जेएनयू छात्रों-शिक्षकों पर हमले के खिलाफ वाम संगठनों का धरना-प्रदर्शन, कमिश्नर को ज्ञापन दिया

JNU

जेएनयू के छात्र-छात्राओं व शिक्षकों पर रविवार की रात किए गए हमले के विरोध में आज वाम संगठनों, बुद्धिजीवियों, संस्कृति कर्मियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। नगर निगम परिसर स्थित लक्ष्मीबाई पार्क में तीन घंटे तक धरना देने के बाद सभी लोग नगर निगम से गोलघर, अम्बेडकर तिराहा होते हुए जुलूस की शक्ल में कमिश्नर कार्यालय पर पहुंचे और ज्ञापन दिया।

राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन में गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे और दिल्ली पुलिस कमिश्नर व जेएनयू के वीसी को बर्खास्त करने, घटना की न्यायिक जांच कराने और हमला करने वाले लोगों को गिरफतार करने की मांग की गई है।

धरने में प्रधानमंत्री, केन्द्रीय गृह मंत्री, दिल्ली पुलिस और जेएनयू के कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।

धरने को जेएनयू के पूर्व छात्र राजेश सिंह, वरिष्ठ मानवाधिकार कार्यकर्ता फतेहबहादुर सिंह, जन संस्कृति मंच के महासचिव मनोज कुमार सिंह, भाकपा माले के जिला सचिव राजेश साहनी, जगदीश पांडेय, युवा लेखक आनन्द पांडेय, आदित्य आदि ने सम्बोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि जेएनयू छात्रों और शिक्षकों पर हमला पूर्व नियोजित षडयंत्र के तहत किया गया है और इसमें जेएनयू वीसी, दिल्ली पुलिस और एबीवीपी कार्यकर्ता शामिल थे। हमले का उद्देश्य लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए लड़ रहे युवाओं-छात्रों की आवाज को दबाना है। इस हमले के लिए गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं क्योंकि उन्होंने कुछ दिन पहले सभा में सबक सिखाने की बात कही थी। धरने का संचालन नौजवान भारत सभा के राजीव ने किया।

धरना-प्रदर्शन में भाकपा माले के नेता विनोद भारद्वाज, एपवा की जिलाध्यक्ष मनोरमा चौहान, सचिव जगदम्बा, इनौस नेता नेता सुजीत श्रीवास्तव, दिशा छात्र संगठन व नौजवान भारत सभा से रूबी, मुकेश माया, मनोरमा, राजकुमार, आदित्य, विकास, प्रतिभा, राजू के अलावा अबदुल्ला सिराज, आरडी सिंह, सुबुर अहमद, ओमर अहमद, बैजनाथ मिश्र, जैनुल अंसारी, सपना श्रीवास्तव,छाया जायसवाल आदि शामिल थे।

धीरेन्द्र विक्रमादित्य
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