गुना के इतिहास में पहली बार कर्मचारी संगठनों ने दिखाई एकजुटता, घेरी कलेक्टरी, सौंपा मांग-पत्र

-वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ता को लेकर कर्मचारी उतरे सड़कों पर, मांगें न मानने पर करेंगे जंगी आंदोलन


By: praveen mishra

Published: 21 Jul 2021, 12:47 AM IST

गुना। गुना में कहने को पन्द्रह से अधिक अधिकारी-कर्मचारी संगठन हैं, लेकिन वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ता जैसी मांग पर गुना के कर्मचारी संगठनों ने एकजुटता का परिचय ही नहीं दिया।अपना-अपना काम छोड़कर नारी शक्ति भी अपनी ताकत दिखाने में पीछे नहींं रहीं। मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में कर्मचारी संगठनों ने कलेक्ट्रेट घेरी। इस मौके पर एक पन्द्रह सूत्रीय मांगों को लेकर एक मांग पत्र मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम संबोधित पत्र एडीएम विवेक रघुवंशी को सौंपा। जिसमें कहा कि हमें राजस्थान की तरह वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते का लाभ नहीं दिया तो जल्द जंगी आंदोलन किया जाएगा।
अलग-अलग झंडा और अलग-अलग मांगों को लेकर समय-समय पर आंदोलन करने वाले कर्मचारी संगठनों ने प्रदेश स्तर पर मध्यप्रदेश अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा बनाया गया है, इसका जिलाध्यक्ष गुना में आलोक नायक हैं। विगत दिवस उनके नेतृत्व में कर्मचारी-अधिकारी संगठनों की बैठक हुई थी,जिसमें मुख्यमंत्री के नाम संबोधित मांग-पत्र देने का निर्णय लिया गया था। इस निर्णयानुसार 15 से अधिक जिले में कार्यरत अधिकारी कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के नेतृत्व में मांग पत्र देने के आंदोलन में शामिल होने के लिए मंगलवार को अधिकारी व कर्मचारी एकत्रित होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे।
कलेक्ट्रेट में गूंजे शिवराज सरकार मुर्दाबाद के नारे
कलेक्ट्रेट गेट पर मौजूद अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने संगठनों के बैनरों के साथ रैली के रूप में चले, इस रैली में चलने वाले लोग शिवराज सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए चल रहे थे। यह रैली कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पहुंची जहां संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मांग पत्र एडीएम विवेक रघुवंशी को सौंपा।मांग पत्र का वाचन मोर्चा के जिलाध्यक्ष आलोक नायक ने किया।

कर्मचारियों के लिए पैसा तक नहीं
कलेक्ट्रेट के घेराव से पूर्व कर्मचारियों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान की सरकार कर्मचारी विरोधी है। अभी तक शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों को 1 जुलाई 2020 एवं 1 जुलाई 2021 की वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दिया जा रहा है। सरकार के पास विधायकों व मंत्रियों का वेतन व भत्ता बढ़ाने के लिए पैसा है, कर्मचारियों के लिए नहीं। प्रदेश के समस्त विभागों/निगम/मंडल में कार्यरत स्थायी कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जा रहा है। पुरानी पेंशन प्रणाली लागू नहीं की जा रही है।हमारी मांग है कि कर्मचारियों के हित में प्रदेश सरकार हमारे मांग पत्र पर विचार कर निर्णय ले, अन्यथा हम आंदोलन तेज करेंगे और जरूरत पड़ी तो विभागीय कामकाज भी नहीं करेंगे।
ये है मांग पत्र
-पांच प्रतिशत मंहगाई भत्ता जो राज्य सरकार द्वारा स्थगित कर दिया गया था उसका भुगतान पेंशनरों एवं कर्मचारियों को किया जाए।
-गृह भाड़ा भत्ता सातवें वेतनमान अनुसार केन्द्रीय कर्मचारियों के समान दिया जाए।
-लिपिकों की वेतन विसंगति सुधार कर ग्रेड पे 2800 किया जाए।
-पंचायत सचिवों को सातवां वेतनमान दिया जाए।
-कर्मचारियों-अधिकारियों की पदोन्नति अति शीघ्र प्रारंभ किया जाए।
-अध्यापक/ गुरूजी को नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता दिया जाए।
-सहायक शिक्षक संवर्ग का पदनाम वरिष्ठता अनुसार दिया जाए।
- प्रदेश के समस्त विभागों/निगम/ मंडल में कार्यरत स्थायी कर्मियों को नियमित किया जाए।
-1 सितंबर 2016 तक के कार्यरत दैनिक वेतन भोगियों को स्थायी कर्मी में विनियमितकरण किया जाए।
-प्रदेश के समस्त विभागों, निगम मंडल में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए।
-प्रदेश के कर्मचारियों-अधिकारियों को प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड की सुविधा दी जाए।
-1 जनवरी 2005 के बाद नियुक्त प्रदेश के अधिकारियों-कर्मचारियों को एनपीएस प्रणाली बंद कर पुरानी पेंशन प्रणाली लागू की जाए।
-भृत्य का पदनाम परिवर्तित कर कार्यालय सहायक किया जाए।
-निगम/ मंडल के कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारियों के समान सुविधाएं दी जाए।
-वाहन चालकों की भर्ती पर लगी रोक हटाई जाए एवं उनका पदनाम परिवर्तित किया जाए।
-अनुकंपा नियुक्ति के पेंडिंग आश्रितों को जब तक पद रिक्त न हो या अनुकंपा नियुक्ति मिलने में समय लग रहा हो तो उन्हें नियुक्ति मिलने तक संविदा के आधार पर कार्य में लिया जाए कोविड-19 से कर्मचारी की मृत्यु होने पर सीधे बिना बंधन के अनुकम्पा नियुक्ति दी जाए।
कर्मचारियों का प्रदर्शन, सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं
अधिकारी व कर्मचारियों के आंदोलन में शामिल होने के लिए हर विभाग के
अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे। सैकड़ों लोगों की उपस्थिति के बाद भी कलेक्ट्रेट में सुरक्षा बतौर पुलिस नजर नहीं आई। वैसे छोटे-मोटे प्रदर्शन के समय पुलिस वहां नजर आती रही है।
-
ये रहे उपस्थित
आलोक नायक, आरके व्यास,प्रमोद रघुवंशी, रजीक अहमद, विश्वनाथ रघुवंशी, जीएल भारती, सोबरन सिंह राजपूत, रमेश अहिरवार, गिरधारीलाल सेन, सुधीर श्रीवास्तव,चंदन सिंह परिहार, किशन लाल रजक, विनोद भारद्वाज, नरेन्द्र भार्गव, केपी त्यागी, बृज रघुवंशी, विशाल भार्गव, राजेन्द्र रघुवंशी, सुषमा शर्मा, मीतू चौहान, अभिलाषा श्रीवास्तव, अंजली जैन, नीलम यादव,धीरज दीक्षित,महेश पुरी गोस्वामी आदि।

praveen mishra
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned