गोरखपुर-कुशीनगर व संतकबीनगर में सीएनजी-पीएनजी घर-घर पहुंचाने के लिए टाॅरेंट को मिला टेंडर

गोरखपुर-कुशीनगर व संतकबीनगर में सीएनजी-पीएनजी घर-घर पहुंचाने के लिए टाॅरेंट को मिला टेंडर

Dheerendra Vikramdittya | Publish: Sep, 03 2018 07:07:07 AM (IST) Gorakhpur, Uttar Pradesh, India

कुशीनगर में भी सीएनजी गाड़ियों के लिए पंप लगेंगे, पाइपलाइन से घर-घर पहुंचेगा गैस

कुशीनगर, संतकबीरनगर और गोरखपुर में लोग जल्द ही सीएनजी गाड़ियों से फर्राटा भर सकेंगे। उनको रसोई गैस के लिए किसी एजेंसी से गैस के आने का इंतजार नहीं करना होगा। तीनों जिलों में प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना के तहत घर-घर रसोई गैस पहुंचाने और जिले में सीएनजी की सुविधा के लिए टाॅरेंट कंपनी को जिम्मेदारी दे दी गई है। टाॅरेंट ने इस बाबत सर्वे भी शुरू कर दिया है। टाॅरेंट कंपनी को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन का काम मिला है।

गेल द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा गैस, फुटकर वितरण टाॅरेंट को

प्रधानमंत्री उर्जा गंगा परियोजना के तहत बनारस से गोरखपुर तक नेचुरल गैस पाइपलाइन बिछाई जा रही है। यह पाइपलाइन बनारस से गोरखपुर तक करीब 166.35 किलोमीटर तक बिछायी जा रही है। गोरखपुर और खलीलाबाद के करीब 87 गांवों से होकर पाइपलाइन बिछाने का काम हो रहा है। गोरखपुर में 56 किलोमीटर और खलीलाबाद में साढ़े चार किलोमीटर पाइपलाइन बिछायी जा रही है। पाइपलाइन से पीएनजी और सीएनजी पहुंचाने की जिम्मेदारी गेल इंडिया लिमिटेड को मिली हुई है। इस दिसंबर तक वह पाइपलाइन से चिंहित जिलों में प्राकृतिक गैस पहुंचा देगा।

सीएनजी पंप और घर-घर पीएनजी पहुंचाने की जिम्मेदारी टाॅरेंट को

गोरखपुर जिले में सीएनजी-पीएनजी आम लोगों को मुहैया कराने के लिए घरों को पाइपलाइन से गैस उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी टाॅरेंट कंपनी को दी गई है। टाॅरेंट सीएनजी पंप स्थापित करेगा साथ ही शहर में पाइपलाइन बिछाकर घर-घर गैस उपलब्ध कराएगा। इसके लिए मंत्रालय ने टाॅरेंट को टेंडर दे दिया है। टाॅरेंट ने सर्वे कार्य शुरू कर दिया है। गेल द्वारा पाइपलाइन का काम दिसंबर 2018 तक पूरा करने के बाद टाॅरेंट वितरण के लिए अपनी परियोजना को अंतिम रूप देगा। अगर सबकुछ ठीक रहा तो 2019 में गोरखपुर में सीएनजी गाड़ियां फर्राटा भरेंगी तो घर-घर पाइपलाइन से रसोई गैस उपलब्ध हो सकेगा।

हर 16 किलोमीटर पर मानिटरिंग प्वाइंट
गैस पाइपलाइन बिछाने के बाद इसमें किसी प्रकार की लीकेज अथवा गैस पाइप लाइन में फाॅल्ट की मानिटरिंग के लिए हर सोलह किलोमीटर पर एक प्वाइंट बनेगा। इस प्वाइंट पर गेल और उसकी सहयोगी कंपनियों के तकनीशियन रहेंगे। कर्मचारी लगातार पेट्रोलिंग तो करेंगे ही सेंसर भी मानिटरिंग प्वाइंट पर लगे रहेंगे जो समय-समय पर किसी गड़बड़ी पर अलर्ट जारी कर सकेगा।

कुशीनगर तक होगा सीएनजी-पीएनजी का विस्तार

गोरखपुर के अलावा सीएनजी-पीएनजी पाइपलाइन का विस्तार कुशीनगर तक होगा। इस काम के लिए भी टाॅरेंट कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। गेल द्वारा बिछायी गई पाइपलाइन से टाॅरेंट सप्लाई को कुशीनगर तक विस्तारित करेगी। इससे बुद्ध की धरती को भी सीएनजी और पीएनजी की सुविधा मिल सकेगी।

 

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