यदि मर्यादित वस्त्र पहने जाएं तो सामने वाले के मन में कभी विकारी भाव नहीं आ सकते

पर्यूषण पर्व के छठवें दिन मना उत्तम संयम धर्म

By: praveen mishra

Published: 16 Sep 2021, 12:27 AM IST

गुना। जिसने मन और इंद्रियों को वश में कर लिया, उसे ही उत्तम संयम धर्म की प्राप्ति होती है। जिन्होंने इंद्रियों पर विजय प्राप्त कर ली, वही भगवान बनते हैं। उन्हीं की जय-जयकार होती है। हमें मात्र जय जयकार ही नहीं करना है हमें संयम साधना कर इंद्रियों को नियंत्रित करना है। इस मानव जीवन में हमें जो शरीर मिला है उसका उपयोग मात्र खाने-पीने, मौज मस्ती के लिए नहीं करना है। बल्कि इस शरीर रूपी मंदिर में संयमी रूपी मूर्ति विराजमान करना है। उक्त धर्मोपदेश मुनिश्री पदम सागरजी महाराज ने चौधरी मोहल्ला स्थित महावीर भवन में पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व के छठवें दिन उत्तम संयम धर्म पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए दिए। मुनिश्री ने कहा कि खानपान में हमेशा शुद्ध सात्विक खाओ, कपड़े पहनो तो मर्यादित, अहिंसक वस्त्र पहनो। तभी जीवन में संयम आ सकता है। मर्यादित वस्त्र यदि पहने जाएं तो सामने वाले कि मन में कभी विकारी भाव नहीं आ सकते। मुनिश्री ने का कि आज जितना भी यौनाचार बढ़ रहा है उसका मूल कारण अमर्यादित पहनावा, असंयमी जीवन शैली है। जो जितना संयमी होगा उसके जीवन में ऊर्जा, स्फूर्ति, प्रकाश, कांति आती है। मुनिश्री ने कहा कि जो ज्यादा बोलता है वह लघुता को प्राप्त होता है। इसलिए वाणी संयम एवं इंद्रिय संयम का जीवन में पालन करो। वाणी का प्रयोग अच्छे शब्दों में पूजन, भक्ति, भजन, तत्वचर्चा में करो। उससे ही हमारा कल्याण होगा।
सुगंध दशमी पर आज बजरंगगढ़ में निकलेगी हाथी फेरी
इधर पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व के मौके पर बजरंगगढ़ स्थित पुण्योदय शांतिनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र पर प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष इंजी. एसके जैन एवं मंत्री प्रदीप जैन ने बताया कि पर्यूषण पर्व के मौके पर प्रतिदिन प्रात: श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा एवं संगीतमय नित्य पूजन हो रही है। वहीं संध्याकालीन आरती एवं संगीतमय भक्तामर पाठ में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। 16 सितंबर को क्षेत्र पर धूप दशमी के मौके पर हाथी फेरी का आयोजन प्रात: अभिषेक, पूजन उपरांत किया जाएगा। वहीं 19 सितंबर को अनंत चतुर्दशी समारोह के साथ पर्वाधिराज पर्यूषण पर्व का समापन होगा। इस मौके पर शांतिनाथ मंदिर से एक भव्य पालकी यात्रा आरंभ होगी। जो क्रमश: चंद्रप्रभु जिनालय एवं पाŸवनाथ बाजार मंदिर पहुंचेगी। यहां अभिषेक एवं फूलमाल के कार्यक्रम होंगे। मंत्री प्रदीप जैन ने बताया कि पर्यूषण पर्व के दौरान प्रतिदिन संध्याकालीन आरती के लिए स्थानीय जयस्तंभ चौराहा से नि:शुल्क बस व्यवस्था जारी है।

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