Makar Sankranti Special गुरु गोरखनाथ की कृपा से नेपाल आया था अस्तित्व में, शाह राजवंश के मुकुट पर गुरु गोरखनाथ की चरण पादुका का चित्र

नेपाल राजवंश दशकों से गुरु गोरखनाथ का चरण पादुका अपनी मुकुट पर लगाकर राज करता रहा

Gorakhnath Temple, Gorakhpur, Uttar Pradesh, India

गोरखपुर। चीन कितना भी नेपाल को प्रभावित करने में लगा रहे परंतु नेपाल का गोरखपुर से गहरा लगाव है। नेपाल राष्ट्र का अस्तित्व गुरु गोरखनाथ के आशीर्वाद से ही संभव हो सका था। नेपाल राजवंश दशकों से गुरु गोरखनाथ का चरण पादुका अपनी मुकुट पर लगाकर राज करता रहा है। चाहे कोई भी परिस्थिति रही हो लेकिन खिचड़ी मेला में नेपाल के शाह राजघराने से खिचड़ी गोरखनाथ मंदिर में जरुर पहुंचती है। यह सिलसिला आज भी कायम है।
दशकों पूर्व नेपाल बाईसी और चैबीसी के नाम से 46 छोटी-छोटी रियासतों में विभाजित था। सभी रियासतें अपने अपनेे ढंग से राज कर रही थी। गुरु गोरखनाथ का राजा पृथ्वी नारायण शाह पर विशेष आशीर्वाद था। गुरु गोरखनाथ की प्रेरणा पाकर राजा पृथ्वी नारायण शाह ने नेपाल राष्ट्र की स्थापना और रियासतों के एकीकरण को आगे आए। उन्होंने सभी रियासतों को एक किया और नेपाल राष्ट्र की स्थापना की।
जब एकीकृत नेपाल की स्थापना हुई तो राजा पृथ्वीनारायण शाह ने वहां की राजमुद्रा पर गुरु गोरखनाथ का नाम व उनकी चरण पादुका का चित्र लगाया। यही नहीं शाह राजवंश का शासक अपने राजमुकुट पर भी गुरु गोरखनाथ का नाम और उनकी चरण पादुका लगाता है।
गुरु गोरखनाथ की कृपा से स्थापित नेपाल राष्ट्र के शासक हमेशा से मंदिर में आशीर्वाद लेने आते रहते हैं। यही नहीं गोरखनाथ में लगने वाले खिचड़ी मेले में पहली खिचड़ी नेपाल के शाह राजवंश का ही चढ़ता है। आज भी यह परंपरा कायम है। खिचड़ी चढ़ाने के बाद गोरखनाथ मंदिर से प्रसाद स्वरुप रोट का प्रसाद नेपाल राजवंश को भेजा जाता है। अभी कुछ दिन पूर्व ही नेपाल का शाह परिवार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनउ में मिलने आया था।

 

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