आमरण अनशन पर बैठा सवर्ण समाज, भाजपा सरकार को झेलना पड़ेगा दुष्परिणाम

आमरण अनशन पर बैठा सवर्ण समाज, भाजपा सरकार को झेलना पड़ेगा दुष्परिणाम

Virendra Kumar Sharma | Publish: Sep, 14 2018 09:42:54 AM (IST) Greater Noida, Uttar Pradesh, India

सवर्ण समाज ने कहा कि केंद्र सरकार ने किया कुठारघात

ग्रेटर नोएडा. एससी/एसटी ऐक्ट के विरोध में सवर्ण समाज का गुस्सा केंद्र सरकार के खिलाफ बढ़ता जा रहा है। गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर स्थित जिला मुख्यालय पर अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ के बैनर तले
सवर्ण समाज का अनिश्चितकालीन अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। महासंघ के पदाधिकारियों की माने तो केंद्र सरकार ने सर्वोच्च अदालत का फैसला बदल कर सवर्ण समाज पर बड़ा कुठाराघात किया है। सवर्ण समाज ने केंद्र सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि इसका दुष्परिणाम झेलना पड़ेगा।

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स्वर्ण समाज सेवा दल व अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ के बैनर तले जिला मुख्यालय स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर सवर्ण समाज सेवा दल का अनशन जारी है। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ ने भी आमण अनशन कर रहे पंडित हरीश शास्त्री, संदीप त्यागी, अनुज चौहान, आदित्य त्यागी का समर्थन किया है। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद शर्मा ने पूर्ण समर्थन देते केंद्र सरकार को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि 2019 के चुनाव में स्वर्ण समाज व ब्राह्मण समाज केंद्र सरकार को मुंहतोड़ जवाब देगा। उन्होंने कहा कि परंपरागत वोटर से हटकर केन्द्र सरकार ने बहुत बड़ी गलती की है। देश की सर्वोच्च अदालत का फैसला बदल कर सवर्ण समाज पर बड़ा कुठाराघात किया गया है।

यह सवर्ण समाज को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं है। केंद्र सरकार ने सवर्ण समाज के हितों की अनदेखी की है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही केंद्र सरकार ने एससी एसटी संशोधन बिल में बदलाव नहीं किया तो स्वर्ण समाज सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा। इस दौरान कोई घटना घटित होती है तो इसकी जिम्मेदारी स्वंय केंद्र सरकार की होगी।

सवर्ण समाज का यह है विरोध

सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट का दुरुपयोग मानकर नई गाइड लाइन जारी की थी। नई गाइड लाइन के मुताबिक एससी/एसटी एक्ट के तहत दर्ज घटना में तुरंत मुकदमा दर्ज करने से मना किया गया था और डीएसपी रैंक के अधिकारी से जांच की बात कहीं गई थी। यह दलितों को रास नहीं आई और दलितों ने 2 अप्रैल को भारत बंद किया था। दलितों के विरोध को देखते हुए केंद्र सरकार ने बिल को वापस ले लिया था। वापस लिए गए बिल के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए है। सवर्ण समाज ने 6 सितंबर को भारत बंद किया था। उसके बाद भी केंद्र सरकार ने बिल को वापस नहीं लिया है। इसकी के विरोध में स्वर्ण समाज का आंदोलन जारी है।

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