Beirut Explosion: विस्फोट के विरोध में व्यापक प्रदर्शन, Foreign Ministry में घुसे प्रदर्शनकारी

HIGHLIGHTS

  • Beirut Explosion: विस्फोट के विरोध में शनिवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन ( Protest ) किया गया। उग्र प्रदर्शनकारी विरोध जताते हुए विदेश मंत्रालय ( Foreign Ministry ) में घुस गए।
  • पुलिस ने प्रदर्शनकारियों ( Protesters ) पर आंसू गैस के गोले दागे।

By: Anil Kumar

Updated: 08 Aug 2020, 10:42 PM IST

बेरूत। लेबनान ( Lebanon ) की राजधानी बेरूत ( Beirut ) में मंगलवार को हुए भीषण विस्फोट ( Explosion ) के विरोध में शनिवार को हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी उतरे। उग्र प्रदर्शनकारी ने विरोध जताते हुए विदेश मंत्रालय ( Foreign Ministry ) में घुस गए। विस्फोट में कम से कम 158 लोग मारे गए थे।

प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी ( Stone Pelting ) और आगजनी भी की। हिंसक हो चुके प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शहीद स्क्वायर चौक से गोलियों की आवाज सुनाई देने की भी खबरें हैं।

Beirut Explosion: हजारों टन पटाखों के साथ बंदरगाह पर रखे थे Ammonium Nitrate से भरे बैग

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार हजारों टन अमोनियम नाइट्रेट ( Ammonium Nitrate ) से हुए भीषण विस्फोट को रोकने में नाकाम रही। बंदरगाह पर हुए इस भीषण विस्फोट के कारण शहर के कुछ हिस्सों को तबाह कर दिया। इससे लोगों में काफी गुस्सा है।

6 हजार से अधिक लोग घायल

जानकारी के मुताबिक, यह भीषण विस्फोट अमोनियम नाइट्रेट के एक विशाल भंडार के कारण हुआ था, जो छह साल पहले एक जहाज से जब्त किया गया था। इसको लेकर फिलहाल जांच जारी है और सरकार आरोपियों की तलाश कर रही है। लेकिन सरकार के खिलाफ लोगों में व्यापक गुस्सा है।

इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में सरकार विरोधी आंदोलन ( Anti Government Movement ) देखने को मिला था, जिसमें लोग आर्थिक संकट और गिरती अर्थव्यवस्था ( Economy ) के मद्देनजर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे। शनिवार को हुए प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने पत्थरबाजी करने वाले प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे। प्रदर्शनकारी संसद भवन ( Parliament House ) तक पहुंचने के लिए बैरिकैट को तोड़ने की कोशिश की।

Beirut Explosion : क्या होता है अमोनियम नाइट्रेट, यह खतरनाक क्यों होता है?

प्रदर्शनकारी इस विरोध के जरिए सरकार को अपना गुस्सा दिखा रहे थे। इस हादसे में 6 हजार से अधिक लोग घायल हो गए, जबकि 158 लोगों की मौत हो गई। वहीं, लगभग 300,000 लोग बेघर हो गए हैं। पूरी दुनिया के लोग बेरूत की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।

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