मंदिर माफी की जमीन के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा

मंदिर माफी की जमीन के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा

By: दीपेश तिवारी

Published: 16 May 2018, 10:42 AM IST

गुना। जिलेभर में मंदिर माफी की जमीन के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिले में कई स्थानों पर मंदिर माफी के नाम पर जमीनें तो आवंटित हैं, लेकिन वहां न तो मंदिर है और न ही पुजारी। मंदिर माफी की इन सरकारी जमीनों पर भू-कारोबारियों की निगाहें टिकी हुई हैं। हालत यह है कि जिलेभर में करीब ऐसे १२ से अधिक मामले हैं, जहां मंदिर नहीं है। लेकिन जमीन मंदिर माफी के नाम पर रजिस्टर्ड है। यदि इन मामलों की गंभीरता के साथ जांच की जाए, तो एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है।

सूत्रों ने बताया कि गुना तहसील राजस्व क्षेत्र के हिलगना के नजदीक स्थित मंदिर माफी की जमीन पर न तो मंदिर है और न ही पुजारी वहां पर तैनात है। इसके बावजूद करीब आठ बीघा जमीन मंदिर माफी के नाम पर पड़ी हुई है, जिस पर कई भू-कारोबारियों की नजर है। क्योंकि शहर से लगी हुई जमीन के दाम वर्तमान में करोड़ों में चल रहे हैं। इस मंदिर माफी की जमीन पर अवैध कब्जा करने की तैयारी चल रही है।

इसके अलावा गुना तहसील में ही ऐसे करीब १२ से अधिक मामले हैं, जहां घरों में ही छोटे-छोटे चबूतरे बना लिए गए हैं और मंदिर माफी की जमीन लेकर वहां खेती की जा रही है। गुना तहसील राजस्व क्षेत्र के बजरंगगढ़ में ही करीब एक सैकड़ा से अधिक मंदिर मौजूद हैं, जो प्रशासन की सूची में तो दर्ज हैं। कहीं-कहीं तो घर के बाहर ही एक चबूतरा बना लिया गया है, जिसे राजस्व सीमा में मंदिर के रूप में दर्ज कराकर हर साल पुजारी मानदेय के रूप में पैसा एक बड़ी राशि शासन से ली जाती है।

चार-चार मंदिरों की पूजा मानदेय ले रहे एक पुजारी:
अकेले बजरंगगढ़ क्षेत्र में ही ऐसे कई पुजारी हैं, जो चार-चार मंदिरों की पूजा-अर्चना का मानदेय अकेले ले रहे हैं। इस क्षेत्र के पुजारियों की मानें, तो उनके अनुसार उस क्षेत्र में पूजा-अर्चना के लिए कोई पुजारी नहीं होने के कारण वह यह जिम्मेदारी उठा रहे हैं।

हर साल मिलता है ६ हजार से १२ हजार तक का मानदेय:
शासन की सूची में दर्ज इन मंदिरों के पुजारियों को हर साल करीब ६ से लेकर १२ हजार रुपए तक का मानदेय दिया जाता है। जिलेभर में ऐसे पुजारियों की संख्या करीब ७०० से ८०० के बीच है। सूत्रों के मुताबिक जिन मंदिरों को माफी की जमीन दी गई है, उन्हें मानदेय कम दिया जाता है, जबकि जिन मंदिर के पुजारियों के पास माफी की जमीन नहीं है।

गुना तहसील क्षेत्र में करीब १२ ऐसे मंदिर हैं, जिनके नाम पर माफी की जमीन दी गई है। इनमें से कई जमीनों पर न तो मंदिर है और न ही पुजारी। फिर भी शासकीय रिकार्ड में मंदिर माफी के नाम पर यह जमीन दर्ज है। इसकी जांच जल्द कराएंगे। वहीं कई मंदिरों की पूजा-अर्चना का मानदेय एक ही पुजारी को दिए जाने के मामलों की जांच भी कराई जाएगी। इसके तहत पटवारियों को प्रत्येक मंदिर के पुजारी के साथ फोटो खींचने के निर्देश दिए हैं।
-संदीप श्रीवास्तव, तहसीलदार गुना

दीपेश तिवारी
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