छोटे उद्योगों से बदलेगी गांव-कस्बों की सूरत, बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार

छोटे उद्योगों से बदलेगी गांव-कस्बों की सूरत, बेरोजगारों को मिलेगा रोजगार

Dheerendra Vikramadittya | Publish: Sep, 10 2018 11:59:59 PM (IST) Gorakhpur, Uttar Pradesh, India


यूपी सरकार के मंत्री सत्यदेव पचैरी पहुंचे थे वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम में

सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन और खादी व ग्रोमोद्योग, रेशम, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री सत्यदेव पचैरी ने कहा कि गरीबों के उत्थान से ही प्रदेश का उत्थान होगा। एक जिला एक उत्पाद के तहत विभिन्न जनपदों के उत्पादों को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। इससे उत्पादों से जुड़े हुए शिल्पी कारीगर एवं अन्य लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाया जा सकता है।
सोमवार को वह जीडीए सभागार में एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत यूपी इंटीच्यूट आॅफ डिजाइन द्वारा आयोजित टेराकोटा शिल्पी, बुनकर सम्मेलन एवं टेराकोटा डिजाइन कार्यशाल के समापन समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि टेराकोटा के कारीगर बैंकों से ऋण लेकर कार्य करें। ऋण का समय से भुगतान करें। बैंकों का खुद पर विश्वास बनाये रखें और बैंक भी इनके व्यवसाय में मदद करें।
उन्होंने कहा कि सभी प्रकार की सरकारी खरीदारी जेम पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। इससे छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। टेराकोटा व सम्बद्ध क्षेत्रों में कैम्प लगाकर इन्हें विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित भी किया जा रहा है। टेराकोटा शिल्पियों व बुनकरों की मांग और समस्याओं को दूर किया जायेगा।
यूपीआईडी की अध्यक्ष शिप्रा मिश्रा ने कहा कि इस क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण का कार्य लगातार किया जा रहा है।
विधायक बासगांव कमलेश पासवान, विधायक पिपराइच महेन्द्रपाल सिंह, पूर्व विधायक लल्लन त्रिपाठी आदि ने टेराकोटा शिल्पियों की कठिनाइयों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि टेराकोटा और बुनकर उद्योग लघु उद्योग है। यह शिल्पियों के आजीविका के साधन भी है। इसलिए सभी मेहनत से कार्य करें। उनकी कठिनाइयों को दूर करने का प्रयास करें।

विधायक महेन्द्रपाल सिंह ने शिल्पयों को आश्वस्त किया कि शीघ्र ही औरंगाबाद गांव में जाने वाली सड़क को 5.50 मीटर चैड़ा किया जायेगा। गांव में बड़े वाहन भी आसानी से प्रवेश कर सकेंगे। उनके उत्पादों को बाहर ले जाने में भी सुविधा होगी।

विभागीय योजनाओं के बारे में भी बताया गया। इस दौरान बताया गया कि सभी उत्पादों को तकनीक से जोड़ा जा रहा है। शीघ्र ही सभी कारीगरों को इलेक्ट्रानिक चाक दी जायेगी। प्रत्येक गांव में एक स्थान पर इलेक्ट्रानिक भट्ठी भी स्थापित होगी। इससे टेराकोटा के कारीगर अपने उत्पादों को आसानी से सुखा सकेगे। इतना ही नहीं, उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए नये पीढ़ी को भी इससे जोड़ने पर बल दिया गया। उत्पादों की मार्केटिंग की विशेष व्यवस्था करने का आश्वासन मिला।
इस अवसर पर चेम्बर आफ इण्डस्ट्रीज के महासचिव प्रवीन मोदी, जिलाधिकारी के विजयेन्द्र पाण्डियन, हस्तशिल्पी अखिलेश प्रजापति, मोहन प्रजापति, बुनकर फसल अंसारी, उमेद अली आदि मौजूद रहे।

 

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