दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में अब मकान-दुकान, फ्लैट और ऑफिस खरीदना हुआ सस्ता

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में 4398.90 करोड़ रुपये का बजट पास होने से विकास की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद। भू-अधिग्रहण व जेवर एयरपोर्ट परियोजना के लिए 2,200 करोड़ रुपये और स्मार्ट विलेज बनाने के लिए 210 करोड़ रुपये खर्च करेगी ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी।

By: lokesh verma

Published: 27 Jun 2021, 01:18 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
ग्रेटर नोएडा. प्राधिकरण की 122वीं बोर्ड बैठक चेयरमैन अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त संजीव मित्तल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 4398.90 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है। प्राधिकरण ने भू-अधिग्रहण और जेवर एयरपोर्ट परियोजना के लिए 2,200 करोड़ रुपये, मेट्रो रेल परियोजना के लिए 75 करोड़ और स्टेडियम-खेल के मैदानों के लिए 100 करोड़ रुपये आरक्षित किए हैं। इसके अलावा प्राधिकरण ने गांवों के विकास पर भी जोर दिया है। कोरोना महामारी में एक बड़ा फैसला घर खरीदने वालों के लिए लिया गया है। बिल्टअप हाउसेस, मकान, दुकान, क्यिोस्क आदि के लिए ट्रांसफर शुल्क 5 से घटाकर 2.5 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही इंडस्ट्रियल और इंस्टीट्यूशनल आदि के 10 प्रतिशत ट्रांसफर शुल्क को घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। बजट पास होने से ग्रेटर नोएडा में विकास की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।

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ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नरेंद्र भूषण ने बताया कि स्मार्ट विलेज बनाने के लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी 210 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस राशि में गांवों का संपूर्ण विकास किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अभी 67.59 करोड़ से गांवों में विकास कार्य चल रहा है। लगभग 15.11 करोड़ के कार्य के लिए टेंडर निकाले जाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा गांवों के विकास के लिए 62.45 करोड़ का बजट तैयार किया जा रहा है। वहीं, अर्बन सर्विसेज और स्वास्थ्य सेवाओं पर अथॉरिटी 460.20 करोड़ का खर्च करेगी। इसके अलावा निर्माण कार्यों के लिए 900 करोड़ रुपये आरक्षित किए गए हैं।

भूमि अधिग्रहण और जेवर एयरपोर्ट परियोजना के लिए 2,200 करोड़ का बजट

नरेंद्र भूषण ने बताया कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने शहर में मेट्रो परियोजना का विस्तार करने के लिए इस बार के बजट में 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। नए सेक्टर के लिए भूमि अधिग्रहण और जेवर एयरपोर्ट परियोजना के लिए 2,200 करोड़ रुपये बजट में आरक्षित किए हैं। जेवर एयरपोर्ट में प्राधिकरण की 12.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसके अलावा मेट्रो रेल परियोजना के लिए 75 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सीईओ ने कहा इसके अलावा गेटर नोएडा प्राधिकरण कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र सरकार की कंपनी एनर्जी एफिसिएंसी सर्विसेज लिमिटेड देशभर में 2000 से अधिक इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जर स्टेशन स्थापित कर चुकी है। प्राधिकरण ने शहर में 100 स्थानों पर ईवीएस लगाने का फैसला लिया है। बोर्ड ने इसकी मंजूरी दे दी है। अब यह कंपनी यहां पर इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जर स्टेशन स्थापित करेगी।

स्टेडियम और ग्राउंड बनाने के लिए 100 करोड़ का प्रस्ताव पास

खेलों में उभरती प्रतिभाओं को देखते हुए भी स्टेडियम और ग्राउंड बनाने के लिए 100 करोड़ का प्रस्ताव पास किया गया है। दरअसल, क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जिससे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्राधिकरण अपने सेक्टरों और गांवों में स्टेडियम बनाएगा। खेल के मैदान विकसित करेगा। स्टेडियम और खेल के मैदानों को विकसित करने में 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कम्युनिटी सैंटरों और मल्टीपर्पज सेंटरों के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्राधिकरण ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अपना साइट ऑफिस बनाएगा। इसके लिए बजट में 36.10 करोड़ रुपये दिए गए हैं। बैठक में औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव अरविन्द कुमार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ ऋतु माहेश्वरी, यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह, ग्रेटर नोएडा के एसीईओ दीप चन्द्र समेत बोर्ड के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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