सड़क निर्माण पर करोड़ों खर्च, क्षतिग्रस्त पुल को छोड़ा

सड़क निर्माण पर करोड़ों खर्च, क्षतिग्रस्त पुल को छोड़ा

Narendra Kushwah | Updated: 14 Jun 2019, 02:42:45 PM (IST) Guna, Guna, Madhya Pradesh, India

10 साल से क्षतिग्रस्त हालत में विजयपुर-बालाबेंहट मार्ग पर बना पुल
साडा कालोनी से छबड़ा तक सड़क बनाई लेकिन पुल को सुधारना भूले जिम्मेदार
पुल से निकल रहे लंबे सरिए, आए दिन हो रहे हादसे
बारिश में बंद हो जाता है मार्ग

गुना/धरनावदा. विजयपुर-बालाबेंहट मार्ग में बना पुल बेहद क्षतिग्रस्त हालत में है। पुल की यह स्थिति बीते 10 सालों से भी ज्यादा समय से है। गौर करने वाली बात है कि इस मार्ग पर साडा कालोनी से लेकर छबड़ा तक नई सड़क बिछा दी गई है लेकिन पुल का मेंटीनेंस नहीं किया गया है। जबकि इस मार्ग पर आवागमन को जारी रखने के लिए पुल को सुधारना बेहद जरूरी है। क्योंकि पुल की क्षतिग्रस्त हालत की वजह से बारिश के दिनों में तो यह मार्ग पूरी तरह से बंद ही हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब पुल आवागमन के लायक ही नहीं है तो फिर सड़क निर्माण पर खर्च किए गए करोड़ों रुपए किस काम के।

गहरे गड्ढे व सरियों ने बनाया पुल को खतरनाक
विजयपुर-बालाबेंहट मार्ग पर क्षतिग्रस्त पड़े पुल में कई गहरे गड्ढे व लोहे के सरियों ने इस पुल को बेहद खतरनाक बना दिया है। शायद ही ऐसा कोई दिन शेष जाए जब कोई वाहन इन सरियों में फंसकर दुर्घटनाग्रस्त न होता हो। ऐसा वाहन चालक जो इस मार्ग से पहले गुजर चुके होते हंै उन्हें तो सरियों का आभास रहता है और वह किसी तरह बचकर निकल जाते हैं लेकिन जो वाहन चालक पहली बार इस मार्ग से निकलते हैं वे जरूर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।
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बारिश में जानलेवा साबित होता है पुल
चौंपेज नदी पर बने पुल की ऊंचाई महज 5 फुट के करीब है। जिसकी वजह से जरा सी बारिश होने पर ही पानी पुल के ऊपर से होकर निकलने लगता है। गड्डे व सरिए पानी से छुप जाते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को नजर नहीं आते और वह गंभीर दुर्घटना का शिकार हो जाते हंै। वहीं पुल के दोनों ओर मुड्डियां भी नहीं हंै, जिससे वाहन तेज पानी के बहाव में बह जाते हैं।

इसलिए अति महत्वपूर्ण है यह मार्ग

गुना-इंदौर नेशनल हाइवे पर साडा कालोनी से छबड़ा तक का मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। क्योंकि इलाके में कई औद्योगिक क्षेत्र हैं। जिनमें एनएफएल, इंडेन गैस प्लांट आदि के सैकड़ों भारी वाहन इस मार्ग से होकर निकलते हैं। जिन्हें विजयपुर-बालाबेंहट मार्ग पर बने क्षतिग्रस्त पुल से होकर ही निकलना पड़ता है।

 

बारिश के दिनों में तो भारी वाहनों को दो से तीन दिन तक इंतजार करना पड़ता है। जिससे व्यवसायिक रूप से काफी नुकसान झेलना पड़ता है। हाल ही में साडा कालोनी से छबड़ा तक करीब 50 किमी मार्ग में करोड़ों की लागत से सड़क तो डाल दी गई लेकिन क्षतिग्रस्त पुल का मेंटीनेंस नहीं किया गया। जबकि यह मार्ग इलाके के लोगों को मप्र व राजस्थान की सीमा से जोड़ता है।


मैं ग्राम बालाबेंहट में रहता हूं लेकिन मेरी मेडिकल की दुकान रुठियाई में है। इसलिए प्रतिदिन रुठियाई अपडाउन करता हूं। बारिश के दिनों में पुल के ऊपर इतना पानी आ जाता है कि निकल नहीं पाते। पुल की हालत बेहद खराब है। गड्ढे व सरिये इतने निकल रहे हैं कि बारिश में तो पैदल निकलना भी मुश्किल है।
रितेश धाकड़, नागरिक

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