scriptMonday Mega Story: What will happen from now onwards after crores of N | मंडे मेगा स्टोरी : करोड़ों की नलजल योजना के अभी से यह हाल तो बाद में क्या होगा | Patrika News

मंडे मेगा स्टोरी : करोड़ों की नलजल योजना के अभी से यह हाल तो बाद में क्या होगा

हैंडओवर से पहले ही करोड़ों की नलजल योजना की खुली पोल
जगह-जगह से उखड़ी पाइप लाइन, टोंटी स्टैंड भी टूटे
स्टोर टैंक, पेयजल वितरण पाइप लाइन की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
हर घर को नहीं मिल रहा पानी, खेतों पर लगे ट्यूबवैल से ढोने को मजबूर ग्रामीण

गुना

Published: February 21, 2022 12:28:38 am

गुना/धरनावदा . हर घर को पेयजल मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही जल जीवन मिशन योजना के गुना जिले में बहुत बुरे हाल हैं। जिले के जिन ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय योजना के तहत नलजल योजना का काम किया जा रहा है, वहां से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। ताजा मामला राघौगढ़ नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत आने वाली धरनावदा पंचायत का सामने आया है। जिसकी कुल आबादी करीब 5 हजार है। जहां शुरूआती दौर में ही नलजल योजना के निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितता सामने आ चुकी हैं। टंकी निर्माण से लेकर ट्यूबवैल उत्खनन के स्थल चयन पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं पाइप लाइन को जमीन में बहुत कम गहराई में दबाया गया है। जिन पाइपों का उपयोग किया गया है, उनकी गुणवत्ता की पोल पहली टेस्टिंग में ही खुल चुकी है।यही नहीं ट्यूबवैल में लोकल कंपनी की मोटर का उपयोग किया गया है जो अभी से खराब होने लगी है। कुल मिलाकर करोड़ों रुपए की नलजल योजना की जमीनी हकीकत तीन महीने में जनता के सामने आ चुकी है। ग्रामीण लगातार अधिकारियों को मामले से अवगत करा रहे हैं लेकिन न तो गुणवत्ता में सुधार लाया जा रहा है और न ही घटिया काम करने वालों पर कार्रवाई। ऐेेेसे में करोड़ों खर्च होने के बाद भी इस योजना का लाभ धरनावदा पंचायत वासियों को कितने दिन ठीक से मिल पाएगा, इसे लेकर बड़ा सवाल है।
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मंडे मेगा स्टोरी :  करोड़ों की नलजल योजना के अभी से यह हाल तो बाद में क्या होगा
मंडे मेगा स्टोरी : करोड़ों की नलजल योजना के अभी से यह हाल तो बाद में क्या होगा

अभी यह काम बाकी
करोड़ों की लागत से धरनावदा पंचायत में जलजीवन मिशनके तहत नलजल योजना का काम चल रहा है। अभी तक यहां पेयजल पाइप लाइन बिछाने, ग्राउंड लेवल पर पानी स्टोर करने एक टैंक बनाया जा चुका है।वहीं उसे भरने के लिए दो ट्यूववैल लगाए जा चुके हैं।लेकिन अभी ओवर हैंड टैंक नहीं बना है।वर्तमान में पुरानी नलजल योजना के ओवर हैड टैंक का ही इस्तेमाल किया जा रहा है।लीक होने पर इसे दुरुस्त कर लिया जाता है।
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ग्रामीणों की जुबानी नलजल योजना की कहानी
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सरकार ने अच्छी योजना शुरू की है लेकिन काम की गुणवत्ता बेहद खराब है। अभी से ही जगह-जगह पाइप लाइन उखड़ चुकी है।पाइपों के ज्वाइंटों पर क्लेम नहीं लगाए गए हैं। नालियों का पानी पेयजल पाइप लाइन में जा रहा है। जिससे लोगों के घरों तक गंदा पानी पहुंच रहा है।
नितिन शर्मा, समाज सेवी
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नलजल योजना के तहत कोई भी काम ठीक तरह से नहीं किया गया है। यह पहली योजना है जिसमें पानी स्टोर करने के लिए दो टैंक बनाए जा रहे हैं। अभी सिर्फ एक ही बना है।जो जमीनी स्तर पर है, दूसरा ओवर हैड टैंक बनाया जाना है। वर्तमान में पुराने टैंक का ही उपयोग किया जा रहा है।
अशोक रजक, ग्रामीण
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सरकारी बजट का कैसे दुरुपयोग किया जाता है, इसका उदाहरण है धरनावदा की यह नलजल योजना। जहां टंकी से एक किमी दूर ट्यूबवैल लगाए गए हैं ताकि इतनी दूरी तक अलग से लाइन बिछानी पड़े। वहीं सामान इतना घटिया क्वालिटी का उपयोग में लाया गया है कि अभी से ही बार-बार मोटर और स्र्टाटर खराब हो रहे हैं।
हरिसिंह सोलंकी, ग्रामीण
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नलजल योजना के तहत पाइपों को बहुत कम गहराई कर दबाया गया है।टेस्टिंग पीरियड में ही यह पाइप पानी के दबाव से बाहर आ गए।जबकि पंचायत द्वारा निर्मित नलजल योजना में पाइप 6 फुट गहराई पर डाले गए थे।
बादशाह खान, ग्रामीण
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नलजल योजना के तहत कराए जा रहे गुणवत्ताहीन काम की लगातार अधिकारियों से शिकायत की जा रही है। लेकिन न तो काम में सुधार आ रहा है और न ही दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है।ऐसे में समझ के परे है कि इस योजना का लाभ ग्रामीणों को कब तक ठीक ढंग से मिल पाएगा।
सौरभ शर्मा, ग्रामीण
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यह बोले जिम्मेदार
नलजल योजना के निर्माण में जो भी शिकायत आ रही हैं, हम उन्हें गंभीरता से लेकर दुरुस्त करवा रहे हैं। जो भी कमी ैसामने आ रही हैं उन्हें दूर करने के लिए ठेकेदार के पास डेढ़ माह का समय होता है। सभी कमियां पूरा होने पर ही योजना को हैंडओवर किया जाएगा।जहां तक नलजल योजना की डीपी से अवैध कनेक्शन जोडऩे का सवाल है तो हम बिजली कंपनी को सूचना देकर कार्रवाई के लिए कहेंगेे।
सुधीर नीखरा, सहायक यंत्री पीएचई विभाग
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पंचायत में जो नलजल योजना का काम चल रहा है। उसकी कुल लागत क्या है, निर्माण एजेंसी कौन है, यह कब तक पूरा होगा, इस संबंध में मुझे कोईजानकारी नहीं है।
निरपत सिंह चौहान, सचिव
ग्राम पंचायत धरनावदा

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