नुकसान का सर्वे: हर तहसील में नष्ट हुई 30 से 40 करोड़ की फसल

नुकसान का सर्वे: हर तहसील में नष्ट हुई 30 से 40 करोड़ की फसल

Deepesh Tiwari | Updated: 12 Oct 2019, 04:36:32 PM (IST) Guna, Guna, Madhya Pradesh, India

नुकसान के पत्रक हो रहे तैयार, प्रशासन ने सरकार को भेजी 105 करोड़ की डिमांड...

गुना। अतिवृष्टि से बर्बाद हुई सोयाबीन और उड़द की फसल के लिए प्रशासन ने राहत राशि की डिमांड सरकार को भेजी है। प्रशासन ने पूर्व आंकलान के अनुसार 105 करोड़ रुपए की मदद मांगी है। इसमें गुना और मधुसूदनगढ़ में सबसे ज्यादा मांग आई है।

जिले में 27 हजार हेक्टेयर में उड़द की बोवनी की थी, जो अतिवृष्टि से पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। किसानों ने इस फसल को काटने के बजाय उसमें जानवर छोड़ दिए। सोयाबीन की बोवनी 2.36 लाख हेक्टेयर में हुई, जो 50 से 70 प्रतिशत नष्ट हो गई। इससे नुकसान काफी ज्यादा बढ़ गया। जिले में 1325 गांव हैं और हर गांव में नुकसान हुआ है।


यहां ज्यादा नुकसान
गुना शहरी एवं ग्रामीण, आरोन, मधुसूदनगढ़, कुंभराज में काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। बमोरी, चांचौड़ा, राघौगढ़ में भी काफी ज्यादा फसल बर्बाद हुई है। शुरुआती आंकलन में कुछ तहसीलों में कम नुकसान हुआ था, लेकिन बाद में लगातार बारिश होने से फसल बर्बाद होती चली गई।

पटवारी तैयार कर रहे पत्रक
नुकसान की जानकारी सामने आने के बाद पटवारी पत्रक तैयार कर रहे हैं। हालांकि अभी तक शासन स्तर से मुआवजा राशि देने के लिए कोई आदेश नहीं आए हैं।

इसके अलावा ना ही राशि आई है। सूत्रों ने बताया कि प्रशासन ने शुरुआत में 105 करोड़ की डिमांड भेजी थी, लेकिन नुकसार 250 करोड़ से ज्यादा का हो गया है। हर तहसील से करीब 30 से 40 करोड़ के नुकसान हुआ है।


जानकारी नहीं कर पाए एकत्रित
उधर, नुकसान की जानकारी पटवारी एकत्रित नहीं कर पाए हैं। शुरुआत में जो डिमांड भेजी गई है, उसके के आधार पर भी सहायता राशि आ सकती है, लेकिन दो दिन से तहसीलदार नहीं हैं तो पटवारी और आरआई जानकारी संकलित नहीं कर पाए।

राज्य शासन से गुना तहसील ने 9 करोड़, कुंभराज ने 12, मधुसूदनगढ़ तहसील ने 24 करोड़ सहित कुल 105 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद मांगी है।

इस तरह आफत के रूप में हुई थी बारिश
इस साल औसत से ज्यादा पानी गिरा। जिले में 6 स्थानों से वर्षा मापी जाती है और सभी जगह बारिश ने पिछले आंकड़ ध्वस्त कर दिए।
तहसील : बारिश (मिमी में)
गुना : 1730.7
बमोरी : 1662.0
आरोन : 1704.0
राघौगढ़ : 1638.0
चांचौड़ा : 1483.0
कुंभराज : 1835.5
औसत : 1683.0

तहसीलदारों की सामूहिक छुट्टी से काम हो रहा प्रभावित
पटवारियों की हड़ताल से जहां सर्वे लेट हो गया था, इसके बाद तहसीलदार और नायब तहसीलदार सामूहिक छुट्टी पर चले गए हैं। सर्वे का काम पटवारी और आरआई के भरोसे है। तहसीलदारों को नुकसान के गणना पत्रक तैयार कराने थे, लेकिन पटवारी 10 से 13 अक्टूबर सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं।

इससे न केवल सर्वे का काम प्रभावित हो रहा है, बल्कि दूसरों कामों में भी तहसील पिछड़ गई हैं। तहसीलदारों के कोटों में मामलों की पेंडेंसी बढ़ गई है। किसान हर दिन तहसीलों में काम के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन तहसीलदार नहीं मिलने से उनको निराश होकर लोटना पड़ रहा है।

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