यूपी के इस फोरलेन से गुजरने के लिये 12 अगस्त से चुकाना होगा TOLL TAX

गोरखपुर में बने जंगल कौड़ियााा-कालेसर फाेरलेन पर टोल टैक्स के लिये नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया ने जारी किया नोटिफिकेशन।

गोरखपुर. जंगल कौड़िया कालेसर बाईपास (Jungle Kaudia Kalesar Bypass) पर गुजरने वाले चार पहिया वाहनों को अब वहां से गुजरने पर टोल टैक्स (Toll Tax) चुकाना होगा। इतना ही नहीं वहां से 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले चार पहिया निजी वाहनों को भी मासिक टोल अदा करना होगा। 12 अगस्त से बिना टोल टैक्स दिये हुए कोई भी वाहन इस बाईपास से गुजर नहीं पाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highway Athaurity of India) यानि एनएचएआई (NHAI) की ओर से यह बाइपास गोरखपुर-लखनऊ फोरलेन (Gorakhpur Lucknow Four Lane) हाइवे को सोनौली बाॅर्डर (Sonauli Border) से जोड़ता है, जिसके चलते यह बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। इस बाईपास के इस्तेमाल से लखनऊ से सोनौली (Lucknow to Sonauli) की ओर जाने वाली गाड़ियों को कम दूरी तय करनी होगी। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में भी ट्रैफिक जाम (Traffic Jaam) की समस्या से बहुत हद तक निजात मिलेगी। टोल टैक्स में लोहर वाहनों को रियायत देते हुए टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों को रोजाना टोल टैक्स देने के झंझट से मुक्त रखा गया है। इस दायरे में रहने वाले नागरिक 275 रुपये महीना टोल टैक्स टोल प्लाजा पर जमा कर पूरे महीने असीमित आवाजाही कर सकते हैं।

 

एनएचएआई प्रबंधक बोले, जारी हो गया है नोटिफिकेशन

नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया के परियोजना प्रबंधक श्रीप्रकाश पाठक ने कहा है कि जंगल कौड़िया कालेसर बाईपास बनकर तैयार हो चुका है। इस पर टोल टैक्स वसूली को लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। टोल टैक्स वसूली की संभावित तारीख 12 अगस्त तय की गई है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इसके लोकार्पण की तारीख का ऐलान किया जाएगा।

 

531 करोड़ में बनकर तैयार हुआ है 17.66 किमी बाईपास

केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने साल 2016 में तेनुआ टोल प्लाजा पर जंगल कौड़िया-कालेसर फोरलेन बाईपास का ऐलान किया था। इसे साल 2019 में ही बनकर तैयार हो जाना था, लेकिन कार्यदायी फर्म की लापरवाही से प्रोजेक्ट करीब एक साल लेट हो गया। 531 करोड़ रुपये की लागत से अब यह फोरलेन बाईपास न सिर्फ बनकर तैयार हो चुका है, बल्कि इस पर गाड़ियों की आवाजाही भी शुरू हो चुकी है। इस इस फोरलेन बाईपास की कुल लम्बाई 17.66 किलोमीटर है, जिसपर चार पुल बनाए गए हैं और 12.4 किलोमीटर की सविर्स लेन रोड का भी निर्माण किया गया है।

 

फोरलेन बाईपास के फायदे

तेजी से विकास के चलते गोरखपुर में भीड़ बढ़ी है। जिससे यहां की सड़कों पर भी दबाव पड़ा है। आए दिन शहर को जाम के झाम से जूझना पड़ता है। इसके लिये शहर के चारों ओर रिंग रोड की कवायद शुरू हो चुकी है। जंगल कौड़िया-कालेसर फोरलेन बाईपास के वजूद में आ जाने के बाद गोरखपुर शहर के चारों ओर रिंग रोड का सपना भी साकार होता दिख रहा है। भविष्य में जंगल कौड़िया से जगदीशपुर फोरलेन के वजूद में आ जाने के बाद शहर के चारों ओर रिंगरोड भी अस्तित्व में आ जाएगा। जंगल कौड़िया-कालेसर फोरलेन बाईपास के शुरू होने से सोनौली, महाराजगंज, सिद्घार्थनगर की ओर से आने जाने वाली गाड़ियों को लखनऊ और वाराणसी की ओर जाने के लिये गोरखनाथ या बरगदवा के रास्ते शहर में एंट्री की जरूरत नहीं। इससे शहर की सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम होने से ट्रैफिक जाम की समस्या से भी काफी हद तक निजात मिलेगी।

 

जानिये किसे कितना देना होेगा टोल टैक्स

वाहन का प्रकार सिंगल यात्रा रिटर्न यात्रा मासिक टोल

गोरखपुर की रजिसर्ग्ड

गाड़ियां/एकल

कार, जीप, वैन 40 रुपये 65 रुपये 1390 रुपये 20 रुपये

हल्के कामर्शियल

वाहन/मिनी बस

65 रुपये 100 रुपये 2245 रुपये 35 रुपये
बस या ट्रक 140 रुपये 210 रुपये 4705 रुपये 70 रुपये

तीन धुरी वाले

कामर्शियल वाहन

155 रुपये 230 रुपये 7380 रुपये 110 रुपये
रफतउद्दीन फरीद
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