4 बेटियों के बाद भी लड़का नहीं हुआ तो पत्नी को पति देने लगा प्रताडऩा

मायके छोडऩे की बात कहकर पति ट्रैक्टर पर बिठाकर ले गया और भदौरा के जंगल में मारपीट कर भाग गया
एक ग्रामीण की मदद के बाद पैदल चलकर बमुश्किल माता-पिता के घर पहुंची उर्मिला
तीन महीने की गर्भवती है महिला, पहले ही डेढ़ माह का लड़का बीमारी से मर चुका है

By: Narendra Kushwah

Published: 06 Oct 2021, 12:04 AM IST

गुना. देश को आजाद हुए 75 साल पूर्ण हो चुके हैं। मौजूदा समय वैज्ञानिक युग कहलाता है। लेकिन इन सबके बावजूद आज भी समाज में ऐसे उदाहरण सामने आ रहे हैं जब बेटा-बेटी में फर्क देखने को मिल रहा है। ताजा मामला गुना जिले के म्याना थाना अंतर्गत ग्राम बड़ोखरा से सामने आया है। जहां एक युवक ने लड़के की चाह के कारण अपनी पत्नी को प्रताडऩा देना शुरू कर दिया। महिला ने यह प्रताडऩा करीब 3 साल तक झेली, लेकिन जब प्रताडऩा और सहनशीलता की हद पर हो गई और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के जीवन पर संकट आ खड़ा हुआ तब जाकर उसने अपनी पीड़ा परिजनों को बताई। वर्तमान में पति की प्रताडऩा से घायल महिला जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती है।
पीडि़त महिला के भाई ने बताया कि उनकी बहन उर्मिला धाकड़ की 10 साल पहले बड़ोखरा के हरवीर धाकड़ से की थी। शादी के 7 साल तक तो सब कुछ ठीक रहा। इस दौरान उनकी बहन ने चार लड़कियों को जन्म दिया। इसके बाद लड़का भी हो गया। लेकिन डेढ़ माह की उम्र में बीमारी के चलते उसकी मौत हो गई। बकौल उर्मिला, इसके बाद उसके पति हरवीर लड़के की चाह रखने लगे। उसने कई बार उनसे कहा कि लड़का या लड़की पैदा होना तो भगवान के हाथ में है। इसमें मैं या तुम क्या कर सकते हैं। लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी और लगातार हर दिन उसे मानसिक और शारीरिक प्रताडऩा देने लगे। कई महीनों तक उसने सब कुछ सहन किया। उसका मानना था कि यह विषय ऐसा है कि अपने माता-पिता को बताकर भी दूर नहीं कर सकती है। इसलिए वह सारे दुख खुद ही सहती रही। लेकिन दो अक्टूबर के दिन उनके पति हरवीर ने कुछ ज्यादा ही झगड़ा किया। वे मुझे मायके छोडऩे की बात कहकर ट्रेक्टर पर बिठाकर ले जाने लगे। इसी दौरान बीच रास्ते में अचानक से भदौरा के जंगल में ले गए और मेरी मारपीट कर मुझे वहीं छोड़कर भाग गए। वहां से किसी तरह वह गांव के रास्ते पर पहुंची और यहां एक साइकिल सवार ग्रामीण से मदद मांगी। जिसने डरते हुए मुझे बिठाकर अगले गांव से कुछ दूर छोड़ दिया। वहां से करीब दो किमी पैदल चलकर वह अपने मायके पहुंची। जहां उसने अपने माता-पिता और भाई को पूरी घटना बताई। जिसके बाद वह सबसे पहले उर्मिला को लेकर जिला अस्पताल आए और उसे भर्ती कराया। यहां बता दें कि उर्मिला वर्तमान में तीन माह के गर्भ से है। अस्पताल में हुई सोनोग्राफी और एक्सरे जांच से यह तो स्पष्ट हो गया कि महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे को अब कोई खतरा नहीं है। लेकिन पति की प्रताडऩा और लड़के की चाह की जिद ने उसे अभी भी परेशान कर रखा है। पीडि़त महिला के भाई का कहना है कि पुलिस ने बयान दर्ज कर जीरो पर कायमी कर मामले को म्याना थाना ट्रांसफर कर दिया है। लेकिन आरोपी पति अभी भी फरार बना हुआ है।
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Narendra Kushwah Reporting
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