मीटर बंद, आकलित खपत और फिक्स चार्ज के नाम पर ठगी

रीजन में सवा सात लाख और गुना सर्कल में दस हजार मीटर बंद

By: दीपेश तिवारी

Published: 25 Apr 2018, 01:39 PM IST

गुना। गुना सर्कल में आजकल बिजली कंपनी का मनमाना राज चल रहा है। जहां एक ओर ग्वालियर रीजन में लगभग सवा सात लाख विद्युत मीटर बंद हैं, इनमें गुना सर्कल में ही बंद पड़े दस हजार से अधिक विद्युत मीटर भी शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में मीटरों के न होने के बाद 120 यूनिट आकलित खपत का बिल उपभोक्ताओं को थमाया जा रहा है। वहीं दूसरी और बीपीएल उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज 45 रुपए प्रति कनेक्शन की जगह 120 और 140 रुपए वसूला जा रहा है। वहीं उपभोक्ता बिल दुरुस्त कराने बिजली कंपनी द तर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।

ये है नियम
बिजली कंपनी के नियमानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में जहां मीटर नहीं लगे वहां आकलित खपत बिल 75 यूनिट प्रतिमाह दिया जा सकता है। इसी तरह बीपीएल सूची में प्रति कनेक्शन फिक्स चार्ज 45 रुपए प्रति कनेक्शन बिजली कंपनी ले सकती है। लेकिन इसके उलट चार्ज बिल में लगाए जा रहे हैं और जबरिया वसूले जा रहे हैं।

55 हजार से अधिक उपभोक्ता हैं बकाएदार
बिजली कंपनी के सूत्रों के अनुसार गुना सर्कल में लगभग ६० हजार बगैर मीटर वाले विद्युत उपभोक्ता हैं, जिन पर लगभग 8० करोड़ 23 लाख 33 हजार 583 रुपए बकाया है। वैसे तो गुना सर्कल में 37० करोड़ रुपए बिजली कंपनी की बकाया राशि यहां के उपभोक्ताओं पर बकाया राशि पूर्व से चल रही है।

उधर, फिक्स चार्ज के रूप में वसूला दो करोड़ बकाया हैं। बताया जाता है बिजली कंपनी ने फिक्स चार्ज के रूप में कुछ समय में ही लगभग दो करोड़ 7 लाख 21 हजार 43० रुपए वसूले हैं।

गुना में 10000, रीजन में 7.5 लाख मीटर बंद
सूत्रों ने बताया कि ग्वालियर रीजन में बंद साढ़े सात लाख विद्युत मीटरों में गुना सर्कल के ही अकेले लगभग दस हजार विद्युत मीटर बंद हैं। ग्वालियर रीजन में 6 लाख 74 हजार 627 घरेलू मीटर, 34 हजार 556 गैर घरेलू मीटर, जल प्रदाय और सडक़ बत्ती के 2937, उद्योग के 4677 और कृषि सिंचाई पंप के 1858 और अन्य 92 कुल मिलाकर 7 लाख 18 हजार मीटर बंद हैं। गुना सर्कल में दस हजार से अधिक ऐसे विद्युत उपभोक्ता हैं जिनके विद्युत मीटर लंबे समय से बंद हैं।

बीपीएल उपभोक्ताओं के भी मीटर बंद
इनमें देखा जाए तो ग्वालियर रीजन में बीपीएल, एससी-एसटी कनेक्शन धारी उपभोक्ता दो लाख 84 हजार 24 हैं, जिनमें दो लाख 13 मीटर बंद पड़े हुए हैं। सिंगल फेज के विद्युत मीटर अधिक हैं। विद्युत मीटर बदलने के लिए लगातार शिकायत की जा रही है, मगर कंपनी के अधिकारी मीटर न होने की जानकारी दे रहे हैं।

कलेक्ट्रेट में शिकायतों का लग रहा अंबार
कई घरों में मीटर न होने के बाद मनमानी आंकलित खपत और मनमाना फिक्स चार्ज लगाकर अवैध रूप से पैसा वसूले जाने की शिकायत लगातार बिजली कंपनी के अधिकारियों से की जा रही है लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं हैं। ऐसे ही कई मामले कलेक्टर की जनसुनवाई में भी आ रहे हैं। कई मामलों में तो मीटर खराब होने पर उल्टा उपभोक्ता को ही दोषी करार ठहरा दिया जाता है और उससे मीटर की राशि भी वसूली जाती है।

दीपेश तिवारी
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