80 गांवों के किसानों का हल्ला बोल, पुलिस छावनी में तब्दील हुआ प्राधिकरण कार्यालय

Highlights

- पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्राधिकरण दफ्तर का घेराव

- सैकड़ों किसानों के पहुंचने से प्राधिकरण कार्यालय छावनी में तब्दील

- नए अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजे की मांग कर रहे किसान

By: lokesh verma

Published: 19 Mar 2021, 11:58 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
ग्रेटर नोएडा. पांच सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर हल्ला बोलते हुए प्रदर्शन के साथ घेराव किया। किसान डीएमआईसी पर चल रहे निर्माण कार्य को बंद कराने व अथॉरिटी पर ताला जड़ने की रणनीति बनाकर आए। सैकड़ों किसानों के प्राधिकरण कार्यालय पर पहुंचने की सूचना मिलते ही कार्यालय को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। डंपर और बुलडोजर लगा रास्ते को जाम कर दिया गया। किसानों के प्रदर्शन के चलते अथॉरिटी के सामने का मार्ग बाधित हो गया। किसानों के साथ महिलाएं व बुजुर्ग भी शामिल थे।

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पैदल, चार पहिया व ट्रैक्टरों पर सवार होकर चिटहैरा, कठहैरा, पल्ला, पाली और बोड़ाकी समेत करीब 80 गांवों के किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के कार्यालय पहुंचकर घेराव किया। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से प्रभावित इन किसानों नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत मुआवजा और सुविधाएं दिए जाने की मांग की। बीते माह भी किसानों ने ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सामने कई दिनों तक धरना प्रदर्शन किया था। 23 फरवरी को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना व अथॉरिटी के सीईओ नरेंद्र भूषण ने किसानों के साथ बैठक कर एक सप्ताह में मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया था, लेकिन अभी तक मांगें पूरी नहीं हुई हैं।

किसानों का कहना है कि दिल्ली-मुंबई औद्योगिक रेल कॉरिडोर और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के सुनियोजित विकास के लिए इन काश्तकारों की भूमि ली गई है। किसानों से प्राधिकरण ने सीधे बैनामा और अधिग्रहण प्रक्रिया से जमीन ली है। उनकी मांग है कि उन्हें नए भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत मिलने वाली सुविधाएं दी जाएं। किसान नए भूमि अधिग्रहण कानून-2013 के अनुसार बाजार दर का 4 गुना मुआवजा, 20 प्रतिशत प्लॉट और सभी औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय युवाओं को रोजगार में 50 फीसदी का आरक्षण मांग रहे हैं। साथ ही पुराने कानून के तहत जमीन अधिग्रहण से प्रभावित सभी किसानों को 64.7 प्रतिशत मुआवजा और 10 प्रतिशत प्लॉट की सुविधा तुरंत देने की मांग कर रहे हैं।

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