गोरखपुर समस्या निस्तारण में प्रदेश में 40वें पायदान पर खिसका, गलत रिपोर्ट दे रहे अधिकारी

जिलाधिकारी ने गलत रिपोर्ट देने पर सहजनवा के उपजिलाधिकारी को नोटिस दिया

 

गोरखपुर। समस्या निस्तारण के मामले के गोरखपुर 40वें पायदान पर खिसक चुका है। हर महीने प्रदेश के जिलों की होने वाली समीक्षा में यह तस्वीर सामने आई है। जबकि पूर्व के महीने के जिला 19वें पायदान पर था।
जिला के ख़राब प्रदर्शन पर जिलाधिकारी राजीव कुमार रौतेला ने नाखुशी जाहिर की है।
जिलाधिकारी राजीव कुमार रौतेला ने आई.जी.आर.एस. (समन्वित शिकायत निवारण सिस्टम) में डिफाल्टर रहे 04 विभागों स्वास्थ्य, विधुत, मेडिकल कालेज तथा पुलिस विभाग को सोमवार तक अवशेष शिकायतों का निस्तारण कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
जन सेवा केन्द्रों पर 10 हजार से अधिक लंबित विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी रौतेला ने प्रत्येक तहसील के अनुश्रवण के लिए एक एडीएम स्तर के अधिकारी को नामित किया है। वे नियमित रूप से पर्यवेक्षण करते हुए समय से इन आवेदन पत्रों को निस्तारण करायेंगे।
एण्टी भू माफिया अभियान की समीक्षा में जिलाधिकारी ने पाया कि जिस भूमि पर उप जिलाधिकारियों ने अवैध अतिक्रमण की रिपोर्ट दिया है वहां अभी तक अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही नही की गयी है। इसमें सर्वाधिक 20 हे. भूमि तहसील सहजनवा में लंबित है। जिलाधिकारी ने वहां के उप जिलाधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया है।
राजस्व वसूली में पिछड़ने पर जिलाधिकारी ने ए.आर.टी.ओ तथा मण्डी सचिव का स्पष्टीकरण तलब किया है। परिवहन द्वारा 97 प्रतिशत तथा मण्डी द्वारा 87 प्रतिशत राजस्व नवम्बर माह में प्राप्त किया गया है। प्रवर्तन कार्य भी पूरा नही किया गया है।
जिलाधिकारी ने दैवी आपदा के अन्तर्गत प्राप्त सम्पूर्ण धनराशि का भुगतान किये जाने पर संतोष व्यक्त किया है। महिला हेल्प लाइन की समीक्षा में उन्होंने पाया कि जिले की 242 महिलाओं द्वारा फोन करके अपनी समस्याओं को दर्ज कराया गया जिसमें 240 का निस्तारण किया जा चुका है। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना 1650 आवासों का ग्राउंडिंग समय से पूरा कराने का जिलाधिकारी ने परियोजना अधिकारी को निर्देश दिया है।

धीरेन्द्र विक्रमादित्य
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