scriptLakhs spent on construction of new buildings still unsafe | नए भवनों के निर्माण से लेकर पुराने भवनों के मेंटनेंस पर लाखों खर्च फिर भी असुरक्षित | Patrika News

नए भवनों के निर्माण से लेकर पुराने भवनों के मेंटनेंस पर लाखों खर्च फिर भी असुरक्षित

आम जनता के पैसे का हो रहा दुरुपयोग, जहां सबसे ज्यादा जरूरत वहां नहीं हो रहा काम
कलेक्ट्रेट का महत्वपूर्ण रिकार्ड बरसाती के भरोसे, कलेक्ट्रेट के पुराने भवन को नहीं कराया ठीक
स्थान चयन गलत, न फायर बिग्रेड सुरक्षित हो पाई और न फायर स्टेशन का उपयोग

गुना

Updated: July 12, 2022 12:59:14 am

गुना. कलेक्टे्रट की रिकार्ड शाखा इस समय बरसाती के भरोसे है। यहां रखे अह्म दस्तावेजों को बारिश के पानी से बचाने के लिए तरह-तरह के जतन किए जा रहे हंै। भवन की कच्ची छत से लेकर रिकार्ड को पॉलीथिन से ढका जा रहा है। भवन की वर्तमान हालत को देखते हुए इतने इंतजाम के बाद भी रिकार्ड असुरक्षित बना हुआ है। इसके अलावा करोड़ों रुपए के फायर बिग्रेड वाहन खुले आसमान के नीचे रखे हैं। जो इस समय बारिश और धूप का सामना कर रहे हैं। यह स्थिति भी तब है जब नगर पालिका लाखों रुपए खर्च कर नया फायर स्टेशन बनवा चुकी है। लेकिन इसका उपयोग आज तक नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि नवनिर्मित भवन धीर-धीरे खंडहर होता जा रहा है। कुल मिलाकर नई कलेक्टे्रट भवन को छोड़कर ज्यादातर सरकारी कार्यालयों के भवनों की स्थिति ठीक नहीं है। शासन से मिलने वाले बजट का सही उपयोग न होने से यह स्थिति बनी है। जहां सबसे ज्यादा जरुरत है वहां भवन का निर्माण नहीं कराया गया। यही नहीं पुराने भवनों का ठीक से मेंटनेंस न होने से यह भवन धीरे-धीरे और ज्यादा जर्जर होते जा रहे हैं।
-
नए भवनों के निर्माण से लेकर पुराने भवनों के मेंटनेंस पर लाखों खर्च फिर भी असुरक्षित
नए भवनों के निर्माण से लेकर पुराने भवनों के मेंटनेंस पर लाखों खर्च फिर भी असुरक्षित,नए भवनों के निर्माण से लेकर पुराने भवनों के मेंटनेंस पर लाखों खर्च फिर भी असुरक्षित,नए भवनों के निर्माण से लेकर पुराने भवनों के मेंटनेंस पर लाखों खर्च फिर भी असुरक्षित
किस कार्यालय की क्या है स्थिति
-
रिकार्ड शाखा : बेहद महत्वपूर्ण यह शाखा वर्तमान में पुरानी कलेक्ट्रेट के भवन में है। जिसकी हालत बेहद जर्जर है। स्थिति यह है कि भवन की दीवारों से सीमेंट का मलबा हर दिन टपक रहा है। छत पुराने जमाने की लकड़ी से निर्मित है। जरा सी बारिश होने पर रिकार्ड रूम में पानी आने लगता है। यह देखते हुए स्टाफ ने रिकार्ड को बचाने बरसाती चढ़ा रखी है। लेकिन यदि तेज और लगातार बारिश हो गई तो यह इंतजाम रिकार्ड को सुरक्षित रखने में नाकाम साबित होंगे। वहींं यहां कार्यरत स्टाफ को टॉयलेट व शौचालय की व्यवस्था इस भवन में नहीं है। पुरानी कलेक्टे्रट के भवन के एक हिस्से में मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई गुना-2 के महाप्रबंधक का कार्यालय भी है। जिसकी छत से भी कुछ जगह पानी टपकता है। पत्रिका टीम जब यहां पहुंची तो कुछ कर्मचारियों ने छत से पानी आने की बात तो कही लेकिन बाद में वह डर गए। उन्हें आशंका थी कि समस्या सामने आने के बाद संबंधित विभाग के मुखिया कहीं उनसे ही पूछताछ न करने लगें।
-
तहसील कार्यालय गुना ग्रामीण
स्थिति : यह कार्यालय एबी रोड पर उद्योग विभाग के ठीक सामने स्थित है। वर्षों पुराने भवन में यह कार्यालय संचालित है। छत पर टीनशेड चढ़ा है। तेज बारिश होने पर कुछ जगहों से पानी रिसकर आता है। तहसील प्रांगण में छाया और बारिश से बचने कोई इंतजाम नहीं है। स्टाफ से लेकर ग्रामीणों को धूप और बारिश से बचने अपने स्तर पर ही व्यवस्था देखनी पड़ती है। वाहनों को रखने के लिए भी कोई व्यवस्थित इंतजाम नहीं किए गए हंै।
-
नई कलेक्ट्रेट भवन : इसके निर्माण पर करीब 22 करोड रुपए खर्च हुए हैं। लेकिन इसके बावजूद यह भवन बारिश से सुरक्षित नही है। यहां बना डॉम काफी समय पहले तेज आंधी और बारिश से फट चुका है। जिसे अभी तक सुधारा भी नहीं जा सका। जिसके कारण इस समय बारिश होने पर प्रथम तल पर पानी जमा हो रहा है। बिल्डिंग निर्माण में सबसे बड़ी खामी जल निकासी की है। इस वजह से बारिश के पानी को बाहर नहीं निकाल पा रहे हैं।
-
फायर स्टेशन : पुलिस कंट्रोल रूम के पास गोपालपुरा मैदान है। इसके एक छोर पर फायर स्टेशन कार्यालय का निर्माण नगर पालिका ने लाखों रुपए खर्च कर कराया है। इसे बने हुए एक साल होने को है लेकिन इसका उपयोग आज तक नहीं हो सका है। इसकी सबसे बड़ी वजह गलत स्थान चयन है। इसके ठीक पास में नपा का ट्रेंचिंग ग्राउंड है। जहां शहर के एक बड़े हिस्से का कचरा कलेक्शन करने के बाद डंप किया जाता है। इस वजह से पूरे इलाके में बदबू आती रहती है। वहीं फायर स्टेशन के चारों ओर न तो बाउंड्रीवॉल बनाई गई है और न ही फायर बिग्रेड रखने टीनशेड लगाया गया है। सबसे गंभीर बात तो यह है कि फायर स्टेशन तक जाने के लिए पहुंच मार्ग तक नहीं है। मैदान की जो हालत है उसमें फायर बिग्रेड बीच रास्ते में ही फंस जाएगी। इस तरह उपयोगविहीन फायर स्टेशन कार्यालय धीरे-धीरे खंडहर होता जा रहा है। वर्तमान में यहां बने टॉयलेट व शौचालय के गेट टूट चुके हैं। सामान एक-एककर चोरी होने लगा है। वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपए के फायर बिग्रेड वाहन खुले में रखने से धूप और बारिश का सामना कर खराब हो रहे हैं। इस समय फायर स्टेशन कार्यालय बेहद जर्जर भवन से संचालित हो रहा है। जहां कार्यरत स्टाफ को हर समय खतरा बना हुआ है। भवन की दीवारों में काफी चौड़ी दरारें आ चुकी हैं। फर्श जमीन में धंसता जा रहा है। इस भवन की यह हालत बीते तीन सालों से है। जिसकी जानकारी नपा के जिम्मेदार अधिकारियों को है, फिर भी वह सब कुछ जानकर अनजान बने हुए हैं। वर्तमान में फायर स्टेशन कार्यालय जिला यातायात कार्यालय परिसर में बने भवन में संचालित है।
-
अति आवश्यक वाहनों की सुरक्षा भी बेहद जरूरी
गुना नगर पालिका परिषद के पास तीन फायर बिग्रेड हैं। जिनकी कीमत लाखों रुपए है लेकिन इनकी सुरक्षा का कतई ख्याल नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को नही है। यही कारण है कि इतने सालों से फायर बिग्रेड वाहनों को गर्मी के मौसम में धूप तथा बारिश के दिनों में पानी से बचाने के लिए टीनशेड तक नहीं लगवाया गया। जिसके कारण वाहनों में अंदरुनी खराबी के साथ-साथ बाहर की बॉडी भी प्रभावित हो रही है। तकनीकी जानकारी बताते हैं कि इतने कीमती और महंगे वाहनों को लगातार धूप और बारिश से बचाए जाना जरूरी है। इसका फर्क इनकी सर्विस पर भी पड़ता है। वहीं इनका मेंटनेंस बहुत महंगा रहता है। एक बार वाहन में खराबी आई तो उसे ठीक कराने में बहुत परेशानी आती है।
नए भवनों के निर्माण से लेकर पुराने भवनों के मेंटनेंस पर लाखों खर्च फिर भी असुरक्षितनए भवनों के निर्माण से लेकर पुराने भवनों के मेंटनेंस पर लाखों खर्च फिर भी असुरक्षितनए भवनों के निर्माण से लेकर पुराने भवनों के मेंटनेंस पर लाखों खर्च फिर भी असुरक्षितनए भवनों के निर्माण से लेकर पुराने भवनों के मेंटनेंस पर लाखों खर्च फिर भी असुरक्षितनए भवनों के निर्माण से लेकर पुराने भवनों के मेंटनेंस पर लाखों खर्च फिर भी असुरक्षितनए भवनों के निर्माण से लेकर पुराने भवनों के मेंटनेंस पर लाखों खर्च फिर भी असुरक्षित

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon Alert : राजस्थान के आधे जिलों में कमजोर पड़ेगा मानसून, दो संभागों में ही भारी बारिश का अलर्टमुस्कुराए बांध: प्रदेश के बांधों में पानी की आवक जारी, बीसलपुर बांध के जलस्तर में छह सेंटीमीटर की हुई बढ़ोतरीराजस्थान में राशन की दुकानों पर अब गार्ड सिस्टम, मिलेगी ये सुविधाधन दायक मानी जाती हैं ये 5 अंगूठियां, लेकिन इस तरह से पहनने पर हो सकता है नुकसानस्वप्न शास्त्र: सपने में खुद को बार-बार ऊंचाई से गिरते देखना नहीं है बेवजह, जानें क्या है इसका मतलबराखी पर बेटियों को तोहफे में देना चाहता था भाई, बेटे की लालसा में दूसरे का बच्चा चुरा एक पिता बना किडनैपरबंटी-बबली ने मकान मालिक को लगाई 8 लाख रुपए की चपत, बलात्कार के केस में फंसाने की दी थी धमकीराजस्थान में ईडी की एन्ट्री, शेयर ब्रोकर को किया गिरफ्तार, पैसे लगाए बिना करोड़ों की दौलत

बड़ी खबरें

जम्मू-कश्मीर के रामबन में लैंडस्लाइड व बादल फटने से दो लोगों की मौत, हिमाचल के कुल्लू में कई दुकानें बहींVP Jagdeep Dhankhar: 'किसान पुत्र' जगदीप धनखड़ ने ली उपराष्ट्रपति पद की शपथ, झुंंझुनू सहित पूरे राजस्थान में जश्न का माहौलMaharashtra: महाराष्ट्र में स्टील कारोबारी पर इनकम टैक्स का छापा, करोड़ों रुपये कैश सहित बेनामी संपत्ति जब्तJammu-Kashmir: उरी जैसे हमले की बड़ी साजिश हुई फेल, Pargal आर्मी कैंप में घुस रहे 3 आतंकी ढेरममता बनर्जी को एक और झटका, अब पशु तस्करी केस में TMC नेता अनुब्रत मंडल को CBI ने किया गिरफ्तारकाले कारनामों को छिपाने के लिए 'काला जादू' जैसे अंधविश्वासी शब्दों का इस्तेमाल करें बंद, राहुल गांधी ने PM मोदी पर साधा निशानाखाटूश्यामजी हादसा: श्याम मंदिर कमेटी अध्यक्ष सहित पांच पदाधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया, हादसे को लेकर पूछताछ जारीदिल्ली में मास्क पहनना फिर अनिवार्य, जानें नए नियम और पेनालिटी
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.