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गोरखपुर

गोरखपुर में नौतपा का कहर, 4 की मौत

गोरखपुर में नौतपा का कहर चरम पर है। भीषण गर्मी से आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है, इस बीच चार की मौत हो गई है। जिनमे चुनावी ड्यूटी में आए होमगार्ड, PRV जवान, स्कूल बस का ड्राइवर सहित एक व्यक्ति की मौत हो गई।

गोरखपुरMay 31, 2024 / 05:58 pm

anoop shukla

जिले में भीषण गर्मी के बीच तीन कर्मचारियों समेत चार लोगों की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। इनमें दो चुनाव ड्यूटी पर जा रहे थे। अचानक तबीयत बिगड़ी और एक-एक कर चारों ने दम तोड़ दिया। इनमें एक हेड कांस्टेबल, एक होमगार्ड और एक प्राइवेट बस ड्राइवर समेत एक अन्य व्यक्ति शामिल है। बताया जा रहा है कि सभी की मौत भीषण गर्मी की वजह से हुई होगी।
हालांकि, यह मौतें गर्मी से हुई हैं, इसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि नहीं हुई है और ना ही प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है। फिलहाल सभी शवों का बिसरा सुरक्षित किया गया है। लेकिन, परिजनों का कहना है कि गर्मी की वजह से कर्मचारियों की तबियत बिगड़ी होगी।
अचानक बिगड़ी PRV जवान की तबियत

दरअसल, गाजीपुर जिले के नुनहरा इलाके सराय बहादुर निवासी सुरेंद्र सिंह यादव (53) पुत्र दधीचि गोरखपुर जिले में 5 साल से हेड कांस्टेबल के पद तैनात थे। वर्तमान में वे गोला थाने पर PRV ड्यूटी पर थे। गुरुवार की शाम उनकी अचानक तबियत बिगड़ गई, जिससे कि वे बेहोश हो गए। बीमार हालत में जवान को गोला CHC में भर्ती कराया गया। जहां, उल्टी होने के बाद तबियत और बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। देर रात डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के दो बेटे है। गोला CHC पर तैनात डॉक्टरों के मुताबिक, सुरेंद्र यादव को ब्रेन हेमरेज हो गया था। अधिकांश ब्रेन हेमरेज हाई ब्लड प्रेशर की वजह से होता है। डॉक्टरों का कहना है कि हेड कांस्टेबल हाई ब्लेड प्रेशर के मरीज रहे होंगे, संभव है कि हीट वेब से भी ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
चुनाव ड्यूटी कराने आए होमगार्ड की मौत

वहीं, बागपत जिले के छपरौली इलाके के ककौर निवासी जय भगवान (57) गाजियाबाद के होमगार्ड चौदह लोनी कंपनी में कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि वे 15 अप्रैल से चुनाव कराने के लिए निकले थे। 25 मई को श्रावस्ती जिले में चुनाव कराकर 26 मई को महराजगंज जिला पहुंचे। उसी दिन अचानक होमगार्ड जय भगवान की तबियत खराब हो गई।
उन्हें महराजगंज जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने 28 मई को उन्हें बीआरडी मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। शुक्रवार की सुबह होमगार्ड की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक के भाई संजीव ने बताया की तबियत खराब की सूचना पर गुरुवार को गोरखपुर पहुंचे थे। मृतक चार भाईयों में सबसे बड़ा था।
DDU में प्राइवेट बस ड्राइवर की मौत

इसके अलावा गोला इलाके किशनपुर निवासी रामनयन विश्वकर्मा (41) प्राइवेट बस ड्राइवर थे। उनका बस चुनाव ड्यूटी में लगा था। जिसकी वजह से वह बस लेकर गोरखपुर विश्वविद्यालय आए हुए थे। वे अभी बस से पोलिंग पार्टियों को लेकर निकलने ही वाले थे कि शुक्रवार की सुबह उसकी तबियत भी बिगड़ गई। आनन- फानन में ड्राइवर को अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
अचानक गिरने से हुई अधेड़ की मौत

गगहा इलाके के कोठा गांव ‌निवासी‌ कृष्णा सिंह (48) की भी अचानक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर शाम वे अपने घर से अपने बगीचे की तरफ जा रहे थे। तभी रास्ते में पानी की टंकी के पास अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। ‌राहगीरों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। परिजन तत्काल उन्हें गगहा के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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