गुना-ग्वालियर, मक्सी रूट पर एक्सप्रेस और मेल के साथ-साथ नहीं चलेंगी माल गाडिय़ां

-लॉक डाउन से जिले में घटे ८० प्रतिशत अपराध, ५ दिन में आए केवल ४३ केस
-रेलवे का कदम: वेस्ट सेंट्रल रेलवे ने बंद की मालगाड़ी

By: Mohar Singh Lodhi

Published: 27 Mar 2020, 03:17 PM IST

गुना. पश्चिम मध्य रेलवे ने गुना-ग्वालियर रेल खंड पर मालगाडिय़ों का भी परिचालन बंद कर दिया है। यहां २६ मार्च से ४ अप्रैल के बीच कोई मालगाड़ी नहीं चलेगी। जबकि गुना और कोटा के बीच मालगाडिय़ों के परिचालन जारी रहेगा। रेलवे द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार लॉक डाउन के कारण भोपाल मंडल के गुना-ग्वालियर रेल खंड पर याना से पनिहार के बीच सभी गाडिय़ों का परिचालन 10 दिन तक के लिए बंद कर दिया गया है। यात्री गाडिय़ों का परिचालन पहले ही बंद था। इस खंड में रेल सेवाएं कम होने के कारण रेलवे ने कोरोना वायरस संक्रमण रोकने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। माल परिवहन के लिए रेलवे वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करेगी।
डीआरएम उदय बोरवणकर के अनुसार न्यूनतम रेल कर्मियों को कार्य क्षेत्र पर जाना पड़े। इसके लिए रेल प्रशासन द्वारा यह कदम उठाया गया है। इस खंड में 26 मार्च से ४ अप्रैल तक मालगाड़ी का परिचालन भी बंद कर दिया जाएगा। रेलवे के कर्मचारी ट्रेनों को पूरी तरह से बंद करने की मांग कर रहे थे।
गुना से एमटी ट्रेन, लेबर भी बैठी थी
उधर, गुना स्टेशन से गुरुवार को दो एमटी ट्रेन गुजरी हैं। इनमें रेलवे की लेबर बैठी थी। लेकिन इन ट्रेनों को गुना में नहीं रोका गया। इनमें एक पुणे-ग्वालियर भी दी, जिसे ब्यावरा रोका गया। लेकिन ट्रेन में बैठे लोग सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रख रहे हैं। इसके अलावा जिस स्टेशन से ट्रेन शुरू होती है, वहां वापस श्रमिकों को लाया गया है, इससे संक्रमण का खतरा कम नहीं हुआ और बढ़ गया है। इस पर रेलवे ने ध्यान नहीं दे रहा है।
लॉक डाउन से जिले में घटे ८० प्रतिशत अपराध, ५ दिन में आए केवल ४३ केस
गुना. लॉक डाउन से एक ओर जहां हमने कोरोना वायरस की चैन की कमर तोडऩे काम किया है। वहीं अपराधों पर भी अंकुश लग गया है। सिटी कोतवाली और कैंट थाने में हर दिन १० से १२ मामले आते थे। लॉक डाउन में पांच दिन के भीतर केवल ६-६ मामले सामने आए हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो ८० प्रतिशत अपराध घट गए हैं। पांच दिन में जो मामले सामने आए, इनमें ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादा हैं और उनमें भी कच्ची शराब बेचते पकड़ाए आरोपी ज्यादा हैं। ढ़ाई महीने के भीतर सबसे ज्यादा प्रकरण कैंट और कोतवाली क्षेत्र में दर्ज हैं। तीसरे नंबर पर आरोन हैं, जहां ४ मामले सामने आए। राघौगढ़, धरनावदा और चांचौड़ा में काफी कम मामले आए।

Mohar Singh Lodhi
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