शिवपाल यादव के समाजवादी सेकुलर मोर्चा के साथ आधा दर्जन दलों का गठबंधन, सपा और भाजपा दोनों को होगा भारी नुकसान

शिवपाल यादव के समाजवादी सेकुलर मोर्चा के साथ आधा दर्जन दलों का गठबंधन, सपा और भाजपा दोनों को होगा भारी नुकसान

Dheerendra Vikramdittya | Publish: Oct, 13 2018 01:31:57 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2018 01:31:58 PM (IST) Gorakhpur, Uttar Pradesh, India

 

नए राजनैतिक धु्रव बनने की ओर अग्रसर होते शिवपाल यादव

शिवपाल यादव का समाजवादी सेकुलर मोर्चा अब यूपी में नए सियासी जमीन को तैयार करने में लग चुका है। छोटे-छोटे राजनैतिक व गैर राजनैतिक दलों को एकजुट कर वह यूपी में नए समीकरण की नींव डाल रहे। हालांकि, यह अभी तक तय नहीं हो सका है कि शिवपाल यादव का नया मोर्चा बीजेपी से गठबंधन करेगा या महागठबंधन के साथ होगा, पर यह तो तय है कि दोनों गठबंधनों के लिए यह मोर्चा मुसीबत की सबब बन सकता है। फिलहाल, इस नए सियासी सफर में शिवपाल यादव ने अपने मोर्चा के साथ करीब एक दर्जन छोटे राजनैतिक-गैर राजनैतिक दलों को अपने पाले में कर अपनी सांगठनिक पकड़ का मुजाहिरा कर रहे हैं।

समाजवादी पार्टी से अलग होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के अनुज शिवपाल यादव लगातार चर्चा में हैं। यूपी की राजनीति में उनका सियासी मोर्चा ‘समाजवादी सेकुलर मोर्चा’ भले ही शैशवाकाल में हो लेकिन उनके इस आगाज से भाजपा और सपा दोनों सकते में हैं। भाजपा तो उनको अपने पाले में करने के लिए हर संभव परोक्ष मदद भी कर रही तो अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी अभी अपने पुराने नेताओं को साध कर उनको रोकने में लगी हुई है।
नए मोर्चा के गठन के बाद यूपी के नए सियासी धु्रव बनकर उभरे शिवपाल यादव फिलहाल प्रदेश के दौरे पर हैं। इस दौरे से वह अपनी सांगठनिक क्षमता का भी मुजाहिरा करने से नहीं चूक रहे। संगठन को पूरे प्रदेश में खड़ा करने के लिए प्रदेश के कोने-कोने में जा रहे शिवपाल यादव इस दौरान एक नया समीकरण भी तैयार कर रहे हैं।
बीते दिनों गोरखपुर में आने पर करीब आधा दर्जन छोटे राजनैतिक व गैर राजनैतिक दल उनके साथ गठबंधन धर्म निभाते हुए दिखे। ये दल भले ही राजनैतिक चकाचैंध में कहीं न दिख रहे परंतु इनका प्रभाव कुछ खास क्षेत्रों और जातियों पर काफी प्रभावशाली है। राजनैतिक पंड़ितों की मानें तो शिवपाल का यह मास्टर स्ट्रोक है जो ऐसे दलों को एक मंच पर लाने जा रहा जिससे कई बड़े दलों के भी होश उड़ सकते हैं।

गोरखपुर में ये दल दिखे शिवपाल के साथ

शिवपाल यादव के समाजवादी सेकुलर मोर्चा के साथ इन दिनों बहुजन क्रांति मोर्चा, फूलन सेना, पूर्वांचल सेना और भारतीय मुस्लिम मोर्चा पूरे जोश के साथ दिख रहा। बहुजन क्रांति मोर्चा के अध्यक्ष वामन मेश्राम,
फूलन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल निषाद, पूर्वांचल सेना के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप और भारतीय मुस्लिम मोर्चा अध्यक्ष अब्दुल हमीद अजहरी ने उनके साथ मंच भी साझा किया था। बता दें कि इन दलों का कई क्षेत्रों में खासा प्रभाव है। इनके साथ काफी अच्छी तादाद में समर्पित कार्यकर्ता हैं जो अपने संगठन के लिए पूरे मनोयोग से काम करते हैं। ऐसे में इनका समाजवादी सेकुलर मोर्चा के साथ आना कई दलों में खलबली मचा सकता है।

गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में दलित-आेबीसी वोटरों का प्रभाव

गोरखपुर लोकसभा सीट सहित आसपास के करीब एक दर्जन सीटों पर दलित वोटरों की अच्छी खासी संख्या है। यही नहीं मुस्लिम वोटरों के साथ ओबीसी वोटर भी यहां प्रभावशाली हैं। ऐसा माना जा रहा है कि ओबीसी खासकर यादव मतदाताओं में शिवपाल यादव सेंधमारी कर सकते हैं। दलित वोटरों में उनके साथ आए दल अच्छी खासी सेंधमारी करने में कामयाब हो सकते। ऐसे में आने वाले लोकसभा चुनाव में अगर ठीक-ठाक गठबंधन बन गया तो शिवपाल यादव की नई पार्टी कईयों के समीकरण बनाने-बिगाड़ने में सफल होगी।

Ad Block is Banned