चार राज्यों के DGP ने की बैठक, लोकसभा चुनाव को लेकर तैयार किया प्लान, देखें वीडियो

-बैठक में डीजीपी के अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड पुलिस के वरिष्ठ अफसर शामिल हुए

-ओपी सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देश पर को-आर्डिनेशन मीटिंग हुई

ग्रेटर नोएडा। जनपद के एक्सपो मार्ट में देश में हो रहे लोकसभा चुनाव के मद्देनजर शुक्रवार को चार राज्यों के पुलिस मुखिया की बैठक हुई। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह के अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड पुलिस के वरिष्ठ अफसर शामिल हुए। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान ओपी सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देश पर को-आर्डिनेशन मीटिंग हुई, जिससे शांतिपूर्व और निष्पक्ष चुनाव कराया जा सके। उन्होंने कहा कि चुनाव में मनी और मसल्स पावर को रोकना, अवैध शराब, ड्रग्स, नशे के दूसरे पदार्थों और नकदी के आवागमन को रोकना उनकी प्राथमिकता में शामिल है।

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यूपी पुलिस के मुखिया ओपी सिंह ने कहा कि बैठक में उन सभी मुद्दों पर चर्चा हुई, जो चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जरूरी हैं। चुनाव आयोग ने भी इस बाबत निर्देश दिए हैं कि बार्डर मीटिंग की जाए, जिससे अवांछनीय तत्वों पर लगाम लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि चुनाव में मनी और मसल्स पावर को रोकना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। इस बाबत भी चर्चा हुई कि कैसे मनी और मसल्स पावर को काबू में रखा जा सकता है। यूपी के डीजीपी ने कहा कि को-आर्डिनेशन मीटिंग में सभी राज्य एक दूसरे से अपने राज्य के वांछित अपराधियों की लिस्ट को आपस में शेयर करते हैं। जिससे एक राज्य का अपराधी दूसरे राज्य में जाकर कोई अपराध न कर सके।

डीजीपी ने बताया कि अभी हाल ही में मध्य प्रदेश के भोपाल में भी को-आर्डिनेशन मीटिंग हुई थी। उसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के डीजीपी ने हिस्सा लिया था। इसके अलावा राज्यों की सीमा से लगे जनपदों जैसे सहारनपुर, मथुरा और आगरा में भी कोआॅर्डिनेशन मीटिंग हुई थी। इन जिलों के बार्डर राजस्थान और हरियाणा से लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी कोशिश है कि चुनाव के दौरान होने वाले अवैध शराब, ड्रग्स, नशे के दूसरे पदार्थों और नकदी के आवागमन को भी रोका जा सके।

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ओपी सिंह ने कहा कि बीते लगभग तीन वर्षों में साइबर क्राइम में इजाफा हुआ है। लेकिन, दूसरे अपराधों में अप्रत्याशित कमी आई है। अगर कोई अपराध हो भी गया तो उसे 24 से 48 घंटे में वर्कआउट कर लिया जाता है। उन्होंने बताया कि साइबर क्राइम पर प्रभावी कंट्रोल के लिए नोएडा और लखनऊ में साइबर थाने खोले गए हैं। इन थानों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को साइबर की ट्रेनिंग दी जा रही है। साइबर अपराध के कई बड़े मामलों का खुलासा करने में उन्हें कामयाबी भी मिली है। उन्होंने दावा किया कि इस वर्ष के अंत तक साइबर क्राइम पर प्रभावी नियंत्रण में हम और भी कामयाब हो जाएंगे।

Rahul Chauhan
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