सऊदी अरब में आईएस आतंकवादी को 20 साल की सजा

सऊदी अरब की एक अदालत ने रविवार को आईएस के एक सदस्य को आतंकवादी हमले की साजिश रचने का दोषी पाते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई।

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Published: 07 Aug 2017, 12:10 PM IST

रियाद। सऊदी अरब की एक अदालत ने रविवार को इस्लामिक स्टेट (आईएस) आतंकवादी समूह के एक सदस्य को आतंकवादी हमले की साजिश रचने का दोषी पाते हुए 20 साल कैद की सजा सुनाई। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, रियाद की अदालत ने व्यक्ति पर विदेशी दूतावासों, अधिकारियों व सऊदी की उत्तरी सीमा के अरर हवाईअड्डे पर आतंकी हमले की साजिश रचने का दोषी करार दिया। 

20 साल का यात्रा प्रतिबंध भी लगा
व्यक्ति ने सऊदी अरब में आतंकवादी कार्य को अंजाम देने से पहले आईएस के सीरिया व इराके के शिविरों में हिस्सा लिया था। अदालत ने उस पर 20 साल का यात्रा प्रतिबंध भी लगाया।अदालत की सख्त सजा सऊदी सरकार के कट्टरवादियों व आतंकवादियों पर कड़ी कार्रवाई करने का हिस्सा है। सऊदी सरकार ने यह कदम हाल के वर्षो में देश में कई हिस्सों में हुए विस्फोटों के बाद लिया है, जिसमें कई लोगों की जान गई है।

इराक बोला- आईएस के खिलाफ जारी रहेगी जंग
इराक के प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने वैश्विक समुदाय से आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के खिलाफ लड़ाई और आतंकवादियों का सफाया जारी रखने का आह्वान किया है। अबादी ने कहा कि इराक ने आतंकवाद से जंग जारी रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) को एक मसौदा प्रस्ताव भेजा है।

10 जुलाई को आईएस के चंगुल से आजाद हुआ है मोसुल
अबादी ने मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस मसौदा प्रस्ताव का उद्देश्य आतकंवाद और आईएस से जुड़े उसके सहयोगियों के खिलाफ जंग को जारी रखना है। अबादी का यह बयान आईएस के कब्जे से मोसुल के आजाद होने की आधिकारिक घोषणा के बाद आया है। अबादी ने 10 जुलाई को मोसुल के आईएस के कब्जे से आधिकारिक तौर पर रिहा होने का ऐलान किया था। बता दें कि इराक में आतंकी संगठन आईएसआईएस ने काफी समय से आतंक मचा रखा है। 

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