दवा व्यवसायियों ने अपनी मांगों को लेकर बंद रखी दुकानें

दवा व्यवसायियों ने अपनी मांगों को लेकर बंद रखी दुकानें
Drug businessman

करोड़ों का दवा व्यवसाय हुआ प्रभावित

गोरखपुर. फुटकर दुकानों पर फार्मासिस्टों की अनिवार्यता के विरोध में दवा व्यवसायियों ने मंगलवार को दुकानें बंद रखी। बंदी में पूर्वांचल के सबसे बड़ी थोक दवा मंडी भालोटिया मार्केट की दुकानें भी बंद रहीं। इस वजह से करोड़ों का दवा व्यवसाय प्रभावित हुआ। काफी मरीजों को आवश्यक दवाओं के लिए भी परेशान होना पड़ा। उधर, दवा व्यापारियों के इस बंद के विरोध में बेरोजगार फार्मासिस्ट उत्थान सेवा संस्थान ने फार्मासिस्टों द्वारा संचालित दवा की दुकानों को खोले रखा। संस्थान ने पहले ही कहा था कि दवा व्यवसायी बेवजह बेरोजगारी बढ़ाने पर तुले हुए हैं। हर दुकान पर एक फार्मासिस्ट के होने से ढेर सारे फार्मासिस्ट रोजगार पा सकेंगे।


ड्रग लाइसेंस नवीनीकरण, आॅनलाइन फार्मेसी, केंद्रीय ई-पोर्टल के विरोध में बंदी का आह्वान करने वाले दवा व्यवसायी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए जुलूस निकाली। गांधी प्रतिमा से निकले इस जुलूस की समाप्ति डीएम कार्यालय पर आकर हुआ। इस दौरान व्यापारी सरकारी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।


व्यापारियों का कहना है कि सरकार के फेसले की वजह से ढेर सारे दवा व्यावसायियों के सामने संकट आ जाएगा और उनकी दुकानें बंद हो जाएगी। अगर दुकानें बंद होंगी तो मरीजों को दिक्कतें होंगी।
दवा व्यवसासियों ने डीएम ऑफिस में एक ज्ञापन भी सौंपा।​
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