मुख्यमंत्री के जिले में सुविधा शुल्क लेकर रातोंरात बन रहे लाइसेंस

दो दिनों में 39 लाईसेंस बनाए जाने का खुलासा, विभाग में हड़कंप

Gorakhpur, Uttar Pradesh, India

गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिले में सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर है। आरटीओ में लर्निंग लाइसेंस बनाने के नाम पर लूट मची हुई है। विभागीय गठजोड़ से दलालों द्वारा किए जा रहे इस फर्जीवाड़े के खुलासे से हड़कंप मच गया। हालांकि, इस पूरे प्रकरण में एआरटीओ का बयान बेहद निराशाजनक है। आरटीओ ने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए जांच की बात कही।
गोरखपुर में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के नाम पर आरटीओ आफिस में जमकर धांधली की जा रही है। डीएम आवास केपास स्थित इस कार्यालय में लाइसेंस बनवाने के नाम पर सुविधा शुल्क वसूला जा रहा। जब कुछ लोगों ने इस बाबत शिकायत की और जांच हुई तो पता चला कि प्राइवेट लोग सरकारी आईडी चला रहे हैं। केवल दो दिनों में 39 लोगों के नाम फर्जी तरीके से लर्निंग लाइसेंस बना दिया गया। रातों रात बने इस लाइसेंस के नाम पर जमकर वसूली भी की गई। बृहस्पतिवार को जब इसका खुलासा हुआ तो विभाग में हड़कंप मच गया। विभागीय कर्मी अपना गला बचाने में लगे रहे।
आरआई जय सिंह ने लाइसेंस बनाए जाने की बात तो स्वीकारी लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि वह दो दिनों से छुट्टी पर थे और किसी ने आईडी हैक कर यह फर्जीवाड़ा किया है। उन्होंने बताय कि इन सभी लाइसेंसों को निरस्त करने की प्रक्रिया की जा रही है।
उधर, एआरटीओ सूरजराम पाल ने इस मामले को बेहद हल्के ढं़ग से लेते हुए बताया कि हां, पता चला है कोई लाइसेंस बना है। उन्होंने कहा कि जांच कराई जाएगी उसके बाद कार्रवाई होगी।
बहरहाल, मुख्यमंत्री के शहर में सरकारी विभागों में ऐसे भ्रश्टाचार पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा करता है। जब सीएम के जिले के आलम यह है तो अन्य जिलों में क्या हाल होगा यह आसानी से समझा जा सकता है।

Show More
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned