करोड़ों के राजस्व की चोरी करते पकड़े गए नोएडा के इंजीनियर्स, अब होगी प्रशासन की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश की हाईटेक सिटी गौतम बुद्ध नगर में करोड़ों की राजस्व चोरी का मामला सामने आया है, अब पावर कॉरपोरेशन करेगा सख्त कार्यवाही।

By: Arsh Verma

Updated: 15 Sep 2021, 02:01 PM IST

उत्तर प्रदेश, गौतम बुद्ध नगर। नोएडा व ग्रेटर नोएडा में इंजीनियरों द्वारा अस्थाई बिजली कनेक्शन में करोड़ों रुपये की काली कमाई करने की बात सामने आई है। पावर कॉरपोरेशन का कहना है कि वह इस से हुए राजस्व के नुकसान का कानूनी आंकलन भी करवाएगा।
बताया जा रहा है की विभाग को चूना लगाकर मोटी कमाई करने वाले इंजीनियरों के खिलाफ उ.प्र. पावर कॉरपोरेशन सख्त एक्शन लेगा। और दोषी पाए जाने पर इंजीनियरों को बर्खास्त भी किया जायेगा। फिलहाल, आरोपी 23 इजीनियरों के खिलाफ आरोपपत्र तैयार किए जा रहे हैं।

जांच टीम से जुड़े एक अधिकारी ने बताया, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की महज तीन डिविजन की जांच की गई है, जिसमें यह खुलासा हुआ है। अगर ठीक से जांच हो तो बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आएंगे। लोड कम दिखाने के साथ ही, बिलिंग नहीं करने और रिकॉर्ड गायब करने जैसे गंभीर मामले देखने को मिले हैं।

चार्जशीट के जवाब आने पर बरती जाएगी सख्ती

पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन एम. देवराज ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कई स्तर पर अनियमितताएं प्रकाश में आई हैं। बिल्डरों को लाभ पहुंचाते हुए विभागीय राजस्व की भरी क्षति की गई है। बिल की वसूली भी समय से नहीं की गई। बकाये बिल को किस्तों में वसूलने का काम किया गया। चेयरमैन का कहना है कि चार्ज शीट अभी तैयार की जा रही है और आरोप पत्र का जवाब मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों द्वारा जितने राजस्व का नुकसान किया गया है उसकी भी जांच करवाई जायेगी।

अगर शिकायत मिली तो अन्य शहरों में भी की जाएगी जांच

चेयरमैन ने माना कि सिर्फ नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ही नहीं एनसीआर और राज्य के अन्य बड़े शहरों में भी इस तरह के घोटाले होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। जहां से भी शिकायत आएगी उसकी सख्त जांच कराई जाएगी।

छुपाया लोड और किया करोड़ों का घोटाला

आशंका है कि करोड़ों रुपये राजस्व के नुकसान का अनुमान सिर्फ नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ही अस्थाई कनेक्शन की धांधली से किया गया है। जहां 50 किलोवाट का लोड था, वहां महज पांच किलोवाट का लोड दिखाकर इस बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया। बिलिंग के वक्त भी इन चीजों को छिपाया गया और यहां तक की इसके सभी रिकॉर्ड तक भी गायब हैं।

आपको बता दें कि मुख्य अभियंता अनिल कुमार तिवारी की अध्यक्षता वाली जांच टीम ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के तीन डिविजन के अस्थाई कनेक्शन की जांच की थी।

इन आरोपी अभियंताओं को स्थानांतरित किया गया

पश्चिमांचल निगम के एमडी से संबद्ध प्रभात कुमार सिंह को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम आगरा, विद्युत वितरण खंड प्रथम बुलंदशहर के शिव कुमार व विद्युत परीक्षण खंड शामली के संजय कुमार को पूर्वांचल विद्युत निगम वाराणसी भेजा गया है।आठ सहायक अभियंता चंद्रवीर, प्रेम शंकर शर्मा, संजुल कुमार, पंकज कुमार राठौर, नरेंद्र कुमार, होपेंद्र कुमार, अभिनय श्रीवास्तव व राजेश कुमार को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम वाराणसी स्थानांतरित किया गया है। इनके अलावा 12 अवर अभियंता भी पश्चिमांचल से हटाकर पूर्वांचल, दक्षिणांचल और मध्यांचल विद्युत वितरण निगम में स्थानांतरित किया गया है।

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