कोरोना वायरस की दहशत से जिला अस्पताल में जुकाम, खांसी के मरीज बढ़े

झोला छाप डॉक्टरों पर बढ़ी भीड़, ओपीडी में 7०० की जगह रह गई 341 संख्या

By: praveen mishra

Updated: 18 Apr 2021, 01:07 AM IST

गुना. इस समय जहां देखो वहां कोरोना वायरस की दहशत देखने को मिल रही है। यही वजह है लोग मौसम बदलने पर होने वाले सामान्य जुकाम, खांसी व कोरोना वायरस के लक्षणों में अंतर समझ नहीं पा रहे हैं। ऐसे में वह घबराकर जिला अस्पताल पहुंच रहे थे लेकिन अचानक वहां कोरोना से बढ़ती मौतों की खबर सुनकर लोगों ने जिला अस्पताल में इलाज कराने जाना बंद कर दिया है, इससे जिला अस्पताल की ओपीडी 7०० से घटकर 341 रह गई है। खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज ज्यादातर झोलाछाप डॉक्टरों के यहां पहुंच रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों से कोरोना वायरस के संक्रमित मरीज मिलने के बाद सरकार ने जिला प्रशासन को अपने क्षेत्र के सभी अस्पताल में अलग ओपीडी व आइसोलेशन वार्ड बनाने के निर्देश दिए। इसी क्रम में जिला अस्पताल परिसर में अलग से ओपीडी बनाई, जिससे ये मरीज जिला अस्पताल के अंदर न जाएं। ओपीडी में बैठे स्टॉफ ने बताया कि पन्द्रह दिन पूर्व खांसी, जुकाम के मरीजों की यहां आने वाली संख्या लगभग सात सौ से आठ सौ प्रतिदिन रहती थी। लेकिन यह संख्या कुछ दिन से घट रही है। इस मामले में वहां दवाई लेने आए एक दंपत्ति से पूछा तो उसका कहना था कि यहां कोरोना से मरने वालों की संख्या ज्यादा बढ़ गई है तो यह डर सता रहा होगा कि कहीं उनको कोरोना न हो जाए। जिसमें सिर्फ सर्दी, जुकाम, खांसी लक्षण वाले ही मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है।
गांव में बढ़ी भीड़
कोरोना संक्रमण काल गांव में भी तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही वहां जुकाम, खांसी, और बुखार के मरीज नगरीय क्षेत्र की तरह ग्रामीण क्षेत्र में भी बढ़े हैं। बजरंगगढ़, सिरसी, मारकी महू, खेजरा में रहने वालों ने बताया कि जुकाम, खांसी होने पर हम जिला अस्पताल न जाकर गांव में ही क्लीनिकल चलाने वाले झोला छाप डॉक्टरों के यहां दिखा रहे हैं।
1० से १७ अप्रैल तक कोरोना की ओपीडी
1० -356
11-292
12-536
13-422
14-5०3
15-524
16 -513
17-341
मरीज के पास एक ही अटेण्डर
जिला अस्पताल प्रबंधन के अनुसार जिला अस्पताल में कोरोना वायरस से बचाव को लेकर सभी तरह के जरूरी इंतजाम किए गए हैं। वार्डों में कोरोना के अलावा दूसरी बीमारी के मरीजों के पास एक ही अटैंडर को अनिवार्य किया गया है। साथ ही लोगों को समझाइश दी जा रही कि यदि उनके पास मास्क नहीं हैं तो वे रुमाल व तौलिया से मुंह को ढककर रखें। सार्वजनिक स्थल पर किसी भी वस्तु को छूने के बाद साबुन से हाथ जरूरी धोएं।
-ऐसे पहचानें सामान्य सर्दी, जुकाम व कोरोना के लक्षण
इस समय सामान्य सर्दी जुकाम व बुखार भी आमजन को डरा रहा है। लोगों को लगता है कि यह कोरोना वायरस के लक्षण तो नहीं हैं। इसी डर के कारण हर व्यक्ति डॉक्टर के पास भाग रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सक के मुताबिक ज्यादातर वायरल या मौसमी बीमारियों की शुरुआत खांसी, जुकाम, गले में खराश से ही होती है। यह सभी लक्षण कोरोना के भी हो सकते हैं।
-ये हैं कोरोना वायरस के लक्षण
- यदि व्यक्ति को बुखार आ रहा है।
- साथ में सूखी खांसी भी है।
- सांस लेने में परेशानी महसूस हो रही हो।
- मांसपेशियों में दर्द महसूस कर रहे हों।
- साथ ही थकान आपको लगातार घेर रही हो।
- बलगम बनना व उससे खून आना।
- लगातार सिर दर्द महसूस होना।
- साथ ही पेट खराब रहे और दस्त होने लगें।
-यह लक्षण कोरोना के संकेत नहीं
- व्यक्ति की नाक बह रही हो।
- गले में भारीपन या खराश महसूस करें।
कोरोना में क्या होता है
कोरोना वायरस में रोगी की सांस प्रणाली का निचला हिस्सा, फेफड़े प्रभावित होते हैं। जिसके कारण सूखी खांसी आने लगती है। सांस लेने में परेशानी महसूस होती है। कोरोना वायरस ज्यादातर छींक या खांसी के दौरान मुंह से निकली बूंदों से फैलता है। ये किसी सतह, कपड़े या स्किन पर अलग-अलग समय तक रहता है। जब ये किसी धातु की सतह पर पड़ता है तो उस पर यह 12 घंटे तक जिंदा रहता है। इसीलिए बार-बार हाथ को साबुन से धोने की सलाह दी जा रही है। जब ये किसी कपड़े पर पड़ता है तो वहां 9 घंटे एक्टिव अवस्था में रहता है। इसलिए रोज धुले हुए कपड़े पहनें या फिर सूरज की रोशनी जरूर लें। हाथ पर ये महज 10 मिनट तक रहता है इसलिए हमेशा अपने पास एल्कोहल सेनेटाइजर रखें और गर्म पानी भी पीते रहें। ठंडी चीजों और आइसक्रीम के सेवन से दूर रहें।

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