scriptBus stand land was first auctioned for 63 crores, later sold for 32 cr | गुना बस स्टेण्ड की जमीन पहले नीलाम हुई 63 करोड़ में, बाद में 32 करोड़ में बिकी | Patrika News

गुना बस स्टेण्ड की जमीन पहले नीलाम हुई 63 करोड़ में, बाद में 32 करोड़ में बिकी

- शासन को लगी 31 करोड़ की आर्थिक चपत, नीलामी में खरीदने वालों ने 52 करोड़ में बेच दी
जगह खाली कराने की प्रक्रिया शुरू, टायं-टायं फिस्स शुरू हुई मल्टी लेबल पार्किंग की योजना
जन सुविधा केन्द्र को तोडऩे की तैयारी

गुना

Published: March 04, 2022 11:44:12 am

गुना। जब बांगड़ ही खेत को खाने लगी तो उसकी रखवाली कौन करेगा यह कहावत वर्तमान समय में गुना में बस स्टेण्ड की बिक्री के मामले में देखने को मिली है। दो वर्ष पूर्व गुना के रोडवेज बस स्टेण्ड की भूमि जिसकी नीलामी 63 करोड़ में हुई थी। भाजपा में चल रही अनबन के चलते पूर्व खरीदार द्वारा पैसा जमा न करने पर पुन: नीलामी हुई। इस नीलामी में इस संपत्ति का पैसा बढ़कर आना था, लेकिन ऑन लाइन टेण्डर में प्रदेश सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री व संबंधित विभाग के दो-तीन अधिकारियों की सांठगांठ के चलते नामी-गिरामी लोगों की एक कंपनी ने आपसी मिल-जुलकर टेण्डर डाले, इसमें मिल-जुलकर डाले जाने वाले टेण्डर में नीलामी की राशि 32 करोड़ पहुंची। जानकारों का कहना था कि पूर्व की नीलामी की आधी राशि में बस स्टेण्ड बिक जाना एक बड़ी गड़बड़ी और आर्थिक चपत को जन्म देता है। नीलामी में खरीदारी करने वालों ने हाल ही में यह संपत्ति 52 करोड़ में शहर के एक नामी-गिरामी व्यक्ति को बेचने की चर्चा आम लोगों की जुबान पर है।
1960 में शुरू हुआ था यहां बस स्टेण्ड
शहर के जानकार बताते हैं कि सन् 1960 के आसपास रोडवेज का बस स्टेण्ड जय स्तम्भ के पास शुरू हुआ था। कई वर्षों तक यहां बसों का आना-जाना लगा रहा। रोडवेज के इस बस स्टेण्ड का विस्तार होते जीनघर के पास की भूमि तक बढ़ाए जाने का प्रस्ताव बना,जो बाद में अधर में लटक गया था। सन् 2003-04 में यहां का रोडवेज बस स्टेण्ड बंद हो गया। 32 हजार वर्गफुट वाली इस जगह पर बस स्टेण्ड के बंद होने पर आरटीओ कार्यालय खुला। यह आरटीओ कार्यालय भी सन् 2017-18 में यहां से वायपास रोड पर पहुंच गया था।
बस स्टेण्ड की जमीन पहले नीलाम हुई 63 करोड़ में, बाद में 32 करोड़ में बिकी
बस स्टेण्ड की जमीन पहले नीलाम हुई 63 करोड़ में, बाद में 32 करोड़ में बिकी
मल्टी लेबल पार्किंग खुलने की बनी थी योजना
आरटीओ कार्यालय के बंद होने के बाद जिला न्यायालय से हटाई गई नेकी की दीवार की गुमटी यहां विस्थापित कराई गई। इसके साथ ही पार्किंग व्यवस्था स्थापित की गई। नगर पालिका ने बाजार में वाहनों से लगने वाले जाम की स्थिति खत्म करने के उद्देश्य से इस भूमि समेत बापू पार्क और पशु चिकित्सालय हाट रोड परिसर की भूमि को मल्टी लेबल पार्किंग के लिए आरक्षित की गई थी। यहां मल्टी लेबिल पार्किंग बनती कि इससे पहले इस भूमि को बेचने की रापनि और प्रदेश सरकार ने रणनीति तैयार की।
64 करोड़ में हुई थी नीलाम
सूत्र बताते हैं कि सन् 2020-2021 में रोडवेज के इस बस स्टेण्ड की भूमि और बीनागंज में भी रोडवेज की भूमि को बेचने के टेण्डर जारी हुए। गुना रोडवेज बस स्टेण्ड की भूमि का सरकार ने मूल्य 14 करोड़ 75 लाख रुपए तय किया था। इसके तहत फरवरी 2021 में टेण्डर भाजपा के वरिष्ठ नेता अशोक रघुवंशी के नाम से खुला था, जिनकी नीलामी राशि 63 करोड़ सबसे अधिक थी। कोरोना के संक्रमण काल की वजह से उक्त भाजपा नेता पैसे जमा नहीं करा पाए, जबकि उन्होंने पैसा जमा करने के लिए प्रदेश सरकार व संबंधित विभाग को एक पत्र लिखकर छह माह का समय मांगा था। प्रदेश सरकार नीलामी का पैसा जमा करने के लिए 15 दिन से ज्यादा समय देने को तैयार नहीं थी। सरकार और संबंधित विभाग ने पैसा जमा करने के लिए छह माह का समय नहीं दिया और उक्त संपत्ति की री टेण्डर कराने की तैयारी कर ली।
शासन को लगी 31 करोड़ की चपत
सूत्रों ने जानकारी दी कि शासन ने समय न देकर इस संपत्ति को नीलाम के जरिए बेचने की प्रक्रिया अपनाई, इसकी बोली 14 करोड़ 75 लाख रुपए पुन: तय की। कुछ माह पूर्व इस संपत्ति को नीलामी के जरिए खरीदी जाने वाली की संस्था गुना इंडियन बिल्डकॉन ने टेण्डर डाला। इस कंपनी में राजनेता, धन्नासेठ, ठेकेदार और व्यापारी आधा दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं। इसके अलावा इसी कंपनी के दूसरे लोगों ने दूसरे नाम से टेण्डर डाले। अंत में इसी कंपनी के नाम से टेण्डर खुला जिसकी राशि 32 करोड़ रुपए तय हुई, जबकि पूर्व की नीलाम राशि से आधी आई। सरकार को पूर्व में बिकी 63 करोड़ रुपए की आधी राशि31 करोड़ की आर्थिक चपत लग गई। इसके बाद भी इसी कंपनी को यह संपत्ति बेचने का निर्णय कर दिया। आम जन के बीच चर्चा है कि यह जमीन नीलामी के जरिए कुछ समय पहले ही बिकी इस भूमि का शहर के एक बड़े व्यक्ति से 52 करोड़ में सौदा हो गया है।
जन सुविधा केन्द्र हटने का विरोध
सरकार के अधीन यह भूमि आ जाने के बाद यहां लाखों रुपए खर्च कर नगर पालिका ने जन सुविधा केन्द्र का निर्माण करवाया था। इस केन्द्र के आसपास प्रतिदिन बीस-पच्चीस से अधिक बसों का स्टॉप होता है। इस जन सुविधा केन्द्र के बन्द होने के बाद पत्रिका ने वहां कुछ लोगों से चर्चा की तो उनका कहना था कि जन सुविधा केन्द्र को तोड़ा न जाना चाहिए, बस के यात्री और हम लोग शौचालय के लिए कहां जाएंगे।
जमीन करा रहे हैं खाली
नीलाम लेने वाली कंपनी को यह जगह खाली कराकर प्रशासन व नगर पालिका को देना है। उस अनुबंध के अनुसार यह भूमि खाली कराई जा रही है। भूमि खाली कराने की प्रक्रिया शुरू होते ही वहां विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं। इसकी वजह यहां बसों के खड़े होना भी खत्म हो जाएगा और यहां के दुकानदारों का रोजगार भी छिन जाएगा।
इनका कहना है
- राज्य शासन ने जो नीलाम राशि निर्धारित की थी उसके अनुसार ही हमारी कंपनी गुना इंडिया बिल्डकॉन ने यह संपत्ति खरीदी है। उस कंपनी में मेरे अलावा आधा दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं। खाली कराकर स्थानीय प्रशासन को देना है तो वो खाली करा रहा है।
गुलशन डाबर गुना इंडिया बिल्डकॉन
-मैंने यह राशि 63 करोड़ में नीलाम के जरिए खरीदी थी। कोरोना संक्रमण काल की वजह से मैंने छह माह का समय पैसा जमा करने के लिए आवेदन के जरिए मांगा था, राज्य शासन केवल 15 दिन का समय दे रहा था। मेरी 30 लाख रुपए की सिक्योरिटी जमा है,वो अभी वापस नहीं मिली है। मेरी नीलाम राशि से आधी राशि में प्रदेश शासन ने कैसे यह संपत्ति दे दी। इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता।
अशोक रघुवंशी गुना

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

यहाँ बचपन से बच्ची को पाल-पोसकर बड़ा करता है पिता, जैसे हुई जवान बन जाता है पतियूपी में घर बनवाना हुआ आसान, सस्ती हुई सीमेंट, स्टील के दाम भी धड़ामName Astrology: पिता के लिए भाग्यशाली होती हैं इन नाम की लड़कियां, कहलाती हैं 'पापा की परी'इन 4 राशियों के लड़के अपनी लाइफ पार्टनर को रखते हैं बेहद खुश, Best Husband होते हैं साबितजून में इन 4 राशि वालों के करियर को मिलेगी नई दिशा, प्रमोशन और तरक्की के जबरदस्त आसारमस्तमौला होते हैं इन 4 बर्थ डेट वाले लोग, खुलकर जीते हैं अपनी जिंदगी, धन की नहीं होती कमी1119 किलोमीटर लंबी 13 सड़कों पर पर्सनल कारों का नहीं लगेगा टोल टैक्ससंयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: दुनिया के पास बचा सिर्फ 70 दिन का गेहूं, भारत पर दुनिया की नजर

बड़ी खबरें

आंध्र प्रदेश में जिले का नाम बदलने पर हिंसा, मंत्री का घर जलाया, कई घायलपंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के OSD प्रदीप कुमार भी हुए गिरफ्तार, 27 मई तक पुलिस रिमांड में विजय सिंगलारिलीज से पहले 1 जून को गृहमंत्री अमित शाह देखेंगे अक्षय कुमार की 'पृथ्वीराज', जानिए किस वजह से रखी जा रहीं स्पेशल स्क्रीनिंगGujrat कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का विवादित बयान, बोले- मंदिर की ईंटों पर कुत्ते करते हैं पेशाबIPL 2022, Qualifier 1 RR vs GT: मिलर के तूफान में उड़ा राजस्थान, गुजरात ने पहले ही सीजन में फाइनल में बनाई जगहRajya Sabha Election 2022: राजस्थान से मुस्लिम-आदिवासी नेता को उतार सकती है कांग्रेस'तुम्हारे कदम से मेरी आँखों में आँसू आ गए', सिंगला के खिलाफ भगवंत मान के एक्शन पर बोले केजरीवालसमलैंगिकता पर बोले CM नीतीश कुमार- 'लड़का-लड़का शादी कर लेंगे तो कोई पैदा कैसे होगा'
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.