सोनू निगम बोले, गोरखपुर महोत्सव समिति ने तोड़ा कॉन्ट्रैक्ट, मैंने नहीं

  • गोरखपुर महोत्सव का समापन राजकीय शोक घोषित होने से टल गया था
  • कार्यक्रम स्थगित होने से नहीं हुआ था सोनू का कार्यक्रम

गोरखपुर महोत्सव को एक दिन राजकीय शोक की वजह से स्थगित किये जाने से जिला प्रशासन की कई मुश्किलें बढ़ गई है। अंतिम दिन कार्यक्रम पेश करने वाले सिंगर सोनू निगम ने पूरी रकम वापस करने से इनकार कर दिया है। वह आधा पैसा लौटाने को तैयार हैं। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम नहीं होने पर पूरा धन तीन दिनों में वापस किये जाने की नोटिस मेल की थी।

सिंगर सोनू निगम का कहना है कि उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट नहीं तोड़ा। वह जिस दिन परफॉर्मेंस करने वाले थे उस दिन आयोजन समिति ने अचानक से कार्यक्रम स्थगित कर दी। अगले दिन मेरा भुवनेश्वर में पहले से कार्यक्रम तय था। बकौल सोनूनिगम,' मैं सहयोग करने को राजी था, मैंने कह दिया था कि आयोजन समिति हनक लिए भुवनेश्वर से गोरखपुर आने का इंतजाम करवा दे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।' सोनू का कहना है कि जब कॉन्ट्रैक्ट मैंने तोड़ा ही नहीं तो मुझे नोटिस क्यों। वह कहते हैं कि अगली बार वह कार्यक्रम देने को तैयार हैं। वह पचास फीसदी रकम भी लौटा सकते हैं। उनका तर्क यह है कि कार्यक्रम वह लोग जब देने जाते हैं तो पूरी एक टीम जाती है। टीम के अधिकतर सदस्यों को प्रतिदिन के हिसाब से पेमेंट होता है। उस दिन भी पेमेंट कर दिया गया था, लेकिन कार्यक्रम ही नहीं हुआ। ऐसे में जो पेमेंट उन्होने कर दिया वह रकम कैसे वापस कराया जाए।

बता दें कि गोरखपुर महोत्सव में कार्यक्रम स्थगित करने के बाद आयोजन समिति की ओर से बॉलीवुड गायक सोनू निगम को रिकवरी नोटिस भेजा गया है। 13 जनवरी को समापन के दिन सोनू निगम का कार्यक्रम तय था। लेकिन उसी दिन उत्तर प्रदेश की सरकार ने राजकीय शोक घोषित करते हुए कार्यक्रम को स्थगित कर दिया था। इस वजह से सोनू निगम का कार्यक्रम भी नहीं हो सका था।

धीरेन्द्र विक्रमादित्य
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