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गोरखपुर

स्वयंसेवकों का पथ संचलन…अनुशासन और देशभक्ति का अद्भुत संगम, वसुधैव कुटुंबकम का संदेश

गोरखपुर में संघ के 20 दिवसीय वर्ग में RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत के 5 दिवसीय प्रवास के तीसरे दिन पथ संचलन में स्वयंसेवकों का अनुशासन देखने को मिला। इस दौरान स्वयंसेवकों ने काली टोपी, सफेद शर्ट और खाकी पैंट पहनकर संचलन किया, इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों का अनुशासन देखा ,कंधे पर लाठी लिए स्वयंसेवकों ने एकरूपता का परिचय देते हुए अनुशासन का बखूबी प्रदर्शन किया।

गोरखपुरJun 15, 2024 / 08:42 am

anoop shukla

गोरखपुर में RSS के सर संघ चालक मोहन भागवत इन दिनों पांच दिन के अपने गोरखपुर प्रवास पर हैं। शुक्रवार को मोहन भागवत की मौजूदगी में कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम सामान्य के अंतर्गत शुक्रवार को स्वयंसेवकों ने पथसंचलन किया। पथसंचलन में संघ का अनुशासन साफ नजर आया। संघ के घोष दल की मधुर ध्वनि के बीच पूर्ण गणवेश में स्वयंसेवकों ने पथसंचलन में वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया। पथसंचलन का जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया।
पथसंचलन की शुरूआत शुक्रवार को शाम 6 बजे सरस्वती विद्या मंदिर चिउटहा मानीराम से हुई। स्कूल के बाहर एक मंच पर RSS चीफ मोहन भागवत और सर्वाधिकारी प्रो. राधाकृष्णपाल सिंह मौजूद रहे। अनुशासनबद्ध होकर स्वयंसेवक पथसंचलन करते हुए मंच के सामने से गुजरे तो RSS और सर्वाधिकारी खड़े हो गए।
संघ के घोष आनक, बांसुरी और बिगुल, ड्रम की मनमोहक धुन पर हाथों में दंड लिए, दिलों में देश भक्ति भाव संजोए सैनिक की भांति स्वयंसेवक स्कूल से चिउटहा गांव होकर जंगल कौड़िया फोरलेन जीरो प्वाइंट तक पथसंचलन करते हुए वापस विद्यालय पहुंचे। स्वयंसेवकों की राष्ट्रभक्ति, सामूहिक संगठन शक्ति और अनुशासन का दर्शन सभी को रोमांचित कर रहा था। स्वयंसेवकों के अनुशासित पथसंचलन को देखने के लिए सड़क के दोनों तरफ भारी भीड़ लग गई।
दरअसल, सरस्वती विद्या मंदिर चिउटहा मानीराम में इन दिनों संघ का कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम सामान्य चल रहा है। इसमें काशी, अवध, कानपुर और गोरक्ष प्रांत के 280 स्वयंसेवक प्रतिभाग कर रहे हैं। 18 से 40 साल तक के यह स्वयंसेवक दो साल से संघ का दायित्व संभाल रहे हैं।
कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यहां पांच दिनों तक प्रवास पर हैं। RSS चीफ ने गुरुवार को बौद्धिक में स्वयंसेवकों से संघ के विस्तार का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष में हर गांव तक संघ की उपस्थिति सुनिश्चित करानी होगी। सरसंघचालक ने इसके साथ स्वयंसेवकों को सामाजिक सरोकार के प्रति भी सक्रिय रहने को कहा।
समाज सेवा की इस भावना को मजबूत बनाना होगा
उन्होंने कहा कि संघ अपने विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से समाज सेवा में जुटा रहता है। समाज के समक्ष जब कोई चुनौती आई तो स्वयंसेवकों ने उसका मुकाबला किया। समाज सेवा की इस भावना को मजबूत बनाना होगा। सेवा, संवाद, सम्पर्क के माध्यम से समाज में संघ की छवि को और मजबूत बनाना होगा।
शुक्रवार को भी कार्यकर्ता विकास वर्ग में दिन की शुरूआत संघ परम्परा के अनुसार हुई। सुबह शाखा दर्शन में सरसंघचालक और स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। इसके बाद जलपान हुआ। एक-एक घंटे के बौद्धिक सत्र में संघ पदाधिकारियों ने स्वयंसेवकों के साथ समाज और राष्ट्र हित से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इसके बाद स्वयंसेवक पथसंचलन की तैयारियों में जुट गए।

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