पत्रिका बिग इश्यू : सिर्फ नाम का  रुठियाई  उप नगर पालिका कार्यालय

- सप्ताह में तो क्या महीने में एक दिन भी नहीं बैठते अधिकारी
- आधा सैकड़ा गांव के लोगों को अपने सभी काम करवाने जाना पड़ता है अनुविभाग मुख्यालय
मामला जिले की सबसे धनी नगर पालिका राघौगढ़ का
- वर्षों पहले रुठियाई में नगर पालिका का उप कार्यालय तो बनाया लेकिन संचालन आज तक नहीं हुआ

By: Narendra Kushwah

Published: 15 Sep 2021, 11:30 PM IST

गुना/धरनावदा. बजट के मामले में जिले की सबसे धनी मानी जाने वाली राघौगढ़ नगर पालिका के नागरिक बेहद परेशान हैं। इसकी मुख्य वजह है वार्डों की अधिक दूरी। इस समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने जो व्यवस्था बनाई थी, उसका पालन आज तक नहीं हो सका है। जिसके कारण दूरस्थ स्थित वार्डों के नागरिकों को राघौगढ़ तक जाना पड़ रहा है। ऐसे में नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ तो पड़ ही रहा है। साथ ही उनका कीमत समय भी नष्ट हो रहा है। नागरिकों की समस्या यहीं जाकर खत्म नहीं रही क्योंकि राघौगढ़ जाने के बाद भी एक दिन में उनका कोई भी काम नहीं हो पात। जिसके कारण उन्हें कई बार राघौगढ़ नपा के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक जिले में दो नगर पालिका हैं इनमें एक गुना है और दूसरी राघौगढ़ है। गुना नगर पालिका में जहां 37 वार्ड हैं, वहीं राघौगढ़ नपा में 24 वार्ड हैं। गुना के किसी भी वार्ड की दूरी 5 किमी से अधिक नहीं है। जबकि राघौगढ़ में कई ऐसे वार्ड हैं जिनकी दूरी 7 से 15 किमी दूर पड़ती है। नागरिकों की यही मूल और गंभीर समस्या है। इस ओर न तो राघौगढ़ नपा और न ही स्थानीय व जिला प्रशासन ध्यान दे रहा है। यहां बता दें कि शुरूआत में राघौगढ़ को नगर पालिका का दर्जा मिलने में कई तरह की तकनीकी दिक्कते आईं। जिसे दूर करने के लिए विजयपुर, धरनावदा, डोंगर, पाडऱखेड़ी और रुठियाई जैसी दूरस्थ पंचायतों को वार्ड के रूप में मिला लिया गया। शासन-प्रशासन को इस बात का ज्ञान भलीभांति पहले से ही था, इसलिए नागरिकों की परेशानी को दूखते हुए रुठियाई में राघौगढ़ नगर पालिका का उपकार्यालय बना दिया गया। जिसके नियमित संचालन के लिए एक व्यवस्था भी बनाई गई। जिसके तहत सप्ताह में कम से कम तीन दिन सीएमओ व अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी रुठियाई उपकार्यालय में बैठेंगे और क्षेत्रीय जनता के काम करेंगे। ताकि उन्हें राघौगढ़ तक न आना पड़े। स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक यह व्यवस्था मुश्किल से आगामी दो-तीन दिन ही चल सकी। तब से लेकर आज तक राघौगढ़ नपा के सीएमओ या अन्य कोई भी अधिकारी रुठियाई उपकार्यालय में बैठे नहीं देखे गए।
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किस वार्ड की कितनी दूरी
राघौगढ़ को नगर पालिका का दर्जा दिलाने दूरस्थ स्थित गांवों को मिलाकर वार्ड की संख्या तो पूरी कर ली गई लेकिन नागरिकों की परेशानी को बढ़ा दिया है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यदि राघौगढ़ नपा कार्यालय से अन्य वार्डों की दूरी देखें तो 7 से 15 किमी पड़ती है। वहीं प्रशासन द्वारा रुठियाई पर जो उपकार्यायल बनाया गया है वहां से ग्राम डोंगर की दूरी 7 किमी, पाडरखेड़ी 5 किमी तथा चूना भट्टी 3 किमी पड़ता है।
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राघौगढ़ जाने का एक साइड का ऑटो किराया 50 रुपए
राशन कार्ड बनवाना हो या फिर परिवार के किसी सदस्य का नाम जुड़वाना या हटवाना हो। पीएम आवास से जुड़ा कोई भी काम हो, जाना पड़ेगा राघौगढ़ नगर पालिका कार्यालय। यहां स्टाफ की कार्यप्रणाली ऐसी है कि कोई भी साधारण सा काम हो एक दिन में होता ही नहीं है। आमजन के लिए यह समस्या तो आम हो चुकी है। लेकिन यह समस्या उन वार्डवासियों के लिए ज्यादा गंभीर है, जिनके वार्ड से राघौगढ़ नगर पालिका कार्यालय की दूरी 7 से 15 किमी तक पड़ती है। ऐसे में कई नागरिक ऑटो से भी राघौगढ़ तक आते हैं। उन्हें एक साइड का ही किराया 50 रुपए पड़ता है यानि कि दोनों तरफ से 100 रुपए। यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ गरीब लोगों के लिए बहुत दुखदायी बना हुआ है।

Narendra Kushwah Reporting
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