सैफई एक परिवार का महोत्सव, गोरखपुर महोत्सव गोरखपुर व पूर्वांचल काः योगी आदित्यनाथ

Dheerendra Vikramdittya

Publish: Jan, 14 2018 03:17:04 AM (IST)

Gorakhpur, Uttar Pradesh, India

गोरखपुर। सैफई महोत्सव से गोरखपुर महोत्सव को जोड़े जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक गांव का महोत्सव न होकर पूरे गोरखपुर एवं पूर्वान्चल का महोत्सव है। ऐसे आयोजन प्रदेश के सभी स्थानों पर किया जायेगा और लोगों को जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि गोरखपुर महोत्सव को सैफई महोत्सव बताने वाला विपक्ष की सोच का दुर्भाग्य है। सैफई और गोरखपुर में बहुत अंतर है। गोरखपुर महोत्सव में जो भी कार्यक्रम हुए न फूहड़पन था, न अराजकता थीं। कहा कि उनकी सरकार आने के बाद जितने भी महोत्सव प्रदेश में हुए और हो रहे हैं, विशुद्ध स्थानीय लोक परम्परा, लोक संस्कृति, लोक कलाकारों और लोक गायन को आगे बढ़ाने को लेकर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि होली में वे बरसाना की होली में भाग लेंगे तथा निषादराज गुहा के राजधानी श्रंगवेरपुर में अन्य आयोजन किया जायेगा। विरोधियों को जवाब देते हुए उन्होंने कहाकि प्रदेश के सभी सांस्कृतिक एवं अध्यात्मिक स्थानों पर उत्सव आयोजित किये जायेंगे।
मुख्यमंत्री गोरखपुर महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। गोरखपुर महोत्सव का समापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में किया गया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले 22 लोगों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित भी किया।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विवि परिसर में आयोजित समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महोत्सव पुरातन एवं नूतन का संगम होना चाहिए, इसमें अपनी विरासत के साथ साथ विकास का भी प्रदर्शन होना चाहिए। गोरखपुर महोत्सव में इसका समावेश दिखा। उन्होंने तीन दिवसीय महोत्सव के सफल आयोजन पर आयोजन समिति को बधाई व शुभकामनाएं दी।
उन्होंने कहा कि महोत्सव में पूर्वान्चल की विरासत, यहां का गीत, संगीत, कला, संस्कृति, शिल्प का प्रदर्शन किया गया। यहां सरकारी विभागों द्वारा अपनी उपलब्धियां प्रदर्शित की गयीं। एन.डी.आर.एफ. व उद्योग द्वारा भी अपनी उपलब्धियां दिखाई गयी है। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि इस महोत्सव में समाज के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 50 हजार छात्र छात्राओं द्वारा योग ?, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विज्ञान प्रदर्शनी, नृत्य संगीत एवं टैलेन्ट जैसी प्रतियोगिताओं में भाग लिया गया। इसी प्रकार महिलाओं ने अलग से प्रतियोगिताएं आयोजित किया।
उन्होंने कहा कि खेलकूद की विभिन्न प्रतियोगिताएं हुई। रामगढ़ताल में वाटर स्पोर्टस की अपार सम्भावनाएं है। यहां शीघ्र एक स्पोर्टस काम्पेलक्स का निर्माण कराया जायेगा। महोत्सव में पैराग्लाइडिंग का आयोजन भी किया गया है जो आधुनिक एडवेंचर स्पोर्टस का प्रदर्शन है।
मुख्यमंत्री ने प्रो. राजवन्त राव के संरक्षण में प्रकाशित मंथन पत्रिका तथा मण्डलायुक्त अनिल कुमार के संपादन में प्रकाशित आयुद्य स्मारिका का विमोचन किया।

 

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22 विभूतियों को किया गया सम्मानित
गोरखपुर की 22 विभूतियोें को महोत्सव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा सम्मानित भी किया गया। इतिहास के क्षेत्र से प्रो. शिवाजी सिंह, सैन्य क्षेत्र से बी.पी. शाही, संस्कृत से प्रो. दशरथ द्विवेदी, शास्त्रीय गायन से शरदमणि त्रिपाठी, साहित्य से प्रो. रामदेव शुक्ल, प्रो. कृष्ण चन्द्र लाल, पुरातत्व से कृष्णानन्द तिवारी, सामाजिक कार्य के क्षेत्र में प्रो. यू.पी. सिंह, प्रो. रामअचल सिंह, प्रेम नारायण, सेवा कार्य में प्रदीप, भोजपुरी में रवीन्द्र श्रीवास्तव (जुगानी भाई), चिकित्सा के क्षेत्र में डाॅ. प्रवीन चन्द्रा, वैद्य आत्माराम दुबे, प्रशासनिक क्षेत्र व न्याय क्षेत्र में के.डी. शाही, डाॅ. एल.पी. पाण्डेय, देश दीपक वर्मा (महासचिव राज्यसभा), पर्यावरण के क्षेत्र में डाॅ. गोविंद पाण्डेय, खेल के क्षेत्र में दिवाकर राम, कुमारी प्रीती दुबे, उद्योग के क्षेत्र से चन्द्र प्रकाश अग्रवाल एवं अशोक जालान को सम्मानित किया।
इसके अलावा वर्ष 2017 में आई भयंकर बाढ़ में 28 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने वाले एन.डी.आर.एफ. के डी.आई.जी. आलोक सिंह, कौशलेश राय, डिप्टी कमाण्डेन्ट पी.एल. शर्मा व असीम उपाध्याय तथा पी.ए.सी. के आलोक, महेश शर्मा, त्रिनेत्र सिंह एवं लाल बहादुर यादव, नागराज को सम्मानित किया।
समापन कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीप प्रज्वलित करके किया। महोत्सव समिति के अध्यक्ष व मण्डलायुक्त अनिल कुमार ने स्वागत किया। प्रमुख सचिव सूचना एंव पर्यटन अवनीश अवस्थी एवं पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने प्रदेश के पर्यटन नीति के बारे में जानकारी दिया। जिलाधिकारी व समिति के उपाध्यक्ष राजीव रौतेला ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. अलका निवेदन ने किया।
समापन समारोह में भजन सम्राट अनूप जलोटा ने भजन प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। मुख्यमंत्री ने भजन सम्राट पद्मश्री अनूप जलोटा व अन्य कलाकारों तथा थीम-सांग के लेखक विमल बावरा तथा गायक प्रणव सिंह को शाल उढ़ाकर सम्मानित किया। मण्डलायुक्त ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी को शाल उढ़ाकर सम्मानित किया तथा महोत्सव का प्रतीक चिन्ह भेट किया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री जल संपत्ति उपेन्द्र तिवारी, राज्य मंत्री श्रम एवं सेवायोजन मनोहर लाल कोरी, सांसद एवं विधायक गण उपस्थित रहे।

 

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पैरामोटरिंग का भी लोगों ने उठाया लुत्फ

गोरखपुर महोत्सव में पैरामोटरिंग की भी व्यवस्था थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर महोत्सव के पैरामोटरिंग कार्यक्रम में पहुंचकर पैरामोटरिंग यान को हरी झण्डी दिखाई। उन्होंने पैरामोटरिंग कराने वाले अधिकारियों से विस्तार से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यहां पर यह कार्य कराया जा रहा है और इसे लगातार कराने का प्रयास किया जायेगा साथ ही वाटर स्पोर्टस की जल्द शुरूआत की जायेगी। उन्होंने लोगों को मकर संक्रान्ति की बधाई दी।

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इसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने रामगढ़ताल के किनारे स्थित नया सवेरा योजना के अन्तर्गत हो रहे निर्माण कार्याें व नौकायान केन्द्र तथा प्रदेश का सबसे ऊंचा झण्डा फहराने के लिए बनाये जा रहे स्थल को देखा। उन्होंने वहां पर काम कर रहे मजदूर प्रहलाद, दिलीप आदि से बातचीत की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि रामगढ़ताल में मिलने वाली सभी नालियों को टैप करके एस.टी.पी. के माध्यम से पानी शुद्ध करके रामगढ़ताल में आने दिया जाये। उन्होंने कहा कि रामगढ़ताल के किनारे बोल्डरों से पीचिंग कराया जाये तथा लाइटिंग, वाटर स्पोर्टस, पीचिंग व अन्य निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाये।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव पर्यटन व सूचना अवनीश अवस्थी, मण्डलायुक्त अनिल कुमार, जिलाधिकारी राजीव रौतेला सहित वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित रहे।

 

 

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