जल संरक्षण मामले में फिसड्डी साबित हो रहा हैं उत्तर प्रदेश का यह शहर, देखें आंकड़े

गिरते भू-जल स्तर को सुधारने के लिए नही किए जा रहे प्रयास

वीरेंद्र शर्मा, ग्रेटर नोएडा। दिल्ली से सटे नोएडा में पानी की उपलब्धता को लेकर आंकडे चौकाने वाले हैं। अंधाधुंध जल के दोहन की वजह से नोएडा में पानी की उपलब्धता समाप्त हो गई हैं। एक्सपर्ट की माने तो नोएडा एरिया में पानी को बचाने के लिए अथॉरिटी और प्रशासन की तरफ से पर्याप्त उपाय नही किए गए। जिसकी वजह से पानी की उपलबधता समाप्त हुई हैं। इसके अलावा गौतमबुद्धनगर के जेवर ब्लॉक में भी पानी की उपलब्धता नही हैं। हालाकि अभी दादरी और दनकौर ब्लॉक सुरक्षित जोन में हैं।

जल दोहन ने खड़ी की दिक्कत


तेजी के साथ किए जा रहे गौतमबुद्धनगर में जल दोहन से समस्या खड़ी हो गई हैं। गौतमबुद्धनगर के बिसरख और जेवर में पानी की उपलब्धता शून्य पहुंच गई हैं। अभी आने वाले समय में ओर भी समस्या खड़ी हो सकती हैं। दरसल बिसरख एरिया में कंस्ट्क्शन साइट की भरमार हैं। ग्रेनो वेस्ट और नोएडा में लाखों लोगों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। इन कंस्ट्क्शन साइट पर जल का अंधाधुंध दोहन करने की वजह से जल के स्त्रोत समाप्त हो रहे हैं। जिसकी वजह से पानी की उपलब्धता शून्य तक जा पहुंची हैं। वहीं जेवर ब्लॉक में कंस्ट्क्शन साइट और प्रशासन की तरफ से पानी रिचार्ज के लिए सटीक उपाय न करने की वजह से भी पानी की उपलबधता समाप्त हुई हैं।

पर्याप्त नही किए जा रहे उपाय

जल संसाधन को लेकर प्रशासन और अथॉरिटी की तरफ से कोई ठोस कदम नही उठाए गए हैं। पानी के स्तर को सुधारने के लिए तालाबों का जीर्णोउद्धार करने के लिए पिछली बसपा और सपा सरकार से प्लानिंग की जा रही हैं, लेकिन यह कागजों मे सिमट कर रह गई है। वहीं रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर भी नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी गंभीर नही हैं। अथॉरिटी अफसरों ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर कोई उपाय नही किए हैं।

सरकारी आॅफिस में लगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम हुए बेकार

जिले में सरकारी आॅफिस में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लग हुए हैं। लेकिन देखरेख न होने की वजह से जर्जर हालत में पहुंच गए हैं। हार्वेस्टिंग सिस्टम की अफसरों की तरफ से मरम्मत नही कराई जाती हैं। वहीं भू-गर्भ विभाग के अधिशासी अभिंयता उमेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हर साल 2 वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की मरम्मत के लिए सरकार की तरफ से रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। एक वाटर हार्वेस्टिंग को ठीक करने के लिए सरकार की तरफ से 20 हजार रुपये दिए जाते हैं, जबकि लागत अधिक आती हैं। लोगों की माने तो ऐसे में किस तरह हार्वेस्टिंग सिस्टम में सुधाार किया जा रहा हैं, यह बानगी भर हैं।


दो ब्लॉक में शून्य है पानी की उपलब्धता



        भौगोलिक क्षेत्र   भू-जल रिचार्ज    भू-जल दोहन       भू-जल उपलब्धता
        (हेक्टेयर)      (हेक्टेयर मीटर)   (हेक्टेयर मीटर)     (हेक्टेयर मीटर)


बिसरख   33476       7735.62          9095.85          शून्य   

दादरी    22716       13033.16         10498.28         2534.88

दनकौर    43776      13908.00         11822.90       2085.39

जेवर     36627       11142.97          11227.48          शून्य
    

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