बड़ा घोटालाः नोएडा अथॉरिटी के इस मसले पर खुल सकता है राज, नप सकते हैं अधिकारी

योगीराज में किसानों को जमीन मिलने का इंतजार

ग्रेटर नोएडा। बैकलीज के मसले पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी में बड़े घोटाले का खुलासा होने की उम्मीद हैं। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर अथॉरिटी अफसरों ने रसूखदारों को बैकलीज कर दी, जबकि किसान आज भी जमीन वापस लेने के लिए परेशान हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोमल देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए अफसरों को जांच के निर्देश दिए हुए हैं। ग्रेटर नोेएडा अथॉरिटी के सीईओ ने अधिकारियों से बैकलीज की फाइल तलब की हैं। सुत्रो की माने तो बैकलीज की जांच शुरु कर दी गई हैं। जिससे देखते हुए अथॉरिटी अफसर व कर्मचारियों में हंड़कप मच गया हैं।

रसूखदारों को बांट दी जमीन


बैकलीज की जमीन देने के नाम पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अफसरों ने खूब बंदरबांट किया हैं। रसूखदारों के लिए नियमों को ताक पर रखकर 50-50 बीद्या तक जमीन दी गई है, जबकि हजारों किसान को आज भी जमीन का इंतजार हैं। सुत्रों की माने तो अथॉरिटी अफसरों ने सपा व बसपा सरकार में अंडर टेबल रिश्वत लेकर रसूखदारों को जमीन वापस कर दी। नियमानुसार पुश्तैनी व गैरपुश्तैनी जमीन के मालिक को तीन हजार मीटर से ज्यादा जमीन नही दी जा सकती हैं।

योगीराज में बैकलीज मिलने के आसार

सुत्रों की माने तो अथॉरिटी अफसरों ने रसूखदारों को सालों पहले ही बैकलीज कर दी, लेकिन हजारों किसानों को आज तक भी जमीन नही मिल पाई हैं। हाईकोर्ट में किसानों ने याचिका दायर की हुई हैं। अथॉरिटी ने कोमल देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए बैकलीज को सही ठहराया था और बैकलीज की जांच करनेे के आदेश अफसरों को दिए थे। कोर्ट ने अथॉरिटी अफसरों को 2 माह में जांच करने के निर्देश दिए हैं, कोर्ट ने कहा कि बैकलीज में गड़बड़ी की गई हैं, उनकी जांच कर निरस्त की जाए और गड़बड़ी करने वाले अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। जिससे देखते हुए सीईओ ने फाइल मांगी हैं। अगर जांच में सहीं तरीके से की जाती है तो कई अफसरों से गाज गिर सकती हैं। वहीं योगीराज में जांच सहीं होने की आंशका भी सुत्र जता रहे हैं।
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