बुलाये थे 1500 किसान, आएं केवल 200

Deepesh Tiwari

Publish: Apr, 17 2018 12:35:54 PM (IST)

Guna, Madhya Pradesh, India
बुलाये थे 1500 किसान, आएं केवल 200

किसानों को करना पड़ा मुश्किलों का सामना

गुना. शहर के पीजी कालेज मैदान में सोमवार को किसान सम्मेलन रखा गया। सम्मेलन के माध्यम से जिले के 6 हजार से ज्यादा किसानों के खातों में 15 करोड़ से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की गई।

समारोह में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत वर्ष 2016-17 में 78122.71 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था, इस पर 200 रुपए प्रति क्विंटल के मान से 6618 किसानों के बैंक खातों में 15 करोड़ 62 लाख 45 हजार 420 रुपए ट्रांसफर किए और इसके उत्पादकता प्रोत्साहन राशि के प्रमाण-पत्र बांटे गए।

लेकिन इस समारोह में किसानों का टोटा रहा। समारोह स्थल पर बड़ी संख्या में कुर्सियां खाली पड़ी रहीं और सीएम का भाषण सुनने में भी किसानों ने रुचि नहीं दिखाई। सीएम भाषण दे रहे थे और लोग बातों में व्यस्त दिख रहे थे। इसके कारण लोगों में भाजपा सरकार के प्रति गुस्सा था और कांग्रेस सरकार के प्रति झुकाव था।

 


विधायक ने बताया, पानी का महत्व
किसान सम्मेलन के अतिथि विधायक पन्नालाल शाक्य ने कहा, मानव जीवन में पानी का बहुत महत्व है। ना तो पानी की फैक्ट्री है और ना ही पानी को बनाया जा सकता है। आज पानी को नहीं बचाया तो आने वाली पीढ़ी को पीने तक का पानी नसीब नहीं होगा। उन्होंने कहा कि गुना विस क्षेत्र में 40 तालाबों के निर्माण के लिए पैसा दिया गया है।

किसान और ग्रामवासी देखें कि ये तालाब बन जाएं। कोई पैसे का दुरुपयोग न कर ले। विधायक शाक्य ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के हित में कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं, उन योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक किसानों को पहुंचाने का हम सबको प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में विधायक ममता मीना, बीजेपी अध्यक्ष राधेश्याम पारीक, उप संचालक कृषि यूएस तोमर सहित कई लोग मौजूद थे।


15०० किसान की जगह आए 2००
सूत्रों के मुताबिक, समारोह में किसानों को लाने 20 बसें लगाई थीं और 1500 किसान आना थे, मगर दोपहर एक बजे तक 160 किसानों ने ही पंजीयन कराया। इस वजह से किसान सम्मेलन में आधे से अधिक कुर्सियां खाली पड़ी रहीं।

मुख्यमंत्री ने गिनाई अपनी उपलब्धियां
मुख्यमंत्री के भाषण को सुनने के लिए कृषि विभाग द्वारा एलईडी लगाई गई थी। कार्यक्रम के दौरान सीएम का भाषण लोग बड़ी तल्लीनता से सुनते देखे गए। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला और कहा कि किसान को उनकी फसल का बाजिब दाम दिलाया जाएगा।


सम्मेलन में गई बसें, यात्री परेशान
गुना और शाजापुर में सम्मेलन होने से कई बसों का अधिग्रहण कर लिया गया। यात्रियों को काफी दिक्कत हुई। गुना से बमोरी, आरोन, राघौगढ़, अशोकनगर सहित ग्रामीण रूट पर जाने वाली बसें ओवरलोड होकर चलीं। बसों में भीड़ होने से महिलाएं, बच्चे और बुजुर्गों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।


प्रचार-प्रसार के अभाव में दम तोड़ रही योजनाएं
प्रदेश सरकार की कई किसान हित कल्याणकारी योजनाएं लागू हैं, उनका समय-समय पर शुभारंभ होता रहा है। लेकिन हर बार कृषि विभाग के अधिकारियों की मनमानी व लापरवाही से कार्यक्रमों में उपस्थिति बहुत कम हो रही है। इसकी वजह ये है कि उन योजनाओं का प्रचार-प्रसार विभागों द्वारा नहीं किया जा रहा है।


झलकियां
एक बजे सीएम का भाषण शुरू हुआ तो मंच पर बैठे नेता रुचि सुनते नहीं दिखे।
गुना कलेक्टर और चांचौड़ा विधायक ही भाषण गंभीर होकर सुनते देखे गए।
सीएम के भाषण के बीच में ही कुछ अतिथि उठकर चले गए थे।
70 प्रतिशत से ज्यादा कुर्सियां खाली पड़ी रहीं।
जनता का भडक़ रहा है गुस्सा, कभी भी उतर सकती है सडक़ों पर

 

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