बर्खास्तगी के आदेशों के बावजूद कम नहीं हो रहा हौंसला

नियमितीकरण की मांग को लेकर 19 फरवरी पर हड़ताल पर गए जिले के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का मामला...

By: मनोज अवस्थी

Published: 13 Mar 2018, 09:25 AM IST

गुना. नियमितीकरण की मांग को लेकर 19 फरवरी पर हड़ताल पर गए जिले के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को शासन ने बर्खास्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं।

इन आदेशों के बावजूद हड़तालरत कर्मचारियों का उत्साह कम नहीं हुआ है और वह आंदोलन वापस लेने के लिए तैयार नहीं हैं। आंदोलन के 22वें दिन इन कर्मचारियों ने मानव श्रृंखला बनाई और सरकार को चेताया कि अगर उन्हें नियमित नहीं किया गया तो वह किसी दबाव न आने की बजाए शोषण की नीति का विरोध दर्ज कराते रहेंगे।

इस दौरान कर्मचारियों ने प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह को प्रदेशभर में शोषण करने वालों का प्रमुख बताया। बता दें कि पहले चेतावनी देने के बाद शासन ने हड़ताल पर गए संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश जारी किए हैं।

इधर, 30 से कम, 45 से ज्यादा कॉपी जांची तो नहीं मिलेंगे भत्ते, 20 से मूल्यांकन-
शिक्षकों ने अगर ३० से कम और ४५ से ज्यादा कापी एक दिन में जांची तो उनको टीए, डीए और वाहन भत्ता नहीं मिलेगा।
मूल्यांकन करने एक बार स्कूल में प्रवेश किया तो शिक्षक बाहर भी नहीं आ सकेंगे। वह अपने साथ मोबाइल और हैंडबैग भी नहीं ले जा सकेंगे। यह निर्देश माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने बोर्ड के मूल्यांकन के लिए शिक्षकों को दिए हैं। दरअसल, उत्कृष्ट स्कूल में २० मार्च से पहले चरण का मूल्यांकन शुरू होगा। एक मार्च से १६ मार्च तक हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूल के जितने पेपर हो जाएंगे, उनका मूल्यांकन शुरू हो जाएगा।

गुना में ५०० से ज्यादा शिक्षकों की ड्यूटी कापी जांचने में लगेगी। इनमें से करीब १५० से २०० शिक्षकों से पहले चरण का मूल्यांकन कराया जाएगा। पहले चरण के मूल्यांकन में शिक्षकों की संख्या घट सकती है। दरअसल, जिन शिक्षकों को कॉपी जांचना है, कई शिक्षको ंको केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष बनाया गया है। २० मार्च से उत्कृष्ट स्कूल में धारा १४४ लग जाएगी। यह मूल्यांकन एक महीने चलेगा। उत्कृष्ट स्कूल के प्राचार्य और मूल्यांकन प्रभारी अजय निगड़ीकर ने बताया, मूल्यांकन २० मार्च से शुरू होगा।

 

एक नंबर की गलती पर कटेंगे १०० रुपए: मूल्यांकन करने में अगर शिक्षकों ने एक नंबर की गलती की तो मूल्यांकन कर्ता, मुख्य परीक्षक और उप मुख्य परीक्षक पर १००-१०० रुपए का जुर्माना लगेगा। अगर कापी जांचने के बाद ओएमआर शीट पर अनुपस्थित दर्ज किया तो एक हजार रुपए का जुर्माना और विभागीय जांच बैठा दी जाएगी। मूल्यांकन सुबह १०.३० से ५.३० बजे तक किया जाएगा। जिन छात्रों के अंक ९० प्रतिशत या इससे अधिक आने पर, किसी छात्र की कापी में ०० आने और न्यूनतम उत्तीर्ण अंक से एक या दो नंबर कम होने पर मुख्य परीक्षक और उप मुख्य परीक्षक द्वारा कापी देखी जाएगी।

मनोज अवस्थी
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