scriptFinally wholesale traders got place, vegetable and fruit business will | अंतत: थोक व्यापारियों को मिली जगह, सिंगाड़ी में होगा सब्जी व फलों का कारोबार | Patrika News

अंतत: थोक व्यापारियों को मिली जगह, सिंगाड़ी में होगा सब्जी व फलों का कारोबार

  • प्रशासन ने प्रस्ताव बनाकर भेजा भोपाल
  • शहर से 8 किमी दूर है 25 बीघा जमीन, 10 बीघा कालेज के लिए और 15 बीघा मंडी के लिए आरक्षित

गुना

Published: February 26, 2022 01:27:52 am

गुना. शहरवासी सहित व्यापारियों के लिए अच्छी खबर है। करीब तीन साल बाद थोक फल-सब्जी मंडी व्यापारियों को मंडी संचालन के लिए जमीन मिल गई है। जो शहर से करीब 8 किमी दूर एबी रोड़ स्थित सिंगाड़ी के पास एकलव्य छात्रावास है। अच्छी बात यह है कि उक्त जमीन व्यापारियों को पसंद आ गई है। अब सिर्फ देर भोपाल से प्रस्ताव पास होने में है। जिसके बाद स्थानीय प्रशासन फल-सब्जी मंडी को नानाखेड़ी से सिंघाड़ी स्थित जमीन पर शिफ्ट करा देगा। इसके बाद मंडी प्रशासन सभी लाइसेंसधारी व्यापारियों को निर्धारित रेट के तहत अस्थायी प्लाट आवंटित करेगा। साथ ही मंडी संचालन के लिए सभी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगा। खास बात यह है कि इस बदली व्यवस्था से न सिर्फ व्यापारियों को फायदा होगा बल्कि मंडी प्रशासन को टैक्स के रूप में करोड़ों की आय होगी।
जानकारी के मुताबिक शहरवासी सहित स्थानीय प्रशासन के लिए थोक फल-सब्जी मंडी का व्यवस्थित संचालन पिछले तीन सालों से चुनौती बना हुआ था। सबसे पहले यह मंडी शहर के बीचों बीच रिहायशी इलाके में हाट रोड पर बने रपटा पर संचालित होती थी। जिससे होने वाली परेशानी का शहरवासी हर दिन सामना करता थे। लेकिन इस समस्या को दूर करने का प्रयास प्रशासन ने कभी नहीं किया। तीन साल पहले जब अचानक कोरोना ने दस्तक दी तो उसके बढ़ते संक्रमण ने इस एरिया को भी अपने चपेट में ले लिया था। इसी संक्रमण से निपपटने के इंतजामों ने इस मंडी को यहां से दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए प्रशासन को विवश किया। जिसके परिणाम स्वरूप सबसे पहले कृषि उपज मंडी प्रांगण में इसे शिफ्ट किया गया। लेकिन वहां कुछ दिन बाद जैसे ही किसान अपनी उपज लेकर पहुंचने लगे तो इसे वहां से हटाना प्रशासन की मजबूरी बन गया। ऐसे में एक बार फिर इस मंडी को शहरी क्षेत्र में स्थित गोपालपुरा मैदान में भेज दिया गया। लेकिन यहां भी मंडी ज्यादा दिन नहीं चल पाई। इसके बाद एक बार फिर से फल-सब्जी व्यापारियों को नानाखेड़ी मंडी के आगे से गुजरी ऊमरी रोड स्थित जल संसाधन विभाग की जमीन पर शिफ्ट करा दिया। तब से लेकर अब तक वहीं मंडी संचालित हो रही है। लेकिन यहां जगह व सुविधाओं के अभाव में न सिर्फ व्यापारी परेशान हैं बल्कि मंडी प्रबंधन भी व्यापारियों से शुल्क नहीं वसूल पा रहा है। जिससे उसे बड़े पैमाने पर टैक्स की हानि झेलनी पड़ रही है।
यही नहीं इस जगह मंडी संचालन से सड़क पर जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। जिसका सबसे ज्यादा सामना स्कूली बच्चों को करना पड़ रहा है। दूसरी ओर इस मार्ग पर दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। हाल ही में बोर्ड परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में बच्चे जाम में फंस गए थे। जिससे वह समय पर परीक्षा केंद्र पर नहीं पहुंच पाए। ऐसे में उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा।
अंतत: थोक व्यापारियों को मिली जगह, सिंगाड़ी में होगा सब्जी व फलों का कारोबार
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नई जगह मंडी शिफ्ट होने से यह होगा फायदा
यहां बता दें कि अब तक थोक फल-सब्जी मंडी जिन-जिन जगहों पर संचालित हुई है, वह स्थान शहर के अंदर ही था। जिससे यातायात व्यवस्था अवरुद्ध हो रही थी। साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था को ग्रहण लग रहा था। भारी वाहनों को शहरी क्षेत्र में प्रवेश करना पड़ता था। जिससे न सिर्फ दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी बल्कि जमा के हालात बन रहे थे। लेकिन अब मंडी संचालन के लिए जो जमीन तय की गई है शहरी क्षेत्र से बाहर है। यानी कि हनुमान चौराहा से करीब 8 किमी दूर सिंघाड़ी के पास है। जमीन का क्षेत्रफल 25 बीघा बताया गया है। जिसमें से 10 बीघा जमीन कॉलेज के लिए आरक्षित है। जबकि शेष जमीन का इस्तेमाल मंडी संचालन के लिए किया जाएगा। इस नई जगह का सबसे बड़ा फायदा शहर वासियों को ट्रेफिक जाम की समस्या से निजात मिलेगी। वहीं शहर को स्वच्छ बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा व्यापारियोंं को भी हर तरह से लाभ है। एक तो उन्हें व्यापार करने के लिए पर्याप्त जगह मिल सकेगी। दूसरा माल लेकर आने वाले वाले वाहनों को सुविधा होगी। तीसरा फायदा मंडी प्रशासन को टैक्स से मिलने वाली आय के रूप में होगा। जिसकी राशि करोड़ों में है।
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जगह के अभाव में यह हो रहा नुकसान
मंडी प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में कुल लाइसेंसधारी व्यापारियों की संख्या 144 हो गई है। लेकिन धरातल पर काम करने वाले व्यापारी 67 ही हैं। शेष जगह के अभाव में काम नहीं कर पा रहे हैं। सूत्रों से यह भी जानकारी मिली है कि वर्तमान में जिन जगह मंडी संचालित हो रही है वहां कई लोगों ने एक से तीन प्लाट हथिया रखे हैं। हाल ही प्रशासन ने एक ऐसे व्यक्ति का पक्का अतिक्रमण तोड़ा था, जिस पर कई अपराधिक मामले दर्ज थे। कुल मिलाकर जगह के अभाव में कई व्यापारी यहां काम नहीं कर पा रहे हैं तथा ऐसी स्थिति में मंडी भी टैक्स नहीं वसूल पा रहा है।
फैक्ट फाइल
थोक फल-सब्जी मंडी में कुल लाइसेंसधारी : 144
वर्तमान में काम रहे : 67

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