गुना में एक भी पैंसेजर ट्रेन न चलने से यात्रियों पर बड़ा संकट

- अतिरिक्त आर्थिक बोझ के साथ परिवार सहित लंबी दूरी की यात्रा हुई कष्टदायक
- कोरोना संक्रमण से आमजन को बचाने यात्री ट्रेनें की रद्द लेकिन बस यात्रा पर कोई ध्यान नहीं
गुना स्टेशन से प्रतिदिन गुजर रहीं ४० मालगाड़ी, दिन में मात्र दो एक्सप्रेस ट्रेन

By: Narendra Kushwah

Updated: 11 Jan 2021, 12:52 PM IST

गुना. कोरोना काल यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी लेकर आया है। जिससे छुटकारा मिलने की बजाए परेशानी और ज्यादा बढ़ती ही जा रही है। यह परेशानी पैसेंजर ट्रेन बंद होने से बहुत ज्यादा गंभीर हो गई। यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। वहीं लंबी दूरी की यात्रा परिवार सहित बहुत ज्यादा कष्टदायक साबित हो रही है। यात्रियों को यह परेशानी ऐसे समय में झेलनी पड़ रही है जब हाल ही में गुना से पगारा तक रेल मार्ग का दोहरीकरण कार्य भी पूरा हो गया है। इस ट्रेक पर वर्तमान में ४० मालगाडिय़ां प्रतिदिन दौड़ाई जा रही हैं। लेकिन पैसेंजर ट्रेन एक भी नहीं दौड़ाई जा रही है। वहीं दिन में मात्र दो ही एक्सप्रेस ट्रेन हैं। जिनमें सिर्फ रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों ंको ही बैठने की अनुमति है। ऐसे में जहां एक तरफ रेलवे की आय में कमी आ रही है वहीं दूसरी ओर यात्री रेल सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक सरकार ने कोरोना संक्रमण से आमजन को बचाने की बात कहकर पैसेंजर टे्रनों पर रोक लगा रखी है। इस असुविधा को जारी रहते हुए करीब १० माह हो चुके हैं। इसका फायदा सबसे ज्यादा बस ऑपरेटर उठा रहे हैं। शासन की गाइड लाइन का हवाला देकर किराया बढ़ा दिया गया, जो अब तक जारी है। जबकि तत्समय शासन ने कोरोना के चलते गाइड लाइन जारी करते हुए कहा था कि बस ऑपरेटर ५० प्रतिशत सवारियों के साथ बसें चला सकते हैं। लेकिन इस दौरान ऑपरेटर्स ने बसें नहीं चलाईं। यात्रियों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा। थोड़े दिनों बाद प्रशासन की सख्ती के चलते बसें चलाईं तो उनमें यात्रियों को ठूस ठूस कर भरा जाने लगा और कोरोना गाइड लाइन को खूूंटी पर टांग दिया। यहीं नहीं यात्रियों से बढ़ा हुआ किराया वसूला जाने लगा, जो अब तक जारी है।
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असुविधा के साथ किराया भी दोगुना
पैसेंजर ट्रेन न चलने से बस ऑपरेटर यात्रियों की मजबूरी का जमकर फायदा उठा रहे ैंहैं। ट्रेन में जो किराया था उससे दोगुने से भी ज्यादा किराया यात्रियों को असुविधा का सामना कर देना पड़ रहा है। इस समय बस में गुना से ग्वालियर तक सीट का किराया २७० से ३००, शिवपुरी का १२० से १५०, इंदौर का ३०० से ३५० तथा भोपाल का २५० से ३५० किराया वसूला जा रहा है। इसी तरह बस में स्लीपर का किराया गुना से ग्वालियर ५०० रुपए, इंदौर तक ४५० से ५०० तथा भोपाल तक ४१० से ४५० रुपए ऑपरेटर वसूल रहे हंै।
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लंबी दूरी की यात्रा ज्यादा कष्टदायक
यात्रियों के मुताबिक गुना से भोपाल, इंदौर व ग्वालियर की दूरी ज्यादा है। यदि किसी व्यक्ति को परिवार सहित जाना है तो उसे रेल आवागमन ही ज्यादा सुविधाजनक नजर आता है। क्योंकि ट्रेन में टॉयलेट जाने की अतिरिक्त सुविधा मौजूद रहती है। वहीं बैठने के लिए भी बस की अपेक्षा ज्यादा जगह मिल जाती है।
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यह भी हो रहे प्रभावित
पैसेंजर टे्रनों के न चलने से यात्रियों के अलावा ऑटो चालक व स्टेशन पर मौजूद वैंडर भी प्रभावित हो रहे हैं। जिनकी एक तरह से रोजी रोटी छिन गई है। ऑटो चालकों ने बताया कि जिस समय पैसेंजर ट्रेन चलती थीं उस समय ऑटो कम पड़ते थे लेकिन वर्तमान में ऑटो चालक ईंधन खर्च ही निकाल पा रहे हैं। परिवार की आजीविका चलाना मुश्किल हो रहा है।
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यह बोले जिम्मेदार
इस समय गुना स्टेशन पर एक भी पैसेंजर टे्रन चालू नहीं है। दिन में मात्र दो ही एक्सप्रेस टे्रन हैं। टे्रन न चलने की बजह कोरोना है। वर्तमान में इस रुट पर करीब ४० मालगाड़ी प्रतिदिन चल रही हैं।
आरएस मीणा, प्रबंधक गुना स्टेशन

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