ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण किसानों को देगा दिवाली का तोहफा

दिवाली तक कुल 4584 किसानों को मिलेंगे प्‍लॉट, ग्रेनो प्राधिकरण 2353 किसानों को आबादी भूखंड दे चुका है

By: sharad asthana

Updated: 22 Aug 2017, 10:08 AM IST

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण ने पिछले लंबे समय से किसानों की आबादी के अटके मामलों का निस्तारण करते हुए 17 गांवों के 2353 किसानों को आबादी के प्लाॅट आवंटित कर दिए हैं। दूसरे चरण में पांच सितंबर तक 1000 और तीसरे चरण में दिवाली तक 1231 भूखंडों का आवंटन किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि‍ किसानों के लिए यह दीपावली का तोहफा होगा। कुल 24 गांव के 4584 किसानों को भूखंड मिलेंगे। वहीं, जिन किसानों को 64.7 प्रतिशत मुआवजा मिलना है, प्राधिकरण अगले दो माह में मुआवजा देगा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी देवाशीष पांडा ने सोमवार को प्राधिकरण में आयोजित प्रेस कांफेंस मे ये जानकारी दी।

वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई सूची

ग्रेटर नोएडा के सीईओ देवाशीष पांडा ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बताया कि छह और 10 प्रतिशत आबादी के कुल 4598 भूखंड दिए जाने हैं। दिवाली तक सभी किसानों को भूखंडों का आवंटन कर दिया जाएगा। इनमें से 17 गांव के 2353 के किसानों को भूखंड का आवंटन कर दिया गया है। किसानों की सूची वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। साथ ही आवंटन पत्र भी जारी कर दिए जाएंगे। वहीं, बाकी 24 गांवों के 2231 किसानों में से एक हजार को पांच सितंबर तक भूखंड दे दिए जाएंगे। इकसे बाद बचे हुए 1231 किसानों को दिवाली तक भूखंड मिल जाएंगे।

जो हाईकोर्ट गए थे, उनको मिलेगा प्‍लॉट

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ देवाशीष पांडा ने बताया की प्राधिकरण ने केवल उन किसानों को 10 प्रतिशत भूखंड दिए हैं, जो हाईकोर्ट गए थे। बाकी को 10 प्रतिशत भूखंड देने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन अभी तक वहां से मंजूरी नहीं मिली है। हाईकोर्ट के आदेश पर 35 गांव के किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा दिया जाना था, लेकिन अभी सभी को मुआवजा नहीं मिला है। प्राधिकरण ने अगले दो माह में बचे किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा देने का फैसला लिया है। उन्‍होंने कहा कह कठिनाई तो है लेकिन कही न कहीं से पैसे अरेंज करके किसानों को दे देंगे। इसके अलावा गांवों के विकास के लिए बजट में कोई कटौती नहीं होगी। प्रत्‍येक गांव की एक कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसकी सूचना वेबसाइट पर अपलोड होगी। साथ ही बिल्‍डर्स प्रॉब्लम पर ही उनका फोकस है।

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