur, Uttar Pradesh, India

बीजेपी सरकार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही, विपक्ष नहीं आपस में भी मंत्री जुबानी जंग में व्यस्त

यूपी सरकार के मंत्री दर्जा प्राप्त बाबूराम निषाद ने भाजपा गठबंधन में शामिल भारतीय समाज पार्टी के नेता ओम प्रकाश राजभर पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने निषाद दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ.संजय निषाद पर भी सामाजिक समरसता तोड़ने का आरोप लगाया।
गोरखपुर पहुंचे उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड के दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बाबूराम निषाद ने निषाद समाज द्वारा आरक्षण की मांग को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन पर निषाद दल के डाॅ.संजय निषाद पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग सिर्फ जाति की राजनीति कर राजनीति का व्यवसाय करते हैं। समाज की सामाजिक समरसता को तोड़ने का कार्य करते हैं। ऐसे लोग जल्द ही बेनकाब भी हो जाते हैं। जनता को भी इनसे सावधान रहना होगा।
यूपी सरकार के काबीना मंत्री एवं सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर पर भी बाबूराम निषाद ने जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि उन्हें कैबिनेट मंत्री की गरिमा रखते हुए पिछड़ों के हितार्थ कैबिनेट में प्रस्ताव और योजनाएं लानी चाहिए लेकिन वह सिर्फ राजनैतिक रोटियां सेंक रहे हैं। जाति-पाति की राजनीति कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पिछड़ों और दलितों के विकास के लिए कटिबद्ध हैं, उन्हें मुख्यमंत्री के साथ पिछड़ों-दलितों के विकास में सहयोग करना चाहिए।
पूर्ववर्ती सरकारों को पिछड़ा विरोधी बताते हुए कहा कि मायावती और सपा के अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की आबादी में 54 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले पिछड़े वर्ग के साथ भेदभाव किया। सपा सरकार ने पिछड़ों में सिर्फ 10 फीसदी की चिंता की है। पिछड़ा वर्ग को इन लोगों ने वोटबैंक के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि दोनों सरकारों की उपेक्षा के कारण पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम की बंद हो चुकी योजनाओं को 10 वर्ष बाद पुनः लागू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। कहा कि अति पिछड़ा और पिछड़ा वर्ग के लोगों का पलायन रोका जा सकता था लेकिन पूर्ववर्ती सरकारें केवल कुछ खास वर्ग को लाभ पहुंचाने में जुटी रही।

17 जातियों को ओबीसी आरक्षण की सुविधा के लिए रिपोर्ट

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने 17 जातियों को ओबीसी आरक्षण की सुविधाएं देने के मामले में डाटा इकठ्ठा करने के लिए कमेटी गठित की है। यह कमेटी सभी की सामजिक-आर्थिक और शैक्षिक स्थिति, रोजगार आदि के डाटा इकठ्ठा कर सरकार को अगले दो माह में अपनी रिपोर्ट प्रदान कर देगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस राघवेंद्र कुमार की अध्यक्षता में रिटायर्ड आईएएस जेपी विश्वकर्मा, बनारस हिंदू युनिवर्सिटी के इकॉनॉमिक्स डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डाॅ. भूपेंद्र सिंह और आजमगढ़ के वकील अशोक राजभर को कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद निषादों को अनुसूचित जाति में शामिल किया जाए या नहीं निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ चुनावी लाभ लेने के लिए समाजवादी सरकार ने तत्कालीन केंद्र की यूपीए सरकार को प्रस्ताव भेजा था, उसकी स्वीकृति मिलने के पूर्व प्रदेश में उसे लागू भी कर दिया। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रिपोर्ट आयोग की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद निर्णय लेंगे।

 

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